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सांभर झील में परिंदों पर कहर : थम नहीं रहा पक्षियों की मौत का सिलसिला, दौड़े डीसी-आइजी

प्रदेश की खारे पानी की झील सांभर में शुक्रवार को देशी-विदेशी मृत व घायल पक्षियों के बचाव व उपचार के लिए अभियान छठे दिन भी जारी रहा। बचाव कार्य के लिए दस टीमों के 50 सदस्यों ने कार्य किया।

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सांभर झील में रेस्क्यू करती टीम। मौजूद संभागीय आयुक्त, आइजी और मृत पक्षी।

प्रदेश की खारे पानी की झील सांभर में शुक्रवार को देशी-विदेशी मृत व घायल पक्षियों के बचाव व उपचार के लिए अभियान शुक्रवार को छठे दिन भी जारी रहा। बचाव कार्य के लिए दस टीमों के 50 सदस्यों ने कार्य किया। इनमें शामिल कार्मिकों सहित पटवारी, सफाई कर्मचारी, पशुपालन व वन विभाग के साथ एसडीआरएफ टीम अजमेर के 12 कर्मचारियों ने दिनभर झील क्षेत्र के मोहनपुरा, खाखडक़ी, जाब्दीनगर, गुढ़ा साल्ट तथा सांभर साल्ट क्षेत्र में कार्य किया। शुक्रवार दोपहर को संभागीय आयुक्त महेश चंद शर्मा भी झील क्षेत्र में पहुंचे।

पक्षियों के मरने तथा उनके उपचार को लेकर विस्तार से जानकारी ली। इसके साथ ही नावां के मीठड़ी में बने रेस्क्यू सेन्टर का अवलोकन किया। यहां घायल और बीमार पक्षियों के आंकड़ों के बारे में जानकारी ली। इस दौरान जिला कलक्टर पुखराज सेन, पुलिस महानिरीक्षक ओमप्रकाश, डीडवाना-कुचामन एसपी हनुमान प्रसाद, एसडीएम जीतु कुल्हरी, डीएफओ सुनील कुमार, तहसीलदार रामेश्वर गढ़वाल भी पक्षियों के बारे में जानकारी जुटाते दिखे। 100 से अधिक कर्मचारी पक्षियों के लिए झील क्षेत्र में काम कर रहे। एसडीएम कुल्हरी ने बताया कि दिनभर टीमों ने कार्य करते हुए 84 मृत पक्षियों का वैज्ञानिक तरीके से निस्तारण किया। इसके साथ ही प्राप्त 15 घायल पक्षियों का मौके पर ही पशुपालन विभाग की टीम ने प्राथमिक उपचार कर मीठड़ी रेस्क्यू सेंटर भेजा।