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डॉ. भाकल ने नागौर को फिर किया गौरवान्वित, असिसटेंट प्रोफेसर परीक्षा में किया राजस्थान टॉप

नागौर के जेएलएन अस्पताल में पांच साल में शुरू करवाए डायलिसिस वार्ड, सीसीयू व जिरियाट्रिक वार्ड

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Dr Bhakal get Rajasthan top in Assistant Professor exam

Dr Bhakal get Rajasthan top in Assistant Professor exam

नागौर. जिला मुख्यालय के जेएलएन राजकीय अस्पताल के एमडी मेडिसिन डॉ. सुरेन्द्र सिंह भाकल ने एक बार फिर नागौर जिले को गौरवान्वित किया है। राजस्थान लोक सेवा आयोग द्वारा चिकित्सा शिक्षा विभाग के लिए आयोजित की गई असिसटेंट प्रोफेसर (व्यापक विशेषता) जनरल मेडिसिन की मेरिट लिस्ट में पहला स्थान प्राप्त कर राजस्थान टॉप किया है। खास बात यह है कि जनरल मेडिसिन में प्रदेश में मात्र 7 सीटें थी, जिनक लिए सैकड़ों डॉक्टरों ने भाग्य आजमाया था। डॉ. भाकल ने यह सफलता जेएलएन अस्पताल में नियमित रूप से सेवाएं देते हुए प्राप्त की है।

गाड़ रहे सफलता के झंडे
नागौर जिले की मूण्डवा तहसील क्षेत्र के जनाणा निवासी डॉ. भाकल पिछले 11 सालों से शिक्षा व खेल में सफलता के झंडे गाड़ रहे हैं। वर्ष 2000 में 10वीं की परीक्षा में 92.17 प्रतिशत अंक प्राप्त कर राजस्थान में 12वां व नागौर में प्रथम स्थान प्राप्त किया। साथ ही बोर्ड परीक्षा के साथ राज्य स्तरीय खेलकूद प्रतियोगिता (एथलेटिक्स) में प्रथम स्थान प्राप्त कर स्वर्ण पदक जीता। इसके बाद वर्ष 2002 में 12वीं बोर्ड परीक्षा में जिले में दूसरा स्थान प्राप्त किया और राज्य स्तरीय सीनियर कबड्डी प्रतियोगिता में जिले का प्रतिनिधित्व किया। इसके तुरंत बाद प्रथम प्रयास में सीपीएमटी में चयनित हो गए। भाकल ने मेडिकल में भी राजस्थान प्री-पीजी एक्जाम 2011 में राज्य में तीसरा स्थान प्राप्त किया। इसके बाद उच्च अध्ययन के लिए एम्स नई दिल्ली में चयनित हुए।

अभाव में जीए, इसलिए जरूरतमंद की पीड़ा को समझा
डॉक्टर भाकल ने विपरीत परिस्थितियों में अपनी पढ़ाई पूरी की। अक्टूबर 2015 में नागौर के जेएलएन अस्पताल में नियुक्त होने के बाद गरीब व जरूरतमंद मरीजों की पीड़ा को समझा और अस्पताल में डायलिसिस वार्ड शुरू करवाया। इसके बाद सीसीयू व जिरियाट्रिक वार्ड को स्थापित करने में भी अहम योगदान दिया।

प्रतिभा के धनी हैं डॉ. भाकल
डॉ. सुरेन्द्र भाकल शुरू से ही होनहार व अनुशासन प्रिय विद्यार्थी रहे। हर वर्ष कक्षा में प्रथम आते थे। उनकी खास बात यह रही कि वे शिक्षा के साथ खेल में भी अच्छा प्रदर्शन करते थे। दसवीं बोर्ड परीक्षा में जिले में टॉपर रहे और उसी साल एथलेटिक्स में राष्ट्रीय स्तर पर गोल्ड मेडल प्राप्त किया।
- रुद्रकुमार शर्मा, सेवा प्रमुख, जोधपुर प्रांत

विद्यार्थी के सारे गुण थे
एक विद्यार्थी में जो-जो गुण होने चाहिए, वे सब डॉ. भाकल में थे। जिज्ञासु प्रवृति के छात्र व बिना किसी हिचक के सवाल कर लेते थे। आमतौर पर छात्र शंका करके सवाल नहीं पूछते हैं, जिसके कारण उनका फंडामेंटल क्लीयर नहीं हो पाता है। भाकल ने 11वीं व 12वीं में ही अपनी नींच मजबूत कर ली, जिसकी बदौलत वे निरंतर ऊंचाइयां छू रहे हैं।
- शंकरलाल शर्मा, प्रधानाचार्य, सेठ किशनलाल कांकरिया राजकीय उच्च माध्यमिक विद्यालय, नागौर