नागौर. गुरु पुष्य नक्षत्र पर गुरुवार को बाजारों में गर्मी तो रही,लेकिन बहुत ज्यादा नहीं। खरीदार तो पहुंचे, और सामानों में वाहनों, ज्वेलर्स, कपड़ों एवं इलेक्ट्रानिक आदि उत्पादों की खरीद भी की, मगर अपेक्षानुसार बाजार में खरीदारी के तापमान का पारा सामान्य ही बना रहा। शहर के गांधी चौक, तिगरी बाजार, तहसील चौक, सदर बाजार में खरीदारों की धूम रही। ग्राहकों को लुभाने के लिए अक्षय तृतीय पर ज्वेलर्स ने मां लक्षी सहित विभिन्न देवी-देवताओं की उत्कीर्ण सोने एवं चांदी के विभिन्न आकारों में ढाले आभूषण आकर्षण का केन्द्र बने रहे। गांधी चौक में दुकानदार अनिल ने बताया कि सोने से बने आभूषण की बिक्री चांदी की अपेक्षा बेहतर रही। हालांंकि कारोबार चांदी का भी बेहतर रहा, मगर सोने के आभूषण लोगों की पहली पसंद बने हुए हैं।
इलेक्ट्रानिक्स उत्पादों की खरीद
कपड़ों की दुकानों पर विभिन्न प्रकार के परिधानों में नए कलेवर के राजस्थानी संस्कृति के रंग में रंगे घांघरा, सलवार-सूट, एवं चुन्नी में हुई कशीदाकारी काम लोगों के लिए आकर्षण का केन्द्र बना रहा। मोबाइल्स की खरीद की स्थिति भी सामान्य ही रही। दुकानदार विमल जैन ने बताया कि गुरु पुष्य नक्षत्र पर अन्य दिनों की अपेक्षा मोबाइल खरीद का लोगों में खासा क्रेज रहा। इलेक्ट्रानिक्स सामानों के व्यवसायी अमित पित्ती का कहना है कि गुरुवार को हुई खरीद अन्य दिनों की अपेक्षा बेहतर रही है। लोगों ने इलेक्ट्रानिक्स उत्पादों में एलईडी, वाशिंग मशीन में ज्यादा दिलचस्पी दिखाई है। यही बिके भी ज्यादा हैं। अन्य उत्पादों के बिक्री की स्थिति सामान्य ही रही है।
खरीदारी बेहतर रही
पारंपरिक परिधानों के व्यवसायी राजेन्द्र असावा से बातचीत हुई तो कहा कि शुभ नक्षत्रों एवं संयोगों के बीच खरीदारी का क्रेज हमेसा से बना रहा। इसलिए खरीदारी गुरुवार को भी हुई। खरीदारी की स्थिति बहुत ज्यादा नहीं, तो खराब भी नहीं रही। हर बार की तरह इस बार भी लोगों ने लंहगा, चुनरी, राजपूताना ड्रेस एवं साडिय़ां खरीदी। इस बार सादे साड़ी की जगह डिजाइनदार साडिय़ों के खरीद की स्थिति भी अच्छी रही। रेडीमेड गारमेंड्स के व्यवसायी विनोद ने कहा कि नक्षत्र तो बढिय़ा था, लेकिन ज्यादातर खरीद तो धनतेरस पर ही होती है। लोगों में अब जींस पैँट की जगह सामान्य पैंट, शर्ट के प्रति दिलचस्पी ज्यादा रही है। इसकी खरीद भी अच्छी ही रही है।
वास्तुदोष मूर्ति बनी आकर्षण का केन्द्र
ज्वेलर्स के व्यवसायी पीनू सुराणा ने कहा कि अब तक बाजार सामान्य चल रहा था,लेकिन गुरुवार को हुई खरीदारी अन्य दिनों की अपेक्षा बेहतर रही है। उन्होंने कहा कि चांदी निर्मित मछली एवं वास्तुदोष की मूर्ति पहली बार बाजार में आई है। इसके पहले कुबेर, लक्ष्मी, गणेश की चांदी निर्मित प्रतिमाएं ही ज्यादातर मिलती थी, लेकिन इस बार थोड़ा हटकर डिजाइनदार होने के साथ ही आकर्षक आकारों में चांदी की मछली एवं वास्तुदोष मूर्ति भी ग्राहकों के लिए रखी गई है। इसके प्रति लोगों में दिलचस्पी भी है। इसके साथ ही भगवान राम की चांदी निर्मित प्रतिमा भी इस बार दुकानों पर सजी हुई है। कुछ लोगों ने इसकी खरीद भी की है। विशेष रूप से खरीद तो धनतेरस पर ही होगी।
दुकानदार बोले…
चांदी के निर्मित वास्तुदोष की मूर्ति इस बार ग्राहकों के लिए खास है। इसका क्रेज भी है। गुरु पुष्य नक्षत्र पर इसकी खरीद भी हुई है। अन्य दिनों की अपेक्षा गुरुवार को बाजार की स्थिति बेहतर रही है।
पीनू सुराणा, ज्वेलर्स
बर्तनों की कई वेराइटियां आई है। इसमें भी तांबा एवं पीतल निर्मित बर्तन लोगों की पहली पसंद बना हुआ है। अच्छा नक्षत्र होने की वजह से खरीद की स्थिति तो ठीक रही, लेकिन इसकी ज्यादातर खरीद मुख्य रूप से धनतेरस पर ही होती है।
अनिल, बर्तन व्यवसायी
बाजार में इन दुकानों पर भी भीड़
किले की ढाल एवं गांधी के साथ सदर बाजार में बर्तन बाजार, सजावटी फूल, गुलदस्ते, मिट्टी के दीये, झालर, मिट्टी निर्मित लडिय़ां और पांच मुखी दीपक आदि की खरीद के लिए भी दुकानों पर चहल-पहल रही। विशेषकर गांधी चौक में प्रवेश करते ही वाहन पार्किंग स्टैंड के पास लगी मिट्टी से निर्मित उत्पादों के दुकान पर ग्राहक दीयों आदि की खरीद करते नजर आए।