12 मई 2026,

मंगलवार

Patrika Logo
Switch to English
home_icon

मेरी खबर

video_icon

शॉर्ट्स

epaper_icon

ई-पेपर

फूल से चेहरों को हम मुरझाने नहीं देंगे….

राजस्थान पत्रिका व शारदा बाल निकेतन द्वारा भामाशाहों के सहयोग से संचालित स्कूल

2 min read
Google source verification
Happy Bombs on the face of needy children

Happy Bombs on the face of needy children

नागौर. सिलसिला जो छेड़ा है उसे रूकने नहीं देंगे.. छाई जो खुशी मासूमों के चेहरे उसे खोने नहीं देंगे.. मायूसी की औकात ही क्या जो इनके पास आ जाए.. फूलों से चेहरों को हम मुरझाने नहीं देंगे.. कुछ ऐसे ही भावों से वो बच्चों का हौसला बढ़ा रहे थे। बच्चों के चेहरों पर खुशी की लहर दौड़ रही थी क्योकि उनके बीच आकर कोई खुशियां बाटनें आए थे। लेकिन बच्चों से भी ज्यादा खुशी उनके चेहरों पर देखने को मिली, जो उन मासूमों के बीच जाकर पहली बार उन्हें कुछ देने गए थे। कुछ ऐसा ही भावों से भरा माहौल देखने को मिला राजस्थान पत्रिका व शारदा बाल निकेतन द्वारा भामाशाहों के सहयोग से शहर की नायक कच्ची बस्ती में जरूरतमंद बच्चों के लिए संचालित स्कूल में। मौका था गुरुवार को महावीर इंटरनेशनल अहिक्षत्रपुर वीरा केन्द्र की ओर से स्कूल में आयोजित कार्यक्रम में बच्चों को शैक्षिक सामग्री, पानी की बोतल, चॉकलेट व फल वितरित किए जाने का। शाम पांच बजे स्कूल पहुंचे वीरा केन्द्र के पदाधिकारी व सदस्यों ने जरूरतमंद बच्चों के बीच जमकर खुशियां बांटी, उन्हें कई अच्छी सीखें दी।

बच्चों के सपनों को पंख लगाने बाकी हैं
नायक कच्ची बस्ती स्कूल के बच्चों के बीच पहुंची महावीर इंटरनेशनल अहिक्षत्रपुर वीरा केन्द्र की अध्यक्ष संगीता डागा ने राजस्थान पत्रिका व शारदा बाल निकेतन द्वारा भामाशाहो के सहयोग से जरूरतमंद बच्चों के लिए संचालित की जा रही नि:शुल्क स्कूल की जमकर सराहना की। उन्होंने कहा कि राजस्थान पत्रिका व शारदा बाल निकेतन ने मिलकर जो मुहिम शुरू की है वो एक दिन मुकाम तक जरूर पहुंचेगी। वो उदाहरण भी हमें देखने को मिलेगा जब इन्हीं (जो स्कूल संचालन से पहले कचरा बीनते थे) बच्चों में से पढ़-लिखकर कोई बड़ा अधिकारी बनेगा। उन्होंने कहा कि शुरूआत में स्कूल में पढऩे वाले बच्चों की संख्या 30-35 थी, लेकिन आज 75 हो गई है। आगामी समय में यूं ही भामाशाहों का सहयोग मिलता रहेगा और स्कूल में 200 से 300 बच्चे भी होंगे। केन्द्र की सहसचिव नेहा संखलेचा ने कहा कि अभी तो बस शुरूआत है, इन बच्चों के सपनों को हम सब को मिलकर पंख लगाने बाकी हैं। इसी प्रकार केन्द्र की सदस्य एवं मिर्धा कॉलेज की प्रोफेसर पूर्णिमा कात्याल ने कहा कि पहले भी इन बच्चों के बीच दो बार आ चुकी हूं, यहां आकर बड़ी खुशी महसूस होती है। उन्होंने बच्चों को मन लगाकर पढऩे की सीख दी।

मासूमों के लिए करेंगे हर सम्भव सहयोग
महावीर इंटरनेशनल के अध्यक्ष नरेन्द्र संखलेचा ने कहा कि पत्रिका व शारदा बाल निकेतन जिस पुनीत कार्य की शुरूआत की है, उसमें मानवता के नाते हमारा सहयोग भी तो बनता है। उन्होंने कहा कि महावीर इंटरनेशनल व महावीर इंटरनेशल अहिक्षत्रपुर वीरा केन्द्र की ओर से इन मासूमों के लिए हर सम्भव सहयोग किया जाएगा। इस मौके पर वीरा केन्द्र की कोषाध्यक्ष सुमन सुराणा, उपाध्यक्ष डॉ. विजय लक्ष्मी जैन, बबीता बांठियां, रेखा सुराणा, सीया डागा व महावीर इंटरनेशनल के जोन चेयरमैन अनिल बांठिया, सचिव जे.के जैन, श्रुति बोहरा आदि मौजूद थे। अंत में शिक्षक लक्ष्मीकांत बोहरा ने कार्यक्रम में आए अतिथियों का धन्यवाद ज्ञापित किया।