6 फ़रवरी 2026,

शुक्रवार

Patrika Logo
Switch to English
home_icon

मेरी खबर

video_icon

शॉर्ट्स

epaper_icon

ई-पेपर

गवर गीतों की गूंज, महिलाओं ने निकाली कलश यात्रा

सिर पर कलश सजाए महिलाएं जब गवर माता के गीत गाते हुए ब्रह्मपुरी से शिवबाड़ी मंदिर पहुंचीं, तो पूरा मार्ग भक्ति के रंग में डूब गया

less than 1 minute read
Google source verification

नागौर शहर के ब्रह्मपुरी क्षेत्र में मंगलवार को धर्म और आस्था से सराबोर वातावरण देखने को मिला। श्रीमाली ब्राह्मण समाज की महिलाओं ने पारंपरिक उत्सव धींगा गवर के तहत कलश यात्रा निकाली। सिर पर कलश सजाए महिलाएं जब गवर माता के गीत गाते हुए ब्रह्मपुरी से शिवबाड़ी मंदिर पहुंचीं, तो पूरा मार्ग भक्ति के रंग में डूब गया। इस दौरान मार्ग में महिलाओं का स्वागत किया गया।

श्रद्धा, सौंदर्य और संस्कृति का अनूठा संगम

मंदिर परिसर में महिलाओं ने विधिपूर्वक गवर माता को जल अर्पित किया और भक्ति भाव से पूजन किया। गवर माता के एक से बढकऱ एक गीत प्रस्तुत किए गए, जिनमें लोकधुनों की छाप और महिलाओं की सधी हुई प्रस्तुति ने माहौल को धर्ममय बना दिया। श्रद्धा, सौंदर्य और संस्कृति का अनूठा संगम कलश यात्रा में नजर आया।

आज विशेष पूजन होगा

धींगा गवर राजस्थान की महिलाओं की ओर से मनाया जाने वाला लोक और धार्मिक पर्व है। इसमें महिलाएं 16 दिनों तक गवर का व्रत रखकर पूजा करती हैं और सुख-समृद्धि व परिवार की मंगलकामना करती हैं। समाज की विजयलक्ष्मी ने बताया कि कुल 19 महिलाओं का समूह पिछले 16 दिनों से सुबह-शाम गवर माता का पूजन कर रहा है। बुधवार को विशेष पूजन के साथ धार्मिक आयोजन का समापन होगा। इस अवसर पर महिलाएं अलग-अलग स्वांग में नजर आएंगी। कार्यक्रम रात 10 बजे शुरू होगा जो देर रात तक चलेगा।