8 जनवरी 2026,

गुरुवार

Patrika LogoSwitch to English
home_icon

होम

video_icon

शॉर्ट्स

catch_icon

प्लस

epaper_icon

ई-पेपर

profile_icon

प्रोफाइल

मूंगफली की बम्पर पैदावार से किसानों के चेहरे पर चमक

—प्रति बीघा 5 से 6 क्विंटल हुई पैदावार नागौर जिले के चौसला क्षेत्र में इस बार मूंगफ ली का काफी अच्छा उत्पादन हुआ है। कोरोना संक्रमण के बाद पिछले दो सालों में माहौल बदला है। किसान अब धान, चना के अलावा अन्य फसलों से भी अधिक लाभ ले रहे हैं।

less than 1 minute read
Google source verification

नागौर

image

VIKAS MATHUR

Dec 06, 2022

मूंगफली की बम्पर पैदावार से किसानों के चेहरे पर चमक

मूंगफली की बम्पर पैदावार से किसानों के चेहरे पर चमक

बाजार में भाव भी मिल रहे अधिक
रामेश्वरलाल खेरवा ने बताया कि प्रति बीघा 5 से 6 क्विंटल मूंगफ ली उतरी है। किसानों के चेहरों पर चमक है। साढ़े पांच हजार से 7 हजार रुपए प्रति क्विंटल तक इसके भाव मिल रहे हैं।

भुरभुरी मिट्टी में अधिक पैदावार

खेत की मिट्टी जितनी भुरभुरी होती है मूंगफ ली उतनी अधिक जमीन में फैलती है।

6 बीघा में 24 क्विंटल मूंगफली
चौसला क्षेत्र के लोहराणा, कुणी, भाटीपुरा गांव सहित कई गांव में २०-२५ किसानों ने पहली बार मूंगफ ली की खेती की। उनकी अच्छी पैदावार हुई है। कानाराम बोदलिया के 6 बीघा में 24 क्विंटल मूंगफली हुई।

मूंगफली की हैं कई किस्में
कृषि विशेषज्ञों ने बताया कि ज्योति किस्म की मूंगफली में तेल की मात्रा 54 प्रतिशत होती है। इसलिए इस किस्म की मूंगफली की बाजार में मांग अधिक रहती है। अन्य किस्मों में एके.12-24, जे—11, कादरी-3, एम-13, आईसीजीएस-11, गंगापुरी, आईसीजीएस-44, जेएल.24, टीजी-1 (विक्रम) सहित आईसीजीएस-37 प्रमुख हैं।

मोतीराम प्रजापत- चौसला