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VIDEO..हर कोई रैली के श्लोगन को सुनता नजर आया

Nagaur. आत्महत्या करना जघन्य पाप है समझाने के लिए स्वाध्याय भवन से निकली शोभायात्रा को लोग कोतूहल से देखते नजर आए

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Nagaur. The procession that started from Swadhyay Bhavan passed through various routes

Nagaur. आत्महत्या करना जघन्य पाप है समझाने के लिए स्वाध्याय भवन से निकली शोभायात्रा को लोग कोतूहल से देखते नजर आए। यात्रा में शामिल महिलाएं एवं पुरुषों के हाथों में लहरा रहे श्लोगन युक्त झण्डे एवं पट्टियों से वातावरण बदला नजर आया। इस मौके पर स्वाध्याय भवन में चल रहे प्रवचन में रविवार को योगेश मुनि ने कहा कि जीवन में सबसे आवश्यक है कि संवेदना। कहने का अर्थ यह है कि दूसरों के दुख को अपना मानते हुए उसकी वेदना का अनुभव करना। किसी की वेदना को पढऩा ज्यादा जरूरी है। उन्होंने कहा कि प्रत्येक को यह भी देखना चाहिए कि वह जड़ के प्रति संवेदनशील है या फिर जीव के प्रति। जीवों की प्रति दया भाव रखने वाला ही संवेदना को समझता है। उन्होंने कहा कि लक्ष्य प्राप्ति के लिए अडिग रहना चाहिए, लेकिन लक्ष्य भी बेहतर होना चाहिए। इसके प्रति किया गया पुरुषार्थ लक्ष्य की प्राप्ति तो कराता है, लेकिन दिशा इसकी सही होनी चाहिए। इस दौरान अमीचंद सुराणा, मनोज कांकरिया, टोडरमल सुराणा, शूरवीर सुराणा, पुखराज कोठारी, अभिनंदन सुराणा, वर्धमान सुराणा एवं दशरथमल सिंघवी आदि मौजूद थे।
नागौर. लोगों केा आत्महत्या नहीं करने को लेकर निकली शोभायात्रा