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नागौर. परिवार प्रबोधन व सामाजिक समरसता भजन संध्या में जहां एक ओर भजनों की सरिता बही वहीं धर्म, संस्कृति, सनातन सांस्कृतिक एवं सामाजिक परम्पराओं, बुजुर्गों के सम्मान, कन्या भू्रण हत्या सहित विविध विषयों पर विचार व्यक्त किए गए। अवसर था आद्य शंकराचार्य की जयंती पर हनुमान बाग ट्रस्ट चेनार एवं शारदा बाल निकेतन पूर्व छात्र परिषद की ओर से हनुमान बाग मंदिर में शुक्रवार रात परिवार प्रबोधन एवं भजन संध्या का। कार्यक्रम में राष्ट्रीय स्वयं सेवक संघ के वरिष्ठ प्रचारक व राजस्थान क्षेत्र कार्यकारिणी सदस्य नंदलाल जोशी ने कहा कि विश्व के कई देशों ने तो परिवार की कल्पना ही नहीं की। रूस ने भी परिवार की उपेक्षा करने के कारण क्षमा मांगी। घर-घर में संस्कार व भक्ति का भाव भरने वाली भारतीय संस्कृति ने विश्व विजेता बनने का भाव नहीं रखा अपितु सदैव समस्त विश्व के कल्याण के श्रेष्ठ भाव को ही रखा। हमारा देश विश्वभर में प्रसिद्ध रहा है, कहीं भी जाएं यही कहा जाता है कि भारत राम का देश है, गंगा का देश है।
उन्होंने कहा कि यहां के बालक-बालिकाएं विश्वभर में जहां भी जाते है, विद्वता का डंका बजा कर आते हैं। जाति व पंथ ब्रह्मा ने नहीं बनाए उन्होंने केवल सृष्टि ही बनाई। पूर्वजों ने पर्यावरण को महत्व देते हुए धरती को मां, वायु व जल को देव कहा। सुबह उठते ही धरती मां को प्रणाम करने की परम्परा रही, लेकिन आज यह नहीं होने पर वैज्ञानिक भी यही कह रहे हैं कि धरती, वायु, जल प्रदूषित हो गया है। इन्हें पवित्र करना होगा। बच्चों को प्रणाम का संस्कार, वंदन का संस्कार दें। बच्चों पर बढ़ रहे पढ़ाई के दबाव से उनमें तनाव की स्थिति देखने को मिल रही है। परिवार में कुछ समय भक्तिमय स्वरूप में जीएं। उन्होंने ‘ले लो हरि का नाम प्यारे, कर लो अमृत पान’भजन सुनाकर कहा कि प्रभु भक्ति की ओर कदम बढ़ते हैं तो संस्कारों की अभिवृद्धि स्वाभाविक है। प्रभु कृपा से गृहस्थ जीवन में आए हैं तो सार्थक जीवन जी कर जाएं। उन्होंने दिन रात सदगुण चिन्तन कर अपने अवगुण व दोष दूर करने का आग्रह किया। उन्होंने कहा कि आद्य शंकराचार्य ने अपने अल्प जीवन काल में 3 बार देश की परिक्रमा कर धर्म की पुनप्र्रतिष्ठा की तथा देश की एकता एवं अखण्डता के अदभुत भावों का संचार किया। महंत जानकीदास के सान्निध्य में हुए कार्यक्रम में रामस्नेही संत गोरधन दास ने भी प्रेरक प्रसंग सुनाए। आरम्भ में ट्रस्ट अध्यक्ष भीकमचंद शर्मा व विद्या भारती के जोधपुर प्रान्त मंत्री महेंद्र दवे ने दीप प्रज्ज्वलित किया। नरेंद्र जोशी ने गणपति वंदना की।
किया सम्मानित
कार्यक्रम में भारत विकास परिषद के विवेकानंद जयंती पर जिला प्रशासन व परिषद के संयुक्त तत्वावधान में हुई प्रश्नोत्तरी निबंध प्रतियोगिता के विजेताओं को पुरस्कृत किया। कनिष्ठ वर्ग में शारदा बाल के छात्र अमित डिडेल, शारदा बालिका निकेतन की प्रियंका भाम्भू, वत्सला शर्मा, मुस्कान जांगिड़ तथा वरिष्ठ वर्ग में हिन्द पब्लिक स्कूल के सुनील हटीला, शारदा बालिका की गीतम मत्तड़, कामधेनु विद्यालय के हरीश गोरा एवं रतन बहन विद्यालय की छात्रा नंदिनी गहलोत को नकद राशि पुरस्कार स्वरूप प्रदान की गई। संचालन मनीष शर्मा ने किया।
ये रहे मौजूद
कार्यक्रम में आदर्श शिक्षण संस्थान के जिलाध्यक्ष भोजराज सारस्वत,भाविप संरक्षक हरिराम धारणिया, रुद्र कुमार शर्मा, नृत्यगोपाल मित्तल, रामपाल रेनीवाल, मेघराज राव, बालकिशन भाटी, पूर्व छात्र परिषद सचिव शरद कुमार जोशी, भाविप सचिव श्रवण कुमार सोनी, चंद्र प्रकाश अग्रवाल, प्रभु राम बरड़वा, पंकज जोशी, साजनराम, नटवर राज, राजेंद्र सियाग, गणेश लाल वैष्णव, गेनाराम गुरु , मानक लाल छीम्पा, रामनिवास राठी, कैलाश चंद्र अग्रवाल, राजेंद्र डागा, जितेंद्र वैष्णव, कुम्भाराम सुथार, रघुनंदन शर्मा, दानाराम चौधरी, पवन सारस्वत सहित गणमान्य नागरिक मौजूद रहे। कार्यक्रम में दिगम्बर व्यास ने तबले पर संगत की वहीं मेघराज राव ने हारमोनियम पर सुर सरिता बहाई।
Published on:
21 Apr 2018 11:43 am
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