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तेजास्थली में बालिकाओं की प्रस्तुतियां देख अ​भिभूत हुए राज्यपाल कलराज मिश्र, दे​खिए तस्वीरें

राज्यपाल कलराज मिश्र मूण्डवा के वीर तेजा महिला शिक्षण एवं शोध संस्थान के वार्षिकोत्सव में हुए शामिल

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तेजास्थली में बालिकाओं ने किए जिम्ना​स्टिक के शानदार प्रदर्शन

तेजास्थली में बालिकाओं ने किए जिम्ना​स्टिक के शानदार प्रदर्शन

मूण्डवा (नागौर). 'हमारे यहां प्राचीन काल से ही महिलाओ को देवी और शक्ति रूप में पूजा जाता है। हमारे समाज में महिला शिक्षा का महत्व रहा है। भारत सरकार ने इसी सोच को लेकर 'बेटी बचाओ-बेटी पढाओ' अभियान शुरू किया, जिसके अच्छे परिणाम प्राप्त हुए है, लेकिन अब भी बहुत अधिक वृद्धि नहीं हुई है। महिला शिक्षा आज के समय की आवश्यकता है और इसी से महिला सशक्तीकरण संभव है। महिलाएं सशक्त होंगी तो देश सशक्त होगा और आगे बढ़ेगा और यह काम मूण्डवा के तेजा स्थली में हो रहा है।'
यह बात राजस्थान के राज्यपाल कलराज मिश्र ने बुधवार को नागौर के मूण्डवा स्थित वीर तेजा महिला शिक्षण एवं शोध संस्थान के वार्षिकोत्सव में बतौर मुख्य अतिथि कही।

उन्होंने कहा कि मुझे खुशी है कि नागौर जैसे जिले के सुदूर क्षेत्र मूण्डवा में ग्रामीण परिवेश की गरीब और जरूरतमंद बालिकाओं की शिक्षा के लिए यह संस्थान पिछले 20 सालों से काम कर रहा है और कई अच्छे परिणाम दिए हैं। उन्होंने कार्यक्रम में बालिकाओं की ओर से प्रस्तुत किए गए सांस्कृतिक कार्यक्रम और जिम्नास्टिक खेल की सराहना करते हुए कहा कि यदि मुझे इन बालिकाओं को नम्बर देने के लिए कहें तो मैं इन्हें शत-प्रतिशत नम्बर दूंगा। उन्होंने कहा कि लोक देवता वीर तेजाजी को नमन करते हुए कहा कि तेजाजी ने अपना जीवन दूसरों के लिए समर्पित कर दिया, उसी लक्ष्य और आदर्शों को लेकर यह संस्थान संचालित हो रहा है और बालिकाओं को शिक्षित कर रहा है। इस संस्थान की खास बात यह है यहां जाति और धर्म का भेद किए बिना हर वर्ग की बालिकाएं शिक्षा प्राप्त कर रही हैं। इस अवसर पर उन्होंने संस्थान में नवनिर्मित महिला छात्रावास भवन का लोकार्पण भी किया।

छात्राओं का प्रदर्शन छात्रों से अच्छा
राज्यपाल मिश्र ने कहा कि आजकल मैं विश्वविद्यालयों के दीक्षांत समारोह में जाता हूं। वहां मैंने 60 से 80 फीसदी स्वर्ण पदक छात्राओं को दिए हैं। पढ़ाई में छात्राएं, छात्रों से आगे निकल रही हैं। उन्होंने कहा कि बेटियां वरदान होती हैं, जो घर में प्रसन्नता व उत्साह के वातावरण का निर्माण करती है, उन्हें आगे बढऩे के अवसर मिलने चाहिए, जिससे कि हम समानता के स्वप्न को साकार कर सकें। राज्यपाल मिश्र ने संस्थान के अध्यक्ष सीआर चौधरी की ओर से रखी गई मांग को लेकर कहा कि मुझसे जो भी उम्मीद है, उसे मैं पूरा करने का प्रयास करूंगा। मिश्र ने भामाशाह धर्म कुलरिया का आभार जताते हुए कहा कि हमारे समाज में ऐसे भामाशाह हैं, जिनकी बदौलत शिक्षा के क्षेत्र में बेहतर काम हो रहे हैं।

आप पढ़ाई करें, धन हम देंगे
कार्यक्रम की अध्यक्षता कर रहे भामाशाह धर्म कुलरिया ने कहा कि बालिकाओं से समाज को बड़ी उम्मीद है। इसलिए यह सब खर्च हो रहा है। उन्होंने बालिकाओं से कहा कि वे अपनी पढ़ाई पर ध्यान दें, धन की कमी नहीं आने देंगे। उन्होंने कहा कि संस्थान की ओर से उन्हें जो भी जिम्मेदारी दी जाएगी, वह सहर्ष पूरा करेंगे। कुलरिया ने कहा कि आप केवल अपने लक्ष्य पर नजर रखें, चाहे रास्ते में कितनी बाधाएं आएं, उन्हें पार करते हुए आगे बढ़े। कार्यक्रम के बाद भामाशाह कुलरिया ने संस्थान के नाम 25 लाख रुपए का चेक राज्यपाल मिश्र की मौजूदगी में अध्यक्ष सीआर चौधरी को सौंपा। कार्यक्रम को संबोधित करते हुए अध्यक्ष सीआर चौधरी ने बताया कि 38 बालिकाओं से शुरू हुआ यह संस्थान आज वटवृक्ष बन चुका है। चौधरी ने कहा कि शिक्षा के क्षेत्र में लड़कियां, लडक़ों से पीछे नहीं हैं, हमारी बच्चियां केवल पढऩे में ही नहीं, बल्कि खेलकूद में भी सबसे आगे हैं और राष्ट्रीय व अंतरराष्ट्रीय स्तर पर अपना परचम लहराया है। संस्थान निदेशक जंवरीलाल शर्मा ने संस्थान की वार्षिक प्रगति विवरण प्रस्तुत किया। कार्यक्रम में संस्थान की बालिकाओं ने शानदार सांस्कृतिक कार्यक्ररों की प्रस्तुति दी। इसके बाद संस्थान में शिक्षा व खेल के क्षेत्र में उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाली बालिकाओं को राज्यपाल मिश्र ने सम्मानित किया गया। कार्यक्रम में संस्थान की बालिका प्रवीण प्रजापत ने राज्यपाल को स्कैच से बना छायाचित्र भेंट किया।

ये रहे मौजूद
वार्षिकोत्सव में मंच संस्थान सचिव सुखराम फिड़ौदा व विशिष्ट अतिथि शीतल दुगड़ भी मौजूद रहीं। इसके साथ कार्यक्रम में पद्मश्री हिम्मताराम भांभू, संभागीय आयुक्त बीएल मेहरा, पुलिस महानिरीक्षक रूपिन्द्र सिंह, जिला कलक्टर पीयूष समारिया, जिला पुलिस अधीक्षक राममूर्ति जोशी, नागौर सभापति मीतू बोथरा, जाट समाज समन्वय समिति के अध्यक्ष डॉ. शंकरलाल जाखड़, माली समाज के अध्यक्ष कृपाराम देवड़ा, राघवेन्द्र मिर्धा, शिक्षक संघ शेखावत के जिलाध्यक्ष अर्जुनराम लोमरोड़, संत नानकदास, भामाशाह सुखराम धूण व अमरचंद जाजड़ा, बुद्धाराम गर्वा, सुभाष कंदोई, संस्थान के कार्यकारी अध्यक्ष संजीव डांगावास, उपाध्यक्ष रामाकिशन झींझा, रामनिवास बाजिया, पाबूराम घिंटाला, जस्साराम धौलिया, रेवंतराम डांगा, डायरेक्टर शिला दत्ता, प्रशासक उषा चौधरी, रामनिवास कापड़ी, खींवराज कापड़ी सहित आसपास के ग्रामीण, अभिभावक एवं छात्राएं मौजूद रहीं।