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VIDEO…बाजार भाव गिरने से समर्थन मूल्य में मूंग बेचान का सन्नाटा मिटने की जगी उम्मीद

-काश्तकारों के मंडी की खुली नीलामी में दिलचस्पी लेने के बाद भी अब तक ढाई हजार क्विंटल से ज्यादा की मूंग समर्थन मूल्य पर खरीदी जा चुकी है

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Due to fall in market price, there is hope that the silence of moong endorsement will end in support price.

-खरीद राशि का आंकड़ा 17 करोड़ पार पहुंचा, अब तक सौ से ज्यादा काश्तकार बेच चुके हैं समर्थन मूल्य पर मूंग
नागौर. मूंग का बेचान समर्थन मूल्य करने में काश्तकारों ने ज्यादा दिलचस्पी अब तक नहीं दिखाई है। कारण बाजार भाव अब तक समर्थन मूल्य के दर से ज्यादा ही रहा है। हालांकि मंगलवार को बाजार भाव गिरने के कारण मंडी में मूंग उच्चतम दर पर 8500 की दर पर बिका है। जबकि समर्थन मूल्य दर 8558 है। मूंग का यह भाव समर्थन मूल्य दर से केवल 58 रुपए कम है। मंडी की खुली नीलामी में मूंग की दर गिरने से अब समर्थन मूल्य खरीद केन्द्र का सन्नाटा खत्म होने की उम्मीद जगने लगी है। हालांकि काश्तकारों का रुझान नहीं होने के बाद भी अब तक कृषि उपजमंडी में समर्थन मूल्य पर अब तक ढाई हजार क्विंटल से ज्यादा की खरीद की जा चुकी है। इसके साथ ही खरीद राशि का आंकड़ा भी 17 करोड़ की राशि पार कर गया है।
सरकार की ओर से घोषित समर्थन मूल्य की दर बाजार भाव से अब तक कम होने के कारण मूंग खरीद का आंकड़ा ज्यादा तो नहीं बढ़ा, लेकिन फिर भी अब तक करोड़ों की मूंग खरीदी जा चुकी है। मंगलवार को बाजार भाव समर्थन मूल्य से नीचे आने के बाद फिर से खरीद केन्द्रों पर चहल-पहल बढऩे उम्मीद है, लेकिन व्यापारियों का कहना है कि भाव ज्यादा नहीं गिरे हैं। मंगलवार को उच्चतम दर पर 8500 रुपए प्रति क्विंटल की दर पर बिकी, जबकि समर्थन मूल्य 8558 रुपए है। यानि की समर्थन मूल्य दर से बाजार भाव महज 58 रुपए कम है। इस संबंध में व्यापारियों का मानना है कि मंडी की खुली नीलामी में राशि तुरन्त मिलती है, और किसान को इंतजार नहीं करना पड़ता है। जबकि समर्थन मूल्य पर बेचान करने के लिए लंबी प्रक्रिया से गुजरने के साथ ही पंजीकरण आदि कराना पड़ता है। इसमें भी राशि मिलने में कई बार विलंब हो जाता है। इसलिए बाजार भाव कम जरूर हुआ है, लेकिन भाव की यह गिरावट आंशिक है। जब तक दोनों के भावों में बड़ा अंतर नहीं आएगा, तब तक बाजार के कारोबार पर इसका कोई असर नहीं पड़ेगा। हालांकि अभी तक समर्थन मूल्य पर नागौर के क्रय केन्द्र के मार्फत महज 125 काश्तकारों ने मूंग का बेचान किया है, जबकि पंजीकरण कराने वाले काश्तकारों की संख्या दो हजार से ज्यादा है। मंगलवार को भी कुल समर्थन मूल्य खरीद केन्द्र पर महज 338 कट्टे मूंग के खरीदे गए। इनका कुल वजन 169 क्विंटल रहा। इससे समझा जा सकता है कि क्रय केन्द्रों के माध्यम से भी समर्थन मूल्य पर मूंग का बेचान करने में काश्तकार दिलचस्पी नहीं दिखा रहे।
अब तक मूंग खरीद के कट्टे नहीं हुए जमा
समर्थन मूल्य खरीद के माध्यम से आई मूंग के प्लेटफार्म पर कुल 5073 कट्टे एकत्रित हो चुके हैं। क्रय विक्रय केन्द्र के अधिकारियों का कहना है कि अभी तक अन्य केन्द्रों में हो रही खरीद के चलते सर्वेयर काफी व्यस्त चल रहे हैं। जल्द ही यहां पर सर्वेयरों के आने के बाद इन कट्टों को वेयरहाउस में जमा करा दिया जाएगा।
अब तक हुई खरीद पर एक नजर
समर्थन मूल्य बेचान में लाभान्वित किसानों की संख्या-125
प्लेटफार्म पर जमा हुए कट्टों की संख्या-5073
समर्थन मूल्य पर अब तक खरीदी गई मूंग-2536.5 क्विंटल
मंडी की खुली नीलामी में मूंग के भाव ज्यादा नहीं गिरे हैं। ऐसे में काश्तकार मंडी की खुली नीलामी में ही मूंग बेचने को लेकर ज्यादा उत्साहित नजर आ रहे हैं। सौ या डेढ़ सौ रुपए अंतर होने पर ज्यादा फर्क नहीं पड़ता है। यहां तो काश्तकारों को खरीद की राशि तुरन्त ही मिल जाती है, जबकि समर्थन मूल्य पर बेचान करने में किसान को भुगतान का इंतजार करना पड़ता है।
पवन भट्टड़, व्यापारी, कृषि उपजमंडी
इनका कहना है...
अब तक समर्थन मूल्य केन्द्र के माध्यम से ढाई हजार क्विंटल से ज्यादा मूंग की खरीद की जा चुकी है। यह सही है कि इस बार भी समर्थन मूल्य पर मूंग बेचान का पंजीकरण ज्यादा काश्तकारों ने नहीं कराया है, लेकिन यहां पर दर इस समय बाजार भाव से बेहतर है। इसलिए खरीद केन्द्र के माध्यम से मूंग खरीद का आंकड़ा निश्चित रूप से बढऩे की उम्मीद है।
रामप्रकाश पचार, समर्थन मूल्य खरीद केन्द्र प्रभारी, नागौर कृषि उपज मंडी