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अभ्यर्थी बोले – मुख्यमंत्री जी, हमारा समय और धन दोनों बर्बाद हुआ, उसकी भरपाई कौन करेगा?

जिसका डर था वही हुआ, सैकंड ग्रेड शिक्षक भर्ती परीक्षा का ग्रुप सी का जीके पेपर निरस्तपत्रिका ने अभ्यर्थियों से बात की तो फूट पड़ी उनकी पीड़ा, बोली - हम लोग परेशान होते हैं, हम लोग तनाव में आते हैं, उससे सरकार को कोई लेना देना नहीं

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नागौर. 'पेपर लीक होना रोज का काम हो गया है। कड़ाके की ठंड में हम दूर-दर से यहां परीक्षा देने आए और कमरे में बैठने के बाद हमें बताया कि पेपर आउट होने के कारण रद्द कर दिया गया है। अब अगला पेपर देने आना।' यह कहना था शनिवार सुबह नागौर शहर के कांकरिया स्कूल में परीक्षा देने आई महिला अभ्यर्थियों का, जो अपने परिजनों को लेकर दूर-दर से यहां पहुंची थी।

पत्रिका से बातचीत करते हुए उनके आंसू निकल रहे थे। एक महिला अभ्यर्थी ने बताया कि वह पांच महीने की गर्भवति हैं, लेकिन परीक्षा देने के लिए एक दिन पहले आई और होटल में कमरा लेकर रुकी, सुबह परीक्षा केन्द्र में बैठने के बाद बताया कि पेपर रद्द हो गया है। गोटन से आई एक युवती ने पत्रिका के माध्यम से मुख्यमंत्री से सवाल करते हुए कहा - 'मुख्यमंत्री जी, सरकार की ढुलमुल नीति के कारण आए दिन पेपर लीक होते हैं। हमारा समय और धन दोनों बर्बाद हुआ है, उसकी भरपाई कौन करेगा।' अजमेर से आई अभ्यर्थियों ने कहा कि बार-बार पेपर लीक होने से मानसिक आघात भी पहुंचता है। लेकिन सरकार को कोई लेना-देना नहीं है। अजमेर से आई युवतियों ने कहा कि अब तो हर भर्ती में पेपर लीक होने लग गया। यह हमेशा का काम हो गया, कोई बदलाव नहीं है, सरकार दोषियों के खिलाफ कोई एक्शन नहीं लेती है। हम लोग परेशान होते हैं, हम लोग तनाव में आते हैं, उससे सरकार को कोई लेना देना नहीं है। हम कितना सफर करते हैं, कहां-कहां से आते हैं, कैसे-कैसे मैनेज करते हैं, जिम्मेदारों को कोई मतलब नहीं है।
गौरतलब है कि राजस्थान लोक सेवा आयोग अजमेर की ओर से आयोजित करवाई जा रही सैकंड ग्रेड शिक्षक भर्ती परीक्षा के चौथे दिन शनिवार सुबह पहली पारी में ग्रुप 'सी' का सामान्य ज्ञान (जीके) का पेपर होना था, लेकिन पेपर आउट होने के कारण परीक्षा कराने से पहले ही पूरे प्रदेश में पेपर को रद्द कर दिया गया।

नागौर शहर के राठौड़ी कुआं उच्च माध्यमिक विद्यालय के प्रधानाचार्य जेठाराम बागडिय़ा ने बताया कि जीके का पेपर आउट होने पर शनिवार सुबह होने वाला जीके का पेपर निरस्त करने के निर्देश मिले, जिसके कारण अभ्यर्थियों को रवाना किया गया। पेपर निरस्त होने के बाद सुबह सुबह सर्दी में परीक्षा देने पहुंचे अभ्यर्थी निराश हो गए। राजस्थान पत्रिका ने परीक्षा शुरू होने पर पहले ही दिन अथ्यर्थियों के हवाले से पेपर आउट होने पर होने वाली परेशानी को लेकर चिंता जाहिर की थी।

केवल कार्रवाई का नाटक
यह मेरा फस्र्ट अटेम्प्ट था, पेपर को लेकर मैं काफी उत्साहित थी। परीक्षा को लेकर मैंने पिछले एक-डेढ़ साल से काफी मेहनत की, लेकिन यहां पेपर देने से पहले ही हमें इतनी आसानी से कह दिया कि आज का पेपर आउट हो गया है, इसलिए आज का पेपर नहीं होगा। मैं सरकार और अधिकारियों से पूछना चाहती हूं कि आप लोग इतने कानून बनाते हैं, लेकिन उनकी पालना कितनी होती है, उस पर भी गौर कीजिए। इस प्रकार पेपर आउट होने से अभ्यर्थी के मानसिक स्वास्थ्य पर कितना असर पड़ता है, हमारी तैयारी का क्या होगा, जो खर्च लगा और समय बर्बाद हुआ, उसकी भरपाई कौन करेगा। हर बार सरकार बड़े-बड़े दावे करती है कि पेपर आउट करने वालों को जल्द पकड़ लेंगे। पहली बात तो वे पकड़ में नहीं आते और आते हैं तो दो दिन बाद छोड़ दिया जाता है। केवल कार्रवाई का नाटक होता है।
- आरती गहलोत, गोटन

अरमानों पर पानी फेर दिया
सीकर में रहकर परीक्षा की तैयारी कर रही थी। कल सीकर से गांव आई। आज तडक़े तीन बजे सर्दी में घर से रवाना होकर नागौर पहुंची। पहली बार परीक्षा दे रही हूं, इसलिए काफी उत्साहित भी थी, परीक्षा हॉल में काफी देर बैठाने के बाद हमें कहा गया कि पेपर आउट हो गया है, इसलिए रद्द हो गया है। कई परेशानियों का सामना कर परीक्षा देने पहुंचे और आखिर में यह समाचार सुनने को मिला। सरकार ने हमारे अरमानों पर पानी फेर दिया।
- मंजू, चितावा, कुचामन सिटी

यह तो रोज का काम हो गया
मैं पांच महीने की गर्भवती हूं, फिर भी केरियर के लिए जोधपुर में रहकर परीक्षा की तैयारी कर रही थी। कल परीक्षा देने यहां आई तो होटल में कमरा लिया और सुबह परीक्षा देने पहुंची। कमरे में बैठने से पहले हमारे गर्म कपड़े भी उतरवा लिए, लेकिन बाद में कहा कि आपका पेपर रद्द हो गया है। सरकार को हमारी परेशानी से कोई लेना-देना नहीं है, यह तो रोज का काम हो गया है।
- मोनिका सारस्वत, अभ्यर्थी

अभिभावक भी हो रहे परेशान
गोटन से आए उपेन्द्रसिंह ने बताया कि वह अपनी पत्नी को लेकर सुबह-सुबह सर्दी में परीक्षा दिलाने आए, लेकिन यहां आने के बाद बताया कि पेपर आउट होने के कारण निरस्त कर दिया है। बहुत पीड़ा होती है, जब परीक्षार्थी साल भर तैयारी करते हैं और ऐन वक्त पर पेपर लीक हो जाता है। मकराना से आए एक अभिभावक ने बताया कि सर्दी में भाग-दौड़ करके आए, लेकिन यहां आने पर पता चला कि पेपर आउट हो गया।