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‘तेरी माया का ना पाया कोई पार…’

बंशीवाला मंदिर में ताल सप्ताह के तहत भजन संध्या का आयोजन
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नागौर

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Mohummed Razaullah

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Updated: 11 Jun 2018, 10:46 AM IST

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नागौर. बंशीवाला मंदिर में चल रहे अखंड हरिकीर्तन व ताल सप्ताह के तहत रविवार को भजनों की सरिता बही, जिसमें श्रद्धालु गोते लगाने लगे। इस दौरान पूरे दिन अलग-अलग कलाकारों ने भजन गाकर भक्तों को गर्मी का अहसास नहीं होन दिया। रात साढ़े आठ बजे बीकानेर के अजय सिंह और अमन माल्या ने गणेश वंदना से कार्यक्रम की शुरुआत करते हुए कृष्ण का भजन 'तेरी लीला तू ही जाने ..., राधिका गौरी से..., बनवारी कृष्ण मुरारी.... श्याम चूड़ी बेचने आया... सहित एक से बढ़कर एक भजनों की प्रस्तुति दी। उनके साथ नागौर के कुंदन परिहार, मुस्ताक, समीर, प्रीन्स ने दिया। कार्यक्रम में मगनलाल बोड़ा, ओमप्रकाश सोनी, लीलाधर, महेश, बाबूलाल पुरोहित, गोपाल अटल, प्रभुदयाल जांगिड़, कैलाश गौड़ सहित बड़ी संख्या में श्रद्धालु मौजूद रहे।

भक्ति की शक्ति से बढ़कर संसार में और कुछ नहीं

पुरुषोत्तम मास के पावन अवसर पर हनुमान बाग स्थित हनुमान मंदिर में चल रही भागवत कथा के तहत रविवार को संत गोविन्दराम ने अजामिल, भक्त प्रहलाद व ध्रुव का प्रसंग सुनाते हुए कहा कि हर समय भगवान का नाम जपने से भगवान भी अपने भक्तों की रक्षा और उद्धार करने के लिए धरती पर आते हैं। उन्होंने कहा कि अजामिल दुष्प्रवृति का था, लेकिन संतों के आशीर्वाद से उसने अपने सबसे छोटे पुत्र का नाम नारायण रखा। वह नारायण से अत्यधिक प्रेम करता था और हर समय नारायण का नाम लेता रहता था। अपने अंत समय में यमदूतों को देख जब उसने पुत्र नारायण का नाम पुकारा तो साक्षात भगवान प्रकट हुए और उसे यम लोग से बचाकर स्वर्ग में ले गए। इसी तरह भक्त प्रहलाद को भी भगवान ने कई संकटों से बचाया। उन्होंने कहा कि भक्ति की शक्ति से बढ़कर संसार में और कुछ नहीं हैं। व्यक्ति को अपने आचार- विचार हमेशा शुद्ध रखने चाहिए तथा संतान को भी संस्कारी बनाना चाहिए। कथा के दौरान धूमधाम से कृष्ण जन्मोत्सव मनाया गया।