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हमला कर हरिण का सिर नोंच ले गए कुत्ते

अलाय के आबादी क्षेत्र में हुआ हमला, बचाने पहुंचे ग्रामीण के हाथ से कुत्तों ने छीना हरिण

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Nagaur patrika

Now the winter comes, the flowers blossom in the fields

नागौर. जिले में कुत्तों के हमलों से प्रतिबंधित चिंकारा हरिणों के मामले में जिम्मेदारों की बेपरवाही के चलते सोमवार को अलाय के पास एक और हरिण का कुत्तों ने शिकार कर लिया। कुत्ते इतने खूंखार हो उठे कि बचाने के लिए पहुंचे ग्रामीण के हाथ से हरिण छीनकर उसका सिर दांतों से काटकर ले गए। इधर, चावण्डिया क्षेत्र में घायल मिले उपचाररत एक और हरिण की भी मौत हो गई। केवल दो दिनों के अंतराल में ही कुत्तों के हमलों से मरने वाले हरिणों की संख्या अब तक सात हो चुकी है। बिश्नोई टाईगर्स वन्य एवं पर्यावरण संस्था, बिश्नोई टाईगर्स फोर्स के समन्वयक नरेश पूनिया कवलीसर ने बताया कि सोमवार को दोपहर में करीब 12 बजे अलाय के पास स्थित खेत में भटक कर पहुंचे एक हरिण पर कुत्तों के झुण्ड ने हमला कर दिया। राह से गुजरते एक ग्रामीण ने हरिण को बचाने का प्रयास किया, और हरिण को अपनी गोद में उठा लिया। इसके बाद भी आठ- दस कुत्तों ने उस हरिण का सिर दांतों से काटकर नोंच लिया। घटना की जानकारी वन विभाग को दी गई, लेकिन कोई मौके पर नहीं पहुंचा। इधर, कृष्ण गोशाला में उपचाररत एक और हरिण की सांसें थम गई। इस संबंध में वन उपवन संरक्षक वेदप्रकाश गुर्जर का कहना था कि इस तरह के किसी भी मामले की उनके पास कोई जानकारी नहीं है। हालांकि वन जीव प्रेमियों की ओर से जिला प्रशासन एवं वन विभाग को इस संबंध में कई बार ज्ञापन आदि दिए गए, लेकिन कोई कार्रवाई नहीं हुई। उल्लेखनीय है कि केवल दो दिनों के अंतराल में मरने वाले हरिणों की संख्या सात तक पहुंचने के बाद भी प्रशासन सोया हुआ है। ग्रामीणों का कहना है कि वन विभाग एवं जिला प्रशासन को सूचना दिए जाने के बाद भी इस संबंध में न तो कोई कार्रवाई होती है, और न ही जिम्मेदार अधिकारी ध्यान ही देते हैं। इससे स्थिति विकट होने लगी है। हालात यही रहे तो फिर नागौर जिले से चिंकारा हरिण पूरी तरह से समाप्त हो जाएंगे। इसका जिम्मेदार भी जिला प्रशासन ही होगा।