नागौर. शहर के बाठडिय़ा का चौक में रविवार को नृसिंह भगवान की रम्मत देखने के लिए श्रद्धालुओं की भीड़ उमड़ी। शाम को भगवान नृसिंह ने भक्त प्रहलाद की रक्षा एवं हिरण्यकश्यप वध के लिए प्रतीकात्मक तौर पर विभिन्न मुद्राओं में रम्मत की। प्रहलाद का अभयदान देना एवं हिरण्यकश्यप वध के बाद उनके हर्ष की मुद्रा के साथ ही श्रद्धालुओं की उमड़ी भीड़ ने भगवान नृसिंह को नमन किया।
भगवान नृसिंह की रम्मत देखने के लिए श्रद्धालुओं से पूरा बाठडिय़ा चौक भरा रहा। रात्रि आठ बजे तक चौक क्षेत्र में पैर रखने को जगह नहीं थी। भगवान नृसिंह के जयकारे गूंजते रहे।
इसी क्रम में शहर के गोपीनाथ मंदिर, ब्रह्माणी माता मंदिर, गजानन मंदिर एवं वेंकटेश मंदिर से भगवान नृसिंह रम्मत करते हुए श्रद्धालुओं के साथ बंशीवाला पहुंचे। यहां पर मंदिर परिसर की बारियों में रम्मत की। भगवान की रम्मत के दौरान श्रद्धालुओं ने पूजन किया।
मनाई नृसिंह जयंती
नागौर. मैढ श्रत्रिय स्वर्णकार समाज की ओर से खाई की गली स्थित माताजी मंदिर में नृसिंह जयंती मनाई गई। नृसिंह भगवान खंभे को फाडकऱ प्रकट हुए। करीब एक घण्टे तक रम्मत की गई। नृसिंह भगवान का स्वरूप ईशू सोनी ने धारण किया। श्रद्धालुओं ने नगाड़े बजाए। इसी तरह गिनाणी तालाब स्थित नृसिंह बगीची में सुबह नृसिंह भगवान का विधिपूर्वक पंडित बालेश्वर के सानिध्य में अभिषेक किया गया। भास्कर खजांची ने बताया कि शाम को करीब चार बजे हुई रम्मत देखने के लिए श्रद्धालुओं की भीड़ जुटी । इस दौरान करीब 500 लीटर ठंडाई का श्रद्धालुओं में वितरण किया गया।