
रैली में बड़ी संख्या में किसान शामिल हुए
नागौर/डेह. जिले में सीमेंट कंपनियों की कार्यशैली और किसानों के हितों की अनदेखी के विरोध में बुधवार को किसानों का गुस्सा सड़कों पर खुलकर सामने आया। किसान संघर्ष समिति और राष्ट्रीय लोकतांत्रिक पार्टी के बैनर तले सैकड़ों किसान ट्रैक्टरों के साथ नागौर पहुंचे और जोरदार प्रदर्शन किया।
पूर्व विधायक नारायण बेनीवाल और रालोपा नेता अनिल बारूपाल के नेतृत्व में किसान हरिमा धरना स्थल से ट्रैक्टर रैली के रूप में रवाना हुए। शहर में प्रवेश के दौरान मानासर क्षेत्र में पुलिस ने ट्रैक्टरों को पशु प्रदर्शनी स्थल पर रुकवा दिया। इसके बाद किसान और जनप्रतिनिधि पैदल रैली निकालते हुए नारेबाजी के साथ कलेक्ट्रेट पहुंचे।
कलेक्ट्रेट पहुंचकर किसानों ने कार्यवाहक जिला कलक्टर चम्पालाल जीनगर को राज्यपाल एवं मुख्यमंत्री के नाम 21 सूत्री मांगों का ज्ञापन सौंपा। ज्ञापन में सीमेंट कंपनियों की नीतियों को जनविरोधी बताते हुए किसानों के अधिकारों की अनदेखी का आरोप लगाया गया। प्रदर्शन के दौरान शहर में भारी पुलिस बल तैनात रहा, वहीं ट्रैक्टरों की लंबी कतारों से सड़कों पर जाम जैसे हालात नजर आए।
किसानों की प्रमुख मांगों में खनन क्षेत्र में आने वाली निजी भूमि का मुआवजा 25 लाख रुपए प्रति बीघा निर्धारित करना, अनुसूचित जाति एवं जनजाति किसानों को समान मुआवजा देना और रिहायशी क्षेत्रों के पास हो रही भारी ब्लास्टिंग पर रोक लगाना शामिल है। इसके साथ ही गोचर, चारागाह और तालाबों के कैचमेंट क्षेत्र को सुरक्षित रखने, अवैध पाइपलाइन हटाने तथा बंद रास्तों को पुनः खुलवाने की मांग भी उठाई गई।
किसानों ने स्थानीय युवाओं को कंपनियों में रोजगार में प्राथमिकता देने, प्रदूषण से खराब हो रही फसलों का मुआवजा देने, 8 जनवरी 2025 के लाठीचार्ज के दोषी पुलिसकर्मियों पर कार्रवाई करने तथा किसानों पर दर्ज मुकदमों को वापस लेने की भी मांग की।
उल्लेखनीय है कि सरासनी, हरीमा, डेह और भदाणा सहित कई गांवों के किसान अपनी मांगों को लेकर 26 फरवरी से ग्राम हरिमा (एनएच-58) पर अनिश्चितकालीन धरने पर बैठे हुए हैं। किसान नेताओं ने स्पष्ट चेतावनी दी है कि जब तक उनकी मांगों का समाधान नहीं होगा, आंदोलन जारी रहेगा।
प्रदर्शन के दौरान आरएलपी के पूर्व जिलाध्यक्ष हनुमान भाकर, राजेंद्र डूकिया, बन्नाराम सांगवा, खींयाराम राड़, श्रवण चौधरी, राहुल भाकर, तिलोक खिलेरी सहित बड़ी संख्या में किसान और जनप्रतिनिधि मौजूद रहे।
ये हैं किसानों की प्रमुख मांगें:
-खनन क्षेत्र में आने वाली निजी भूमि का मुआवजा 25 लाख रुपए प्रति बीघा तय किया जाए
-अनुसूचित जाति व जनजाति किसानों को समान मुआवजा दिया जाए
-रिहायशी क्षेत्रों के पास हो रही भारी ब्लास्टिंग पर रोक लगे
-गोचर, चारागाह व तालाबों के कैचमेंट क्षेत्र को सुरक्षित रखा जाए
-अवैध पाइपलाइन हटाई जाए
-बंद रास्तों को पुनः खुलवाया जाए
-स्थानीय युवाओं को रोजगार में प्राथमिकता दी जाए
-प्रदूषण से खराब हो रही फसलों का मुआवजा दिया जाए
-8 जनवरी 2025 के लाठीचार्ज के दोषी पुलिसकर्मियों पर कार्रवाई हो
-किसानों पर दर्ज मुकदमे वापस लिए जाएं
Updated on:
01 Apr 2026 09:45 pm
Published on:
01 Apr 2026 09:45 pm
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