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Nagaur patrika…धूल के उठते बवण्डरों के थपेड़ों के साथ तंदूर की तरह जलता रहा शहर…VIDEO

नागौर. गर्मी ने अपना प्रचंड रूप धारण कर लिया है। जिला इन दिनों तंदूर जैसा तप रहा है। यहां गर्मी कम तो नहीं ही रही, बल्कि हर दिन अपना रौद्र रूप धारण करती जा रही है। बड़ी बात यह है कि सूरज ढलने के बाद शाम को भी गर्मी से राहत नहीं मिल रही है। […]

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नागौर. गर्मी ने अपना प्रचंड रूप धारण कर लिया है। जिला इन दिनों तंदूर जैसा तप रहा है। यहां गर्मी कम तो नहीं ही रही, बल्कि हर दिन अपना रौद्र रूप धारण करती जा रही है। बड़ी बात यह है कि सूरज ढलने के बाद शाम को भी गर्मी से राहत नहीं मिल रही है। दोपहर में तापमान का पारा रिकार्ड बढ़ोत्तरी करते हुए 43 डिग्री सेल्सियस तक जा पहुंचा। पूरे दिन ही नागौर जिला गर्म हवाओं के साथ उठते धूल के बवण्डरों के चपेट में रहा। धूल के बवण्डरों के साथ उठ रहे गर्म हवाओं के झुण्ड से हर कोई परेशान नजर आया। शहर के प्रमुख मार्गों पर सूनी सडक़ें लोगों का इंतजार करती नजर आई। प्रमुख सार्वजनिक जगहों पर जहां लोग पानी से गला तर कर गर्मी से बचने का जतन करते नजर आए, वहीं सडक़ों पर जरूरी कार्यों से निकले लोग पेड़ों के छाया की तलाश में भटकते रहे। इधर मौसम विभाग ने भी दोपहर में गर्मी से बचने की अपील की है।
गर्म हवाओं की मार ने किया परेशान
नागौर शुक्रवार को प्रदेश के गर्म जिलों में शामिल रहा। तापमान का पारा जहां अधिकतम 43 डिग्री सेल्सियस एवं न्यूनतम तापमान का पारा 31 डिग्री सेल्सियस रहा। बढ़ते तापमान में आसमान से बरसती आग के चलते गर्म हवाओं के थपेड़े शाम तक चलते रहे। बताते हैं कि गत वर्ष इसी माह में तापमान का पारे इसी तरह परेशान किया था। इस बार भी बढ़ते तापमान से स्थिति विकट ही नजर आ रही है। मौसम विभाग के अनुसार तापमान का पारा घटने की जगह बढ़ सकता है। चिकित्सा विशेषज्ञों की माने तो दोपहर में 12 बजे से पीक टाइम तक लोगों से बचने का आग्रह किया गया है। विशेषकर बच्चों एवं बुजुर्गों को तो पूरी तरह से दोपहर में निकलने से परहेज बरतने के लिए कहा गया है।


सर्किट हाउस के पास….बरसती रही आग
दोपहर में दो बजे के करीब इस मार्ग पर गिने-चुने की संख्या में लोग मिले तो लेकिन उनकी सूरत गर्मी ने बिगाड़ रखी थी। सर से पांव तक जाड़े की तर्ज पर दस्ताने के साथ ही उनका पूरा शरीर कपड़ों में कैद नजर आया। इस दौरान रेलवे क्रासिंग फाटक बंद मिला तो वहां पर खड़े इसके खुलने के इंतजार में खड़े रहने की जगह इधर-उधर छांव की तलाश करते मिले।
रेलवे स्टेशन रोड…सूनी सडक़ें
दोपहर में डेढ़ बजे के करीब रेलवे स्टेशन रोड सूना रहा। जबकि यह शहर के व्यस्ततम मार्गों में है। सडक़ों के दोनों ओर दुकानें तो खुली थी, लेकिन खरीदार नहीं थे। एक-दो वाहन जरूरत गुजरते नजर आए।
गांधी चौक: हर कोई परेशान रहा
शहर के प्रमुख बाजारों में शामिल गांधी चौक में दोपहर में ढाई बजे के करीब आसमान से बरसती आग से सन्नाटे की स्थिति बनी रही। पंखें आदि चलने के बाद भी दुकानदार परेशान नजर आए। प्रमुख बाजार होने के चलते खरीदार थे जरूर, लेकिन चहल-पहल कम रही।
चेहरों पर पानी छिट्टा मारते रहे
शहर के प्रमुख स्थानों पर कई जगह लोग गर्मी से राहत पाने की कोशिश में पूरे दिन अपने चेहरों पर पानी की छिट्टा मारने के साथ ही शीतल पेय से अपना गला तर कर गर्मी से बचने का जतन करते नजर आए। कुछ परेशान लोग प्याऊ के पास खड़े काफी देर तक यही काम करते रहे कि शायद राहत मिले, लेकिन सफलता नहीं मिली।
नागौर.गर्मी से परेशान लोग प्याऊ पहुंचे गला तर करने के लिए
गर्मी से परेशानियां
दिन में तेज धूप और गर्म हवाओं के कारण सबसे ज्यादा परेशानी बाइक चालक को हो रही है। हालात यह है कि अगर मुँह पर कपड़ा नहीं बांधा तो 200 मीटर तक भी बाइक नहीं चल पा रही है. 2-3 किमी लगातार तेज रफ्तार में बाइक चलाई और चश्मा नहीं पहना तो आंखे लाल हो रही है। बड़ी बात तो यह है कि धूप में काम करने के बाद शाम तो शरीर से गर्माहट नहीं जा रही है। साथ ही मौसमी बीमारियों के चपेट ने बच्चे सहित बड़े आ रहे हैं। उल्टी, दस्त और बुखार आम हो गया है।