
'Need to make concrete laws for population control'
नागौर. ‘देश की तेज गति से बढ़ती जनसंख्या को नियंत्रित करने के लिए ठोस कानून बनाने की आवश्यकता है।’ यह बात आरएसएस के वरिष्ठ प्रचारक कैलाशचंद शर्मा ने बुधवार को नागौर में आयोजित जनसंख्या समाधान फाउंडेशन jansankhya samadhan foundation की जिला कार्यसमिति की बैठक को संबोधित करते हुए कही।
शर्मा ने कहा कि जब-जब देश में राष्ट्रीयता का भाव कम हुआ है, देश कमजोर हुआ है। हम सब के लिए राष्ट्र भाव व समाज भाव सर्वोपरि होना चाहिए था, किंतु हम स्वकेंद्रित हो गए हैं, जिसके कारण से बाहरी व विधर्मी को हमारी कमी से पैर पसारने का अवसर मिला है। उन्होंने कहा कि हिंदू समाज का कभी भी किसी भी विश्व परिदृश्य में मंदिर बनाने का या किसी अन्य स्थान पर कब्जा करने का भाव कभी नहीं रहा है। इसलिए वसुधैव कुटुंबकम, कृण्वन्तो विश्वमार्यम् और सर्वे भवन्तु सुखिन तथा सभी में परमात्मा का अंश देखने का भाव रहा है। इसलिए समाज जीवन में किसी भी प्रकार का भेदभाव नहीं हो। उन्होंने कहा कि जनसंख्या असंतुलन के माध्यम से भारत को अस्थिर करने के षड्यंत्र के विरुद्ध सभी जाग्रत हो। इसीलिए जनसंख्या को नियंत्रित करने के लिए ठोस कानून बनाना चाहिए, ऐसी हमारी मांग है।
जनसंख्या समाधान फाउंडेशन के जिलाध्यक्ष भोजराज सारस्वत की अध्यक्षता में आयोजित कार्यसमिति की बैठक को संबोधित करते हुए प्रांतीय अध्यक्ष नारायणराम चौधरी ने कहा कि जनसंख्या को नियंत्रित करने के लिए असम में 15 हजार ज्ञापन दिए गए, जिसके बाद असम सरकार द्वारा कानून बनाया गया। इसे जन आन्दोलन व समाज आंदोलन बनाना होगा। बढ़ती जनसंख्या के कारण से उत्पन्न बेरोजगारी हम सभी के लिए परेशानी का विषय है। बढ़ती जनसंख्या से भौतिक व मानवीय संसाधन का भारी संकट खड़ा होगा। इसलिए समान रूप से जनसंख्या नियंत्रण आवश्यक है।
देश में समान रूप से लागू होने वाला कानून बने - चौधरी
‘विश्व में भारत का 2.4 भूभाग है, जबकि जनसंख्या 18 प्रतिशत है। भारत में जनसंख्या का असंतुलन नहीं हो, यह आवश्यक है अन्यथा भौतिक व मानवीय संसाधनों में भारी असंतुलन हो जाएगा। हम 150 करोड़ की ओर बढ़ रहे हैं, जिसमें अवैध घुसपैठ भी शामिल है। बढ़ी हुई आबादी के कारण से सरकार की ओर से जो भी प्रयास किए जा रहे हैं, वह कमतर ही दिखाई दे रहे हैं। यह कहीं गृह युद्ध की स्थिति न बना दे। इस सब मांगों को लेकर के जनसंख्या समाधान फाउंडेशन द्वारा देश में सब नागरिकों पर समान रूप से लागू होने वाला कानून बनाकर के जनसंख्या नियंत्रण किया जाए, ऐसी मांग की जा रही है।’
यह बात जनसंख्या समाधान फाउंडेशन के प्रदेश अध्यक्ष नारायण चौधरी ने पत्रकारों से बात करते हुए कही। उन्होंने कहा कि हमारी केंद्र सरकार के साथ-साथ राजस्थान सरकार से भी मांग है कि यूपी व असम के समान कानून बने। राजस्थान में अभी हाल ही में संपन्न रीट परीक्षा में 30 हजार की भर्ती के लिए जिस प्रकार से लाखों अभ्यािर्थयों द्वारा परीक्षा दी गई, वह इस आशंका को व्यक्त करता है।
चौधरी ने कहा कि फाउंडेशन का 20 राज्यों में संगठन के रूप में कार्य प्रारंभ हो चुका है। फाउंडेशन द्वारा भारत यात्रा के कार्यक्रम भविष्य में निर्धारित किए जाएंगे, जिसमें गांव-गांव, जिले-जिले में यह कार्यक्रम होंगे। इसके बाद दिल्ली में बड़ी रैली के माध्यम से केंद्र सरकार से इस संबंध में कानून बनाने की मांग की जाएगी, जो सभी नागरिकों पर समान रूप से लागू हो सके। उन्होंने कहा कि फाउंडेशन के वर्तमान में 5 प्रकल्प कार्यरत हैं। संत परिषद, महिला, सर्व विकास प्रतिनिधि, पंचायत राज प्रकोष्ठ व आईटी प्रकोष्ठ। इन सब के माध्यम से समाज में जनसंख्या नियंत्रण के लिए कानून बनाने की मांग को लेकर व्यापक जन आंदोलन किया जाएगा।
मांग को जन आंदोलन बनाना होगा
संगठन महामंत्री कुलभूषण बैराठी ने कहा कि बढ़ती व असंतुलित जनसंख्या देश के लिए घातक है। जिस प्रकार से देश में जनसंख्या का असंतुलन हुआ है तथा तुष्टिकरण हो रहा है, वह लोकतंत्र के लिए भी घातक है। प्रांत संरक्षक ज्ञानदेव आहूजा ने कहा कि बढ़ती हुई जनसंख्या पर नियंत्रण जरूरी है। पहले भी कई बार इसकी आवश्यकता महसूस की गई। जनसंख्या वृद्धि से बेरोजगारी की समस्या उत्पन्न हो रही है, जिसके परिणामस्वरूप समाज में लूट, नकबजनी सहित अन्य अपराध बढ़ रहे हैं। बैठक को प्रदेश महामंत्री ललित सिंह जादौन व संगठन महामंत्री कुलभूषण बैराठी ने संबोधित करते हुए जनसंख्या नियंत्रण कानून बनवाने के लिए इसे जन आंदोलन बनाने का आह्वान किया। बैठक में संघ के जिला संघचालक मुकेश भाटी भी मौजूद थे। इससे पहले जनसंख्या फाउंडेशन की राजस्थान महिला विंग प्रदेशाध्यक्ष सरोज प्रजापत ने अतिथियों का परिचय कराते हुए स्वागत भाषण दिया। फाउंडेशन के जिला अध्यक्ष भोजराज सारस्वत ने आभार ज्ञापित करते हुए जनसंख्या नियंत्रण की मांग जन-जन तक पहुंचाने का आश्वासन दिया। कार्यक्रम का संचालन राजेंद्र प्रजापत ने किया।
ये रहे उपस्थित
बैठक में रुद्र कुमार, हरिराम धारणिया, उम्मेदसिंह राजपुरोहित, रामेश्वर सारस्वत, मेघराज राव, डॉ. हापूराम चौधरी, बनवारीलाल अग्रवाल, नृत्यगोपाल मित्तल, मालीराम बाकोलिया, नागरचन्द भार्गव, बजरंग शर्मा, प्रहलाद भाटी, भरत टाक, धर्माराम भाटी, बनवारीलाल, पुखराज सांखला, कैलाश सारड़ा, शारदा राठी, आशा आसनानी, रवीना वासवानी, संतोष कुमावत, वर्षा स्वामी, ललिता भाटी, मुन्नी शर्मा, तुलसी सोनी, रेणु त्यागी, गुड्डी सारस्वत, कंचन, जिला संयोजक रमेश वर्मा, जगदीश कुमावत, कैलाश घोड़ेला, कैलाश बाकोलिया, पंडित ताराचंद सारस्वत व कैलाश महाराज सहित शहरवासी उपस्थित रहे।
Published on:
30 Sept 2021 09:37 am
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