5 जनवरी 2026,

सोमवार

Patrika LogoSwitch to English
home_icon

मेरी खबर

icon

प्लस

video_icon

शॉर्ट्स

epaper_icon

ई-पेपर

दिवाली से पहले दुग्ध उत्पादकों को राजस्थान सरकार का बड़ा तोहफा, बिना ब्याज के ले सकेंगे ऋण

Interest-Free Loan Scheme: योजना के मुताबिक गोपालक गौवंश के लिए उपकरण एवं निर्माण भी ऋण राशि से खरीद सकेंगे। गौवंश के लिए टीन शैड व खेली का निर्माण, चारा, बांटा सबन्धी उपकरण भी खरीद सकेंगे। किसान क्रेडिच कार्ड की तर्ज पर ही यह योजना है, जिसमें ऋण का ब्याज नहीं चुकाना होगा।

3 min read
Google source verification

Rajasthan News: दिवाली से पहले राजस्थान सरकार ने प्रदेश के दुग्ध उत्पादकों को बड़ा तोहफा दे दिया है। ये उत्पादक अब बिना ब्याज एक लाख रुपए तक का ऋण ले सकेंगे। सरकार प्रथम चरण मेें पांच लाख दुग्ध उत्पादकों को डेढ़ सौ करोड़ रुपए का अल्पकालीन ऋण देगी। ब्याज का भुगतान राज्य सरकार वहन करेगी। दुग्ध उत्पादक ऋण का प्रतिवर्ष नवीनीकरण भी करवा सकेंगे। अत्यधिक भार नहीं बढ़े इसके लिए ऋण भी किस्तों में वसूला जाएगा। ऋण नवीनीकरण नहीं करवाने पर सरकार उनसे ब्याज वसूलेगी।

राज्य सरकार के सहकारिता विभाग ने गौ वंश संरक्षण के लिए राजस्थान सहकारी गोपालन क्रेडिट कार्ड ऋण योजना लागू की है। सहकारी बैंकों को आवेदन के साथ ही ऋण देने के निर्देश दिए गए हैं।

यह भी पढ़ें : राजस्थान में फ्री गेहूं को लेकर आई बड़ी खबर, PM मोदी ने दिवाली से पहले दिया ये बड़ा तोहफा

सहकारिता विभाग के संयुक्त सचिव दिनेश कुमार जांगिड़ की ओर से योजना को लेकर जारी परिपत्र में कहा कि ग्रामीण अंचल में निवासरत परिवार अपनी आजीविका के लिए कृषि के साथ दुग्ध उत्पादन पर भी आत्मनिर्भर है। सरकार ने गौवंश संरक्षण के साथ इस कार्य से जुड़े परिवारों को सहायता देने के लिए योजना लागू की है। योजना के तहत गोपालक का स्थानीय डेयरी व सहकारी समिति का सदस्य होना अनिवार्य है। आवेदक को डेयरी सहकारी समिति के सचिव की ओर से अनुमानित ऋण राशि की अभिशंषा पर भारतीय रिजर्व बैंक की ओर से आवेदक के जमानतदार की रिपोर्ट का परीक्षण करने के पश्चात साख संतोषप्रद होने पर ही ऋण दिया जाएगा। परिवार में एक लाभ ले सकेगा।

खरीद सकेंगे उपकरण


योजना के मुताबिक गोपालक गौवंश के लिए उपकरण एवं निर्माण भी ऋण राशि से खरीद सकेंगे। गौवंश के लिए टीन शैड व खेली का निर्माण, चारा, बांटा सबन्धी उपकरण भी खरीद सकेंगे। किसान क्रेडिच कार्ड की तर्ज पर ही यह योजना है, जिसमें ऋण का ब्याज नहीं चुकाना होगा। साख सीमा राशि का आंकलन, व्यवसाय की पूंजीगत आवश्यकताओं, कार्यशील पूंजी तथा रोजमर्रा की जरूरतों को ध्यान में रखकर किया जाएगा। केन्द्रीय सहकारी बैंकों तथा ग्राम सेवा सहकारी समितियों की ओर से राज्य सरकार एवं केन्द्र सरकार व नाबार्ड की विभिन्न डेयरी गतिविधियों के प्रचलित ऋण योजनाओं में इस योजना की अधिकतम ऋण सीमा तक का ऋण दिया जाएगा। योजना में राज्य सरकार अधिकतम 10.25 प्रतिशत की दर से ब्याज पर अनुदान देंगी।

यह भी पढ़ें : Rajasthan News: दिवाली से पहले राजस्थान की जनता को मिल गया बड़ा तोहफा

कर रहे गोपालकों को प्रेरित


गोपालन क्रेडिट कार्ड ऋण योजना के प्रथम चरण में पांच लाख गोपालकों को सरकार 150 करोड़ का ब्याज मुक्त ऋण देगी। योजना को लेकर गोपालकों को प्रेरित कर रहे हैं। ऑनलाइन आवेदन की प्रक्रिया भी चल रही है। प्रदेश के गोपालकों को इस योजना का भरपूर लाभ मिलेगा।
भजनलाल लोहिया, प्रबंधक सैन्ट्रल कॉ-ऑपरेटिव बैंक

तीन से अधिक नहीं हो ऋण


योजना का लाभ लेने के लिए आवेदक के पक्ष में तीन से अधिक ऋण नहीं होने चाहिए। प्रतिवर्ष पूर्व खाते में बकाया राशि जमा करवाकर साख सीमा को अगले वर्ष के लिए नवीनीकृत करवाना होगा। जिसमें स्वीकृत ऋण की राशि को 12 समान मासिक किस्तों में वसूला जाएगा, ताकि गौपालक पर एक साथ राशि चुकाने का भार नहीं हो। ऋण अवधि पार होने पर आवेदक से साधारण ब्याज के साथ अधिकतम दो प्रतिशत की दर से दण्डनीय ब्याज वसूला जाएगा। ऋण की सुरक्षा के लिए ऋण राशि के 1.50 गुणा मूल्य की स्थायी सपति, भूमि भवन आदि बैंक को रहन करनी होगी।

यह भी पढ़ें : Vande Bharat Sleeper Train: रेल यात्रियों के लिए आई अच्छी खबर, राजस्थान में यहां चलेगी वंदे भारत स्लीपर ट्रेन!