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नागौर में दर्दनाक हादसा; बस से उतरते समय रोड पर गिरी छात्रा की मौत, एक दिन पहले लाइब्रेरी में लिया था दाखिला

Ladnun road accident : लाडनूं क्षेत्र में एक दर्दनाक सड़क हादसे में 17 वर्षीय छात्रा की मौत हो गई। हादसा गेनाणा-रताऊ मार्ग पर नेशनल हाईवे-458 पर बालाजी मंदिर के पास हुआ, जहां बस से उतरते समय छात्रा नीचे गिरकर गंभीर रूप से घायल हो गई।
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नागौर

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kamlesh sharma

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Updated: 2 Apr 2026, 3:29 PM IST

Ladnun road accident

मृतक छात्रा। फोटो पत्रिका नेटवर्क

नागौर। लाडनूं क्षेत्र में एक दर्दनाक सड़क हादसे में 17 वर्षीय छात्रा की मौत हो गई। हादसा गेनाणा-रताऊ मार्ग पर नेशनल हाईवे-458 पर बालाजी मंदिर के पास हुआ, जहां बस से उतरते समय छात्रा नीचे गिरकर गंभीर रूप से घायल हो गई।

पुलिस के अनुसार गेनाणा निवासी गोपालराम मेघवाल (45) ने पुलिस थाना निंबी जोधा में रिपोर्ट दर्ज कराई कि उनकी भतीजी प्रियंका मेघवाल (17) पुत्री हरिफूल मेघवाल एसटीसी की तैयारी के लिए निंबी जोधा स्थित लाइब्रेरी में पढ़ाई करने गई थी। 27 मार्च को वह बस में सवार होकर अपने गांव गेनाणा लौट रही थी।

दोपहर करीब 3:30 बजे नेशनल हाईवे-458 पर गेनाणा-रताऊ के बीच बालाजी मंदिर के पास बस रुकने पर प्रियंका उतरने लगी। इसी दौरान बस चालक ने लापरवाही से अचानक बस आगे बढ़ा दी, जिससे वह असंतुलित होकर नीचे गिर गई। गिरने से उसके सिर में गंभीर चोट आई और वह मौके पर ही बेहोश हो गई।

एसएमएस अस्पताल में तोड़ा दम

घायल छात्रा को तुरंत लाडनूं के राजकीय अस्पताल पहुंचाया गया, जहां से उसे जयपुर रेफर कर दिया गया। जयपुर के एसएमएस अस्पताल में उसके सिर का ऑपरेशन किया गया, लेकिन उपचार के दौरान 29 मार्च को दोपहर करीब 2 बजे उसकी मृत्यु हो गई। इसके बाद पोस्टमार्टम कर शव परिजनों को सौंप दिया गया और 30 मार्च को गेनाणा गांव में अंतिम संस्कार किया गया। परिजनों ने बस चालक पर तेज गति और लापरवाही से वाहन चलाने का आरोप लगाया है। पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है और जांच एएसआई लक्ष्मीनारायण को सौंपी गई है।

होनहार बेटी थी प्रियंका

प्रियंका मेघवाल एक जरूरतमंद परिवार से थी और पढ़ाई में काफी होनहार बताई जा रही है। उसके पिता हरिफूल मेघवाल करीब एक वर्ष पहले कर्ज लेकर विदेश कमाने गए थे, लेकिन घटना के बाद उन्हें वापस लौटना पड़ रहा है। परिवार में दो बहन और एक भाई हैं, जिनमें प्रियंका सबसे बड़ी थी।

वह प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी कर रही थी और बेहतर पढ़ाई के लिए हाल ही में निंबी जोधा की लाइब्रेरी ज्वाइन की थी। घटना से एक दिन पहले ही उसकी मां उसे लाइब्रेरी में दाखिला दिलाकर आई थी और दूसरे ही दिन पढ़ाई से लौटते समय यह हादसा हो गया, जिससे परिवार पर दुखों का पहाड़ टूट पड़ा है।