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कल तक दूसरों के भरोसे रहने वाले नागौर के किसान आज खुद करने लगे बिजली उत्पादन

जिले की बिजली खपत का 10 फीसदी सौर ऊर्जा कर रही पूरा, सौर ऊर्जा से नागौर बना रहा 60 मेगा वॉट से अधिक बिजली- जिले में पीएम कुसुम कम्पोनेंट-ए के तहत लगे सोलर प्लांटों में रोजाना बन रही 52 मेगा वॉट बिजली- घरेलू व व्यावसायिक प्रतिष्ठानों में 387 कनेक्शन से प्रतिदिन हो रहा करीब 8 मेगा वॉट बिजली का उत्पादन- जिले की कुल खपत का दस प्रतिशत सौर ऊर्जा से हो रहा उत्पादन

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Nagaur is generating 60 mega watt electricity from solar energy

Nagaur is generating 60 mega watt electricity from solar energy

नागौर. सौर ऊर्जा से बिजली बनाने के लिए क्षेत्र में नागौर जिला अब प्रगति कर रहा है। जिले में बिजली की कुल खपत का 10 फीसदी से अधिक उत्पादन सौर ऊर्जा से हो रहा है और आने वाले दिनों में यह उत्पादन बढऩे की संभावना है।
नागौर जिले में घरों को सौर ऊर्जा से रोशन करने व कृषि सिंचाई का कार्य सौर ऊर्जा संयंत्रों के माध्यम से करने के साथ अब बंजर भूमि पर बड़े-बड़े सोलर प्लांट लगाकर डिस्कॉम को बिजली बेचने का काम भी होने लगा है। जिले में सबसे बड़ा सोलर प्लांट जायल के बरनेल में लगा हुआ है, जिसकी क्षमता 40 मेगा वॉट है। इसी प्रकार रिलायंस इंडस्ट्रीज ने राजस्थान का पहला सौर ऊर्जा प्लांट खींवसर में काफी वर्ष पहले स्थापित किया, जिसकी क्षमता 5 मेगावॉट है। उसके बाद खींवसर के ही ईसरनावड़ा व कांटिया में 2-2 मेगा वॉट के तथा पिपलिया व जोरावरपुरा में एक-एक मेगा वॉट सोलर प्लांट लगे हैं। इसी प्रकार खींवसर क्षेत्र के अन्य गांवों मेें भी सोलर प्लांट स्थापित करने की तैयारी चल रही है।

बंजर भूमि पर लग रहे सौर ऊर्जा प्लांट
सरकार की कुसुम कम्पोनेट-ए के तहत बंजर भूमि व खेती के लिए अयोग्य भूमि पर सौर ऊर्जा के प्लांट लगाए जा रहे हैं, इसके लिए सरकार की ओर से सब्सिडी भी दी जा रही है। विद्युत निगम के केन्द्रीय बोर्ड एवं विशेषज्ञों ने देश में खींवसर को सौर ऊर्जा के लिए उपयुक्त माना है, इसके बाद किसानों में अपने खेतों में सौर ऊर्जा संयंत्र लगाने को लेकर रुचि बढ़ी है। एक समय था, जब खेतों में सालभर खाने का अनाज भी पैदा नहीं होता था, वहां अब सौर ऊर्जा संयंत्र किसानों के वारे न्यारे कर देंगे। किसान अब अपने खेतों में सौर ऊर्जा संयंत्र लगाकर बिजली पैदा कर रहे हैं। कल तक दूसरों के भरोसे रहने वाले किसान खुद बिजली उत्पादन करने लगे।

खेतों में सिंचाई व घरों के लिए भी सौर ऊर्जा बन रही विकल्प
समय के साथ जिले के किसान भी उपग्रेड होने लगे हैं, जिले में 1500 से अधिक किसानों ने खेतों में नलकूप से पानी निकालने व सिंचाई के लिए सौर ऊर्जा संयंत्र लगा रखे हैं। डिस्कॉम से कनेक्शन लेने वाले किसानों को भले ही बिजली आपूर्ति पर निर्भर रहना पड़ता है, लेकिन सौर ऊर्जा संयंत्र वाले किसान दिन में सिंचाई करते हैं और रात में चैन की नींद सोते हैं। इसी प्रकार जिले घरेलू व अघरेलू में भी सौर ऊर्जा कनेक्शनों की संख्या वर्ष दर वर्ष बढ़ रही है। जिले में अब तक 253 घरेलू और 134 अघरेलू श्रेणी के सौर ऊर्जा कनेक्शन हो चुके हैं, जिनसे रोजाना करीब 8 मेगा वॉट बिजली उत्पादन हो रहा है। इसमें कुछ जगह तो पूरी की पूरी फैक्ट्री सौर ऊर्जा से चल रही है।

सोलर एनर्जी से चल रही बड़ी-बड़ी फैक्ट्रियां
जिला मुख्यालय पर करीब 4 हजार किलो वॉट के सौर ऊर्जा प्लांट लगे हुए हैं, इसमें सबसे ज्यादा फैक्ट्रियों एवं कारखानों में हैं। डिस्कॉम से मिली जानकारी के अनुसार जिला मुख्यालय का सबसे बड़ा सौर ऊर्जा प्लांट शुभलक्ष्मी ग्रुप के है, जिसकी क्षमता 550 किलो वॉट है। इसी प्रकार विष्णु दाल मील में 125 किलो वॉट का, 149 किलो वॉट का हरिराम भूजिया वाला का, माहेश्वरी ऑयल मील व होटल मेघमाउण्ट में 100-100 किलो वॉट के सौर ऊर्जा प्लांट लगे हुए हैं।

सरकारी विभाग भी होने लगे रोशन
जिला कलक्ट्रेट कार्यालय में 50 किलो वॉट का सौर ऊर्जा प्लांट स्थापित हो चुका है। इसी प्रकार जिला मुख्यालय के बीआर मिर्धा कॉलेज में 15 किलो वॉट का प्लांट लग चुका है, जिससे अब हर महीने लाखों रुपए के साथ बिजली की भी बचत हो रही है। इसी प्रकार कांकरिया स्कूल में भी सौर ऊर्जा का प्लांट लगा हुआ है।

अधिक उत्पादन पर डिस्कॉम करता है भुगतान
डिस्कॉम अधिकारियों ने बताया कि घरेलू श्रेणी में जिन उपभोक्ताओं के खपत से ज्यादा उत्पादन होता है, उन्हें प्रति यूनिट डिस्कॉम की ओर से 3.14 रुपए प्रति यूनिट के हिसाब से भुगतान किया जाता है। यह सुविधा व्यावसायिक एवं अन्य कनेक्शनों पर नहीं है।

जिले में पिछले आठ साल में यूं बढ़े रूफ टॉप सोलर कनेक्शन
वर्ष - कनेक्शन
2016-17 - 3
2017-18 - 13
2018-19 - 40
2019-20 - 37
2020-21 - 107
2021-22 - 103
2022-23 - 69
2023-24 - 15
कुल - 387

सोलर लगाने के लिए सैकड़ों किसान कतार में
सूर्य की किरणों से मिलने वाली ‘ऊर्जा’ किसानों के साथ सरकार में भी ‘ऊर्जा’ का संचार कर रही है। पीएम कुसुम कम्पोनेंट ‘बी’ के तहत सौर ऊर्जा संयंत्र के लिए अब सैकड़ों किसान कतार में हैं, इसको देखते हुए सरकार ने भी लक्ष्य में वृद्धि की है।

लोगों में बढ़ रहा सौर ऊर्जा का क्रेज
हां, जिले में पीएम कुसुम कम्पोनेट-ए के तहत आधा दर्जन से अधिक सौर ऊर्जा प्लांट लग चुके हैं, जिनसे करीब 52 मेगावॉट बिजली उत्पादन हो रहा है। इसी प्रकार रूफ टॉप सोलर प्लांट के तहत घरेलू व अघरेलू श्रेणी के कुल 387 कनेक्शन भी हुए हैं, जिनसे करीब 8 मेगावॉट बिजली उत्पादन हो रहा है।
- एफआर मीणा, अधीक्षण अभियंता, डिस्कॉम, नागौर