5 फ़रवरी 2026,

गुरुवार

Patrika Logo
Switch to English
home_icon

मेरी खबर

video_icon

शॉर्ट्स

epaper_icon

ई-पेपर

video—नागौर जिले की बेटी ने चीन में बजाया डंका, घुड़सवारी में गोल्ड मेडल

- एशियन गेम्स 2023 में किया भारत का प्रतिनिधित्व

less than 1 minute read
Google source verification
नागौर जिले की बेटी ने चीन में बजाया डंका, घुड़सवारी में गोल्ड मेडल

गोल्ड मेडल के साथ दिव्यकृति ।

पीलवा (नागौर). चीन के हांगझाऊ शहर में चल रहे एशियन गेम्स 2023 में नागौर जिले के परबतसर उपखण्ड के ग्राम पीह की बेटी दिव्यकृति पुत्री विक्रम सिंह राठौड़ ने घुड़सवारी में गोल्ड मेडल जीतकर नागौर जिले का नाम दुनियाभर में रोशन किया है। दिव्यकृति ने कड़ी मेहनत व बुलंद हौसलों से एशियाई खेलों में भारती टीम में प्रतिनिधित्व कर यह सफलता पाई है।दिव्यकृति ने जयपुर स्थित स्वयं के पोलो ग्राउंड से घुड़सवारी का अभ्यास किया। कर्मवीर सिंह पीह ने बताया कि दिव्या के पिता विक्रम सिंह सेना से रिटायर्ड कैप्टन है। उनका जयपुर के मुण्डोता पैलेस में पोलो ग्राउंड है। दिव्या ने जयपुर में अभ्यास करने के बाद दो साल जर्मनी से घुडसवारी की ट्रेनिंग ली।

मानव को सहयोगी बनना चाहिए
नागौर. स्वाध्याय भवन में प्रवचन करते हुए योगेश मुनि ने मंगलवार को सहयोग की महत्ता समझाई। उन्होंने कहा कि सहयोग करने वाले कम, बाधक ज्यादा मिलते हैं। इसलिए मानव को अच्छे कार्य करने चाहिए। उन्होंने कहा कि सहयोग से सभी कुछ होता है। सहयोग का व्यापक अर्थ एवं प्रभाव होता है। इसकी भावना को शब्दों एवं अर्थ के साथ समझने वाला निरंतर प्रगति की राह पर बढ़ता रहता है। इसलिए कहा गया है कि जो सरल होता है, वही सभी का प्रिय भी होता है। सहयोग करने वाले को प्रत्येक व्यक्ति पसंद करता है, लेकिन बाधक को कोई नहीं चाहता है। इसलिए व्यक्ति को विनम्र होने के साथ सहयोगी होना चाहिए। कार्यक्रम में शुभम सुराणा के आठ उपवास के प्रत्याख्यान हुए। इस दौरान अमीचंद सुराणा, मनोज कांकरिया, टोडरमल सुराणा, शूरवीर सुराणा, रिखचंद नाहटा, नरेन्द्र जैन एवं दशरथमल सिंघवी आदि मौजूद थे।