
नागौर जिले में पिछले 3 साल से हो रही औसत से अधिक बारिश
नागौर. नागौर का मेड़ता तहसील क्षेत्र जिले का ‘चेरापूंजी’ बन रहा है। पिछले पांच-छह सालों में जिस प्रकार बारिश ने मेड़ता क्षेत्र में मेहरबानी दिखाई है, उतनी किसी भी अन्य तहसील में नहीं दिखाई है। इस बार तो सारे रिकॉर्ड तोड़ दिए। मेड़ता तहसील क्षेत्र में इस वर्ष 905 मिलीमीटर बारिश हो चुकी है, जबकि मेड़ता से सटी खींवसर तहसील में अब तक मात्र 355 एमएम बारिश ही हुई है।
हालांकि इस बार जिले की सभी 13 तहसीलों में औसत (369.7 एमएम) से अधिक बारिश हो चुकी है, लेकिन पिछले पांच वर्ष की बारिश देखें तो खींवसर, रियांबड़ी, परबतसर व नावां ऐसी तहसीलें हैं, जहां पांच वर्ष के औसत (480.5 एमएम) से कम बारिश हुई है। जिले की अन्य 9 तहसीलों में पांच वर्ष के औसत से भी अधिक बारिश रिकॉर्ड की जा चुकी है। जिले में 23 सितम्बर तक 556 एमएम बारिश हो गई है, जबकि गत वर्ष की बात करें तो 23 सितम्बर तक 499.6 एमएम बारिश हुई थी।
मौसम विभाग के अनुसार अब पश्चिमी राजस्थान में ज्यादा बारिश नहीं होगी। विशेषज्ञों के अनुसार यह अच्छे संकेत हैं कि जिले में वर्ष दर वर्ष बारिश का औसत बढ़ रहा है। कलक्ट्रेट की भू-अभिलेख शाखा के जिला रिसोर्स पर्सन कपिल देव शर्मा ने बताया कि इस वर्ष जिले में 23 सितम्बर तक औसत बारिश 556 मिलीमीटर हुई है, जो पिछले पांच वर्ष की औसत बारिश से भी 76 एमएम अधिक है।
जिले की बारिश पर एक नजर
तहसील - औसत - 5 वर्षों की औसत बारिश - 23 सितम्बर 2021 तक
नागौर - 309.9 - 345.6- 394
मूण्डवा - 309.9 - 378 - 491
खींवसर - 309.9 - 374.5 - 355
जायल - 325.4 - 391.5 - 479
मेड़ता - 418.6 - 640.1 - 905
रियांबड़ी - 418.6 - 628 - 601
डेगाना - 372.0 - 467.8 - 613
डीडवाना - 309.9 - 488.2 - 585
लाडनूं - 331.4 - 435 - 537
परबतसर - 389.3 - 549.8 - 500
मकराना - 389.3 - 500 - 693
नावां - 460.8 - 562 - 514
कुचामन - 460.8 - 485.6 - 560
औसत - 369.7 - 480.5 - 555.9
चेरापूंजी में होती है सबसे ज्यादा बारिश
बारिश की राजधानी के रूप में मशहूर चेरापूंजी समुद्र से लगभग 1300 मीटर की ऊंचाई पर स्थित है जो मेघालय की राजधानी शिलांग से 60 किलोमीटर की दूरी पर स्थित है। चेरापूंजी की औसत वर्षा 10,000 मिलीमीटर होती है।
मेड़ता में औसत से दुगुनी से ज्यादा बारिश
मेड़ता तहसील में इस बार औसत (418.6 एमएम) से दुगुनी से ज्यादा बारिश हुई है। जिले की अन्य तहसीलों में ऐसी स्थिति नहीं है। गौरतलब है कि सावन तक मेड़ता में बारिश काफी कम हुई थी, लेकिन भाद्रपद माह में अच्छी बारिश होने से कुल बारिश का आंकड़ा 900 एमएम पार हो गया।
Updated on:
24 Sept 2021 01:59 pm
Published on:
24 Sept 2021 01:59 pm
