तलाक-तलाक-तलाक कहकर एक युवक के दूसरी शादी करने का एक मामला सामने आया है। करीब चौदह साल के शादी के बंधन को तलाक-तलाक-तलाक कहकर तोड़ने वाला नागौर में यह दूसरा मामला है। पहला मामला वर्ष 2020 का है।
नागौर/पत्रिका न्यूज़ नेटवर्क. तलाक-तलाक-तलाक कहकर एक युवक के दूसरी शादी करने का एक मामला सामने आया है। करीब चौदह साल के शादी के बंधन को तलाक-तलाक-तलाक कहकर तोड़ने वाला नागौर में यह दूसरा मामला है। पहला मामला वर्ष 2020 का है। पीड़िता ने बुधवार को महिला थाने में इस बाबत रिपोर्ट देकर उसके शौहर पर कार्रवाई की मांग की।
पुलिस के अनुसार पीड़िता हसीना बानो ने अपनी रिपोर्ट में बताया कि उसका निकाह अप्रेल 2008 में मूण्डवा निवासी सिकन्दर के साथ हुआ था। सिकन्दर के घर वाले आए दिन उसे दहेज के लिए प्रताड़ित करते थे। इसके चलते उसकी ओर से दर्ज दहेज प्रताडऩा का एक मामला कोर्ट में विचाराधीन है। गत 25 अप्रेल को वो नागौर उसके घर आया और परिजनों के सामने तलाक-तलाक-तलाक कहकर गैरकानूनी तरीके से तलाक दे दिया । बाद में डेह निवासी एक युवती से दूसरा निकाह कर लिया। उसके पास फोटो व अन्य दस्तावेज है, ऐसे में उस पर कार्रवाई की जाए।
अब सच्चाई जांचने में जुटी पुलिस
महिला थाना प्रभारी छीतर सिंह इस मामले की सच्चाई जांचने में जुटे हैं। बुधवार को हसीना के परिजन थाने पहुंचे, इनमें से कुछ ने पुलिस को बयान भी दर्ज करवाए। सिकन्दर के बारे में पुलिस जानकारी जुटा रही है। मुस्लिम महिला(विवाह अधिकार संरक्षण) एक्ट की धारा 3 में मुस्लिम पुरुष का एक बार मे तीन तलाक लेना अपराध है। धारा 4 में कहा गया है कि तीन तलाक देने के दोषी पति को तीन साल तक कैद की सजा हो सकती है। पहला मामला करीब तीन साल पहले बासनी के एक युवक का इसी तरह तलाक लेने का था।
तलाक-तलाक-तलाक कहकर तलाक लेना गलत है। कानून में फेरबदल के चलते इसमें सजा का भी प्रावधान है। ऐसा ही एक मामला बासनी का था। नए कानून के तहत कार्रवाई होगी।
पीर मोहम्मद, एडवोकेट नागौर