
E-library facility will be started soon at BR Mirdha College
देवेन्द्र प्रताप सिंह/नागौर. कहते हैं पुस्तकें व्यक्ति की सबसे अच्छी मित्र होती हैं। किताबों में सम्पूर्ण दुनिया का ज्ञान छुपा होता है, लेकिन पिछले कुछ समय से देखने में आ रहा है कि जिले भर में स्कूली शिक्षा से लेकर कॉलेज शिक्षा तक पुस्तकालय अध्यक्षों के पद रिक्त होने के कारण अधिकतर पुस्तकालयों में रखी बेसकीमती पुस्तकें धूल खां रही हैं। इसके अलावा यदि किसी विद्यार्थी को कोई पुस्तक चाहिए है तो उसे ढूढऩे में काफी समय लग जाता है। अब इस समस्या से निजात मिलने वाली है। इसके लिए राज्य सरकार ने शुरूआती दौर में राज कॉम एजेंसी के माध्यम से प्रदेश की दस सरकारी कॉलेजों में ई-पुस्तकालय की सुविधा शुरू करने के लिए चयन किया है। दस कॉलेजों में बीआर मिर्धा कॉलेज भी शामिल है।
सबसे पहले मिर्धा कॉलेज में हुआ किताबों का कम्प्यूटराइजेशन
राज्य सरकार के आदेशानुसार कॉलेज आयुक्तालय की ओर से शुरूआती दौर में प्रदेश की जिन दस राजकीय महाविद्यालयों का ई-लाइब्रेरी के लिए चयन हुआ है, उनमें सबसे पहले नागौर की बीआर मिर्धा कॉलेज में पुस्तकालय में लगी करीब 40 हजार से अधिक पुस्तकों का कम्प्यूटराइजेशन किया जा चुका है। जानकारी अनुसार सम्बंधित एजेंसी से आया कर्मचारी पिछले कई दिनों से ई-पुस्तकालय के सॉफ्टवेयर की सेटिंग व कम्प्यूटराइजेशन का कार्य करने में लगा हुआ है।
पुस्तकालय को किया पूरी तरह सुसज्जित
मिर्धा कॉलेज के पुस्तकालय अध्यक्ष सीताराम ताण्डी ने बताया कि पुस्तकालय को पूरी तरह सुसज्जित तरीके से मैनेज किया गया है। पुस्तकालय में इस समय 40 हजार से अधिक पुस्तकें मौजूद हैं। अधिकतर पुस्तकों को पब्लिशर के नाम, लेखक, कोड के अनुसार सिस्टम में फीड किया जा चुका है। जिससे विद्यार्थी अब मनचाही किताब उसके नाम से, पब्लिशर के नाम, लेखक के नाम या फिर किताब पर दिए गए कोड से एक क्लिक में प्राप्त कर सकेंगे। इसके लिए पुस्तकालय में कुछ कम्प्यूटर सिस्टम भी लगाए जाएंगे। ताण्डी ने बताया कि किताबों का कम्प्यूटराइजेशन करने से कई समस्याओं से निजात मिलेगी। पहले पुस्तकालय के लिए कई कर्मचारी लगे हुए थे, फिर भी कोई न कोई समस्या आती रहती थी। अब सिस्टम में फीड होने से हमारे लिए व विद्यार्थियों के लिए काफी आसनी हो गई है।
आसानी से प्राप्त कर सकेंगे
पुस्तकालय की अधिकतर पुस्तकों का कम्प्यूटराइजेशन किया जा चुका है। जिससे क्लिक मात्र से किसी भी किताब को आसानी से प्राप्त किया जा सकता है।
सुनीता गुप्ता, प्राचार्या बीआर मिर्धा कॉलेज, नागौर
Updated on:
21 Sept 2017 12:23 pm
Published on:
21 Sept 2017 12:08 pm
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