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नेपाल का चरस तस्कर बबलू देता था दीप्ति को पनाह, ऐसे बन गया दीपक से दीप्ति

सुपारी किलर संदीप उर्फ शेट्टी की हत्या के आरोप में गिरफ्तार दीपक उर्फ दीप्ति समेत उसके साथी नेपाल में चरस तस्कर प्रदीप उर्फ बबलू हांसी के यहां शरण काटते थे। वे कोई वारदात करने के लिए ही हरियाणा समेत भारत के अन्य इलाके में आते फिर वापस वहीं पहुंच जाते।

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नागौर। सुपारी किलर संदीप उर्फ शेट्टी की हत्या के आरोप में गिरफ्तार दीपक उर्फ दीप्ति समेत उसके साथी नेपाल में चरस तस्कर प्रदीप उर्फ बबलू हांसी के यहां शरण काटते थे। वे कोई वारदात करने के लिए ही हरियाणा समेत भारत के अन्य इलाके में आते फिर वापस वहीं पहुंच जाते।

सूत्रों के अनुसार प्रदीप उर्फ बबलू हांसी मूलत: हरियाणा का रहने वाला है, लेकिन पिछले दस सालों से फरार है। हरियाणा में कई आपराधिक मामलों में यह वांटेड है। आमतौर पर मादक पदार्थ तस्करी करने के अवैध काम करते हुए उसने नेपाल में अपना ठिकाना बना लिया है। दीपक उर्फ दीप्ति, अनिल उर्फ छोटिया समेत उनके अन्य साथी भी इसी की शरण में रहते थे। वक्त पड़ने पर ये उसके साथ भी वारदात करने में पीछे नहीं हटते थे।

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हरियाणा के हिसार के रहने वाले बबलू हांसी की भी अपराध कुण्डली खंगाली जा रही है। बताया जाता है कि दीपक उर्फ दीप्ति/अनिल उर्फ छोटिया ने भी करीब छह-सात साल से वहीं ठिकाना बना लिया। पुलिस की पड़ताल में यह भी सामने आया कि दीपक उर्फ दीप्ति के अन्य जाने वाले लोग नेपाल में उसका यह ठिकाना जानते थे। इधर, अनिल उर्फ छोटिया का कोई सुराग नहीं मिला है जबकि फरार चौथे शूटर की पहचान उजागर होने के बाद उसकी भी खोजबीन की जा रही है। इधर, नागौर जेल में बंद अक्षय उर्फ सचिन को लेकर फिलहाल कोतवाली पुलिस प्रोडक्शन रिमाण्ड लेने में रुचि नहीं ले रही है।

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सूत्र बताते हैं कि गैंगस्टर दीपक उर्फ दीप्ति के नाम को लेकर हर कोई आश्चर्य करता है। नागौर पुलिस भी इसको लेकर भ्रम में थी। बाद में सामने आया कि कुछ बरस पहले हिसार में किसी पद पर तैनात अधिकारी का नाम दीप्ति था, दीपक किसी से भी अड़ता तो उसे यह कह देता कि ज्यादा दीप्ति मत बन। यानी वो दीप्ति के नाम पर लोगों को लताडऩे लगा था, तब से उसका नाम दीपक उर्फ दीप्ति पड़ गया।