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मेड़ता नगर पालिकाध्यक्ष प्रिंस निलंबित

मेड़ता सिटी। स्वायत्त शासन विभाग ने मेड़ता नगरपालिका अध्यक्ष रूस्तम अली उर्फ रूस्तम प्रिंस को पद का दुरुपयोग करने के मामले में आरोप गम्भीर प्रकृति के पाए जाने पर बुधवार को निलम्बित कर दिया।
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नागौर

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Pratap Singh Soni

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Updated: 20 Jun 2018, 6:50 PM IST

Merta City News

मेड़ता सिटी. कार्यालय नगरपालिका, मेड़ता सिटी।

- पद का दुरुपयोग करने का मामला
- राजस्थान न.पा. अधिनियम 2009 की धारा 39 के तहत कार्रवाई
मेड़ता सिटी। स्वायत्त शासन विभाग ने मेड़ता नगरपालिका अध्यक्ष रूस्तम अली उर्फ रूस्तम प्रिंस को पद का दुरुपयोग करने के मामले में आरोप गम्भीर प्रकृति के पाए जाने पर बुधवार को निलम्बित कर दिया। स्वायत्त शासन विभाग जयपुर की ओर से जारी आदेश के अनुसार मेड़ता नगरपालिका अध्यक्ष के खिलाफ पद का दुरुपयोग करने की शिकायत मिली थी। विभाग ने शिकायत की प्रारंभिक जांच शुरू करवाई। जांच अधिकारी द्वारा प्रेषित जांच रिपोर्ट का विधिक परीक्षण करवाए जाने पर अध्यक्ष के खिलाफ लगाए गए आरोप काफी गम्भीर प्रकृति के पाए गए। इस पर राज्य सरकार द्वारा उनके विरुद्ध राजस्थान नगरपालिका अधिनियम 2009 की धारा 39 के अन्तर्गत न्यायिक जांच करवाने का निर्णय लिया गया है। पालिकाध्यक्ष के पद पर रहते से न्यायिक जांच प्रभावित करने की संभावना को देखते हुए उन्हें अध्यक्ष एवं सदस्य के पद से निलंबित किया गया है।
यह है मामला...
ग्रांट एक्ट के तहत गलत तरीके से पट्टा जारी करने का आरोप सूत्रों के अनुसार पालिकाध्यक्ष द्वारा अपने चचेरे भाई एवं पार्षद की माता के नाम ग्रांट एक्ट के तहत पट्टा जारी करने की शिकायत पर यह कार्रवाई की गई है। शिकायत में बताया गया था, कि जिस जमीन का पट्टा जारी किया गया, वह आवासीय नहीं बल्कि व्यावसायिक भवन है। जबकि नियमानुसार किसी भी व्यावसायिक भवन के लिए ग्रांट एक्ट में पट्टा जारी नहीं किया जा सकता है। उल्लेखनीय है, कि गत 5 अप्रेल को नेता प्रतिपक्ष ने एक प्रेसवार्ता के दौरान पालिकाध्यक्ष पर पद का दुरुपयोग करते हुए ग्रांट एक्ट के तहत अपने रिश्तेदार को पट्टा जारी करने का आरोप लगाया था।
कांग्रेस-भाजपा की प्रतिक्रियाएं
कांग्रेस इस कार्रवाई को द्वेषपूर्ण बता रही है, जबकि बीजेपी इसे भ्रष्ट बोर्ड का परिणाम बता रही है। इस मामले में पालिकाध्यक्ष रूस्तम प्रिंस का कहना है कि उन पर लगाए गए सभी आरोप बिल्कुल निराधार है। वह न्यायालय से स्थगन आदेश लेकर आएंगे।