
जिला कलक्टर डॉ. जितेन्द्र कुमार सोनी के मार्गदर्शन में काम कर रही टीम हैल्थ नागौर
नागौर. राजस्थान के मध्य भाग में स्थित लंबे-चौड़े भूभाग व रा’य के आधा दर्जन जिलों से लगती सीमाओं वाले नागौर जिले की हैल्थ टीम ने कोरोना महामारी का डटकर मुकाबला किया और अब मात देने की ओर अग्रसर है। चिकित्सा विभाग की ओर से शनिवार को जारी कोरोना रिपोर्ट के अनुसार जिले में अब कोरोना के एक्टिव केस एक हजार से कम हो गए हैं, जो 15 दिन पहले 2 हजार पार हो गए थे। करीब एक महीने बाद जिले में नए संक्रमित भी मात्र &7 आए, जबकि उपचार के बाद ठीक होने वाले मरीजों की संख्या 145 रही। जिला मुख्यालय के जेएलएन अस्पताल में भर्ती कोरोना मरीजों की संख्या 5& रह गई है।
जिला कलक्टर डॉ. जितेन्द्र कुमार सोनी के निर्देशन में चलाया जा रहा मिशन अगेंस्ट कोरोना, पूरे रा’य में मॉडल बनने की ओर से अग्रसर है। सरकारी अस्पतालों में ऑक्सीजन का तंत्र विकसित करने के लिए ऑपरेशन प्राणवायु, कोविड डेडिकेटेड हॉस्पिटल, कोविड केयर कंसलटेंसी सेंटर, कोविड केयर सेंटर, ऑक्सीजन कंसंट्रेटर से लेकर कोविड पॉजिटिव मरीजों को जीवनरक्षक इंजेक्शन व दवाइयों तक में किसी भी तरह की कमी नहीं आने का सफलतम प्रयास टीम नागौर ने किया। कोविड डेडिकेटेड हॉस्पिटलों व कोविड केयर सेंटर्स पर भर्ती कोरोना पॉजिटिव मरीजों से ऑनलाइन संवाद और उनकी राउण्ड द क्लॉक केयर टेकिंग व्यवस्था, कोरोना सैम्पलिंग, रेपिड एंटीजन टेस्ट से लेकर कोविड वैक्सीनेशन तक में नागौर का कोविड हैल्थ मैनेजमेंट सिस्टम एक नजीर बनकर उभरा है।
रा’य सरकार के जन अनुशासन पखवाड़ा व लॉकडाउन नियमों की पालना करवाने, मेरा गांव-मेरी जिम्मेदारी, मेरा वार्ड-मेरी जिम्मेदारी अभियान के तहत घर-घर हैल्थ स्क्रीनिंग व मेडिसिन किट वितरण के काम को युद्ध स्तर पर चलाते हुए टीम हैल्थ नागौर कलक्टर सोनी के नेतृत्व में प्रशासन एवं पुलिस की सहायता से कोरोना के नए स्ट्रेन के संक्रमण की चेन को तोडऩे का प्रयास किया है।
वहीं दूसरी जिले में कुपोषित ब‘चों व एनीमिक किशोरी बालिकाओं को कोरोना संक्रमण से बचाने के लिए जिले में एक अभिनव अभियान ‘लाडेसर’ गत 27 मई को जिला कलक्टर के मार्गदर्शन में शुरू किया गया है। अभियान लाडेसर के तहत तीन दिनों में करीब 60 हजार ब‘चों की हैल्थ स्क्रीनिंग की जा चुकी है, जिनमें से 900 ब‘चे कुपोषित व 24 ब‘चे अतिकुपोषित पाए गए हैं।
खूब मिला दानदाताओं का सहयोग
जिला कलक्टर व टीम हैल्थ नागौर ने जनप्रतिनिधियों, समाजसेवियों व स्वयंसेवी संगठनों की मदद से इस अभियान में आमजन को कोरोना से बचाव के प्रति जागरूकता लाने के काम में काफी हद तक सफलता भी हासिल की है। इसी का नतीजा है कि आज नागौर जिले के कई गांव ऐसे हैं, जहां एक भी कोरोना एक्टिव केस नहीं बचा है तो कई गांव ऐसे हैं जहां का कोई भी नागरिक कोरोना से संक्रमित ही नहीं हुआ। इसके पीछे का कारण उन गांवों क आमजन की नो मास्क नो मूवमेंट, दो गज की दूरी और सेनेटाइजेशन के प्रति जागरूकता रखना भी रहा है।
658 बेड पर ऑक्सीजन सपोर्ट सुविधा उपलब्ध
सीएमएचओ डॉ. महिया ने बताया कि जिले के सरकारी एवं निजी कोविड डेडिकेटेड हॉस्पिटल, कोविड केयर एण्ड कंसलटेंसी सेंटर व कोविड केयर सेंटर्स पर वर्तमान में 658 बेड पर ऑक्सीजन सपोर्ट की सुविधा उपलब्ध है, जिनमें से वर्तमान में 154 बेड पर भी कोरोना पॉजिटिव मरीज भर्ती हैं। वहीं ऑक्सीजन कंसंट्रेटर की भी अब जिले में कमी नहीं रही है। एपीडेमोलॉजिस्ट साकिर खान ने बताया कि पंडित जेएलएन जिला अस्पताल में 190, लाडनूं, कुचामन व डीडवाना के राजकीय उप जिला अस्पतालों में 125, कोविड केयर कंसलटेंशन सेंटर्स में 2&8, कोविड केयर सेंटर्स पर &7 तथा कोरोना पॉजिटिव मरीजों के उपचार के लिए चिह्नित निजी चिकित्सालयों में 68 बेड पर ऑक्सीजन सपोर्ट सुविधा उपलब्ध है।
उखड़ती सांसों को थामने के लिए 504 ऑक्सीजन कंसट्रेटर
जिला मुख्यालय सहित उपखण्ड मुख्यालयों पर रा’य सरकार द्वारा उपलब्ध करवाए गए ऑक्सीजन कंसंट्रेटर्स के अलावा जिला कलक्टर के प्रयासों से भामाशाहों व समाजसेवियों तथा निजी क्षेत्र की कंपनीज ने भी गंभीर कोविड मरीजों की उखड़ती सांसों को थामने के लिए बड़ी संख्या में ऑक्सीजन कंसंट्रेटर मुहैया करवाए हैं। वर्तमान में कुल 504 ऑक्सीजन कंसट्रेटर चिकित्सा संस्थानों में उपलब्ध करवा दिए गए हैं।
सात लाख से अधिक परिवारों की हैल्थ स्क्रीनिंग
जिले में कोरोना के नए स्ट्रेन के संक्रमण काल में टीम हैल्थ नागौर द्वारा अप्रेल माह से लेकर 24 मई तक डोर-टू-डोर हैल्थ सर्वे के दो चरण पूरे किए जा चुके हैं। एसीएमएचओ डॉ. शीशराम चौधरी ने बताया कि जिला कलक्टर एवं सीएमएचओ के निर्देशानुसार घर-घर हैल्थ सर्वे का काम जारी है।
अतिरिक्त मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. चौधरी ने बताया कि कोरोना संक्रमण की चेन को तोडऩे के लिए किए जा रहे घर-घर सर्वे के दूसरे चरण में 10 से 24 मई तक जिले भर में लगी 28 हजार &69 हैल्थ टीमों (एएनएम, आशा सहयोगिनी व आंगनबाड़ी कार्यकर्ता) ने सात लाख से अधिक परिवारों की हैल्थ स्क्रीनिंग की। इस सर्वे में && हजार 485 आईएलआई प्लस कोविड संस्पैक्टेड पेशेंट पाए गए, जिनको चिकित्सा एवं स्वास्थ्य विभाग की विशेषज्ञ चिकित्सक टीम द्वारा निर्धारित मेडिसिन किट भी निशुल्क वितरित किया गया। इनके अतिरिक्त 10 हजार 629 आईएलआई पेंशेंट ऐसे पाए गए, जिन्हें निकटवर्ती चिकित्सा संस्थान में उपचार खातिर भेजा गया। वहीं हैल्थ सर्वे के दौरान 60 हजार 150 ऐसे व्यक्ति पाए गए, जो जिनके किसी दूसरे जिले व दूसरे रा’य से आने की पुष्टि हुई, ऐसे लोगों को हैल्थ टीमों ने कोविड गाइडलाइन के मुताबिक निर्धारित अवधि तक होम क्वारंटीन में रहने की सीख दी गई। मेरा गांव-मेरी जिम्मेदारी तथा मेरा वार्ड-मेरी जिम्मेदारी अभियान के तहत घर-घर सघन हैल्थ सर्वे का तीसरा चरण भी 25 मई को शुरू हो चुका है।
जिला कलक्टर के निर्देशन में कर रहे हैं काम
जिले में 171 ग्राम पंचायतें ऐसी हैं, जिनमें वर्तमान में एक भी कोरोना एक्टिव केस नहीं है। वहीं जिले में 16& गांव ऐसे हैं, जहां कोरोना संक्रमण के दूसरे दौर में एक भी कोविड पॉजिटिव मरीज नहीं पाया गया। यह स्थिति जिले के हर गांव व हर शहरी वार्ड में बने, कोरोना पॉजिटिव मरीजों का आंकड़ा बेहतर चिकित्सा प्रणाली और उनके हौसले की बदौलत कम हो, इसके लिए टीम हैल्थ नागौर जिला कलक्टर डॉ. सोनी के मार्गदर्शन में हर स्तर पर काम कर रही है।
- डॉ. मेहराम महिया, मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी, नागौर
Published on:
29 May 2021 09:20 pm
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