
Breach in Parliament security : संसद की सुरक्षा में सेंध मामले में दिल्ली पुलिस को राजस्थान में बड़ा सबूत मिला है। दरअसल ललित झा की निशानदेही पर नागौर में आरोपियों के मोबाइल के जले हुए टुकड़े मिले हैं। झा ने पहले सभी फोन तोड़ दिए इसके बाद उसे आग के हवाले कर दिया। अभी तक की जांच में सामने आया कि आरोपी दो साल से देश के खिलाफ साजिश रच रहे थे। उनका मकसद देश में अराजकता पैदा करना था।
गौरतलब है कि संसद की सुरक्षा में सेंध लगाकर बड़ी घटनों को अंजाम देने वाले युवकों ने संसद में स्प्रे से धुआं किया था। युवकों में से एक ललित झा फरार हो गया और बस से कुचामन सिटी आ गया। यहां अपने दोस्त महेश व कैलाश से मिला। दोनों ने झा को एक रात कुचामन की एक होटल में ठहराया। ललित को जब पता चला कि उसको दिल्ली पुलिस ढूंढ रही है तो उसने दिल्ली जाकर सरेंडर कर दिया था। झा से पुलिस ने पूछताछ की, जिसके आधार पर दिल्ली पुलिस ने कुचामन में ललित की मदद करने वाले दोनों युवकों को कुचामन आकर शुक्रवार को पकड़ लिया। पुलिस दोनों युवकों को साथ ले गई।
वहीं संसद की सुरक्षा में सेंध लगाने के मामले में छठे आरोपी महेश कुमावत को दिल्ली की एक अदालत ने शनिवार को सात दिनों की पुलिस हिरासत में भेज दिया। पटियाला हाउस स्थित हरदीप कौर की विशेष अदालत ने महेश को दिल्ली पुलिस की स्पेशल सेल की सात दिनों की हिरासत में भेजने का आदेश दिया। कुमावत पर देश में कथित तौर पर अराजकता फैलाने के लिए 'मुख्य साजिशकर्ता' ललित झा के अलावा अन्य आरोपियों को दो वर्षो से मदद करने के आरोप हैं।
महेश पर घटना में शामिल आरोपियों द्वारा इस्तेमाल मोबाइल फोन को नष्ट कर सबूत मिटाने के भी आरोप हैं। अदालत ने इससे पहले शुक्रवार को ललित और गुरुवार को सागर शर्मा, मनोरंजन डी, अमोल शिंदे और नीलम देवी को दिल्ली पुलिस की स्पेशल सेल की सात-सात दिनों की हिरासत में भेजने का आदेश दिया था। आरोपियों को गैरकानूनी गतिविधियां (रोकथाम) अधिनियम (यूएपीए) और भारतीय दंड संहिता (आईपीसी) की विभिन्न संगीन धाराओं के तहत को गिरफ्तार किया गया था।
Published on:
17 Dec 2023 10:03 am
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