
Attempt to lift payment of water tanker from fake seal-sign
नागौर. जिला मुख्यालय से सटी ताऊसर ग्राम पंचायत में गत वर्ष गर्मियों के दिनों में पानी के टैंकर डालने के नाम पर फर्जी बिल उठाने के लिए ठेकेदार ने ग्राम विकास अधिकारी के फर्जी साइन व सील लगाकर बिल पेश कर दिया। इसकी पोल उस समय खुली जब ठेकेदार का आदमी करीब दस माह पुराना बिल लेकर सोमवार को तहसील कार्यालय भुगतान उठाने के लिए पहुंचा। मामले की गंभीरता को देखते हुए तहसीलदार ने मुकदमा दर्ज कराने की बात कही है।
ताऊसर ग्राम पंचायत के ग्राम विकास अधिकारी राजेन्द्र पंवार ने बताया कि सोमवार को उनके पास आरआई केलाराम का फोन आया, जिसमें उन्होंने पूछा कि टैंकर के बिल का सत्यापन उन्होंने किया है क्या? इस पर उन्होंने बिल को लेकर अनभिज्ञता जाहिर की तो आरआई ने बताया कि बिल पर उनकी मोहर भी लगी हुई है। उन्होंने जब बिल की कॉपी वाट्सएप पर मंगाई तो देखा कि टैंकर चालक अमीन ने फर्जी सील लगाकर उनके हस्ताक्षर भी फर्जी कर लिए तथा गत वर्ष मई से जुलाई माह तक के बिल पेश कर दिए। बिल देखने के बाद उन्होंने आरआई को बताया कि सील व साइन दोनों फर्जी है। इसकी जानकारी जब तहसीलदार को दी तो उन्होंने लिखित में शिकायत देने के लिए कहा। जिस पर उन्होंने ठेकेदार के खिलाफ तहसीलदार को लिखित शिकायत देकर बिलों का भुगतान रोकने तथा ठेकेदार के खिलाफ उचित कार्रवाई करने की मांग की है।
गहन जांच का विषय
सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार गर्मियों दिनों में जलदाय विभाग द्वारा जिले की अधिकतर ग्राम पंचायतों में पानी के टैंकर डालने के लिए टेंडर किए जाते हैं लेकिन ठेकेदार कागजों में खानापूर्ति कर लाखों रुपए का भुगतान उठा लेते हैं। सोमवार को ठेकेदार ने जो बिल पेश किया, उसमें ग्राम विकास अधिकारी के अलावा सरपंच सहित जलदाय विभाग के एईएन व जेईएन द्वारा सत्यापित किया हुआ है। जबकि ग्राम विकास अधिकारी का कहना है कि टैंकर चालक गत वर्ष भी बिल लेकर आया था, लेकिन उन्होंने टैंकर डाले बिना सत्यापन करने से मना कर दिया था।
ऊंटवालिया में भी सामने आया फर्जीवाड़ा
नागौर तहसील के ऊंटवालिया ग्राम पंचायत में भी पानी के टैंकर डाले बिना फर्जी भुगतान उठाने का मामला सामने आया है। ऊंटवालिया ग्राम विकास अधिकारी ने नागौर तहसीलदार को शिकायत देकर कार्रवाई की मांग की है। ग्राम विकास अधिकारी ने बताया कि गत वर्ष मई-जून में गर्मी के दिनों में पीएचईडी अलाय द्वारा टैंकर से पेयजल सप्लाई की व्यवस्था की गई थी, लेकिन टैंकर चालक सुशील 15 जुलाई तक एक भी टैंकर की सप्लाई नहीं की, इसके बावजूद सत्यापन करने के लिए आया तो उन्होंने हस्ताक्षर करने से मना कर दिया। सोमवार को बिल का भुगतान करने से पहले आरआई कंवरीलाल ने वेरिफाई करने के लिए फोन किया तो पूरे मामले का खुलासा हुआ। टैंकर चालक ने उनके फर्जी हस्ताक्षर कर सील लगा ली।
Published on:
31 Mar 2020 11:29 am
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