
organizing Ramlila with Rajasthan patrika midea partnarship
नागौर. इंद्र की सभा में नृतकियों के मनमोहक नृत्य..क्रोधित नारद ऋषि की ओर से भगवान विष्णु को श्राप देने के सजीव दृश्यों ने दर्शकों को रामलीला मंचन के अलग ही आकर्षण से बांधे रखा। गिरते-उठते पर्दों के बीच दर्शक टकटकी लगाए मंच की ओर अलग-अलग दृश्यों को देखने के लिए उत्साहित नजरों से निहारते रहे। जब वन में श्रवण के प्यासे माता-पिता की ओर से राजा दशरथ को श्राप दिया गया तो श्रवण के माता-पिता की परिस्थिति देख दर्शक स्वयं को भावुक होने से नहीं रोक पाए। इसी प्रकार जब रावण ने तेज अट्टाहस किया तो दर्शक रोमांचित हो गए। यह नजारा था गुरुवार शाम साढ़े सात बजे राजस्थान पत्रिका एवं साहित्य कला धर्म संस्कृति सेवा समिति की ओर से शहर के रिगल टाकिज परिसर में शुरू हुए दस दिवसीय रामलीला मंचन का। रामलीला में कलाकारों ने समां बांध दिया। अलग-अलग रंगों से सजे मंच पर कलाकारों ने शानदार प्रस्तुतियां दी। बड़ी संख्या में मौजूद दर्शकों ने तालियों की गडग़डाहट से कलाकारों का उत्साहवद्र्धन किया।
अतिथियों का किया स्वागत....
कार्यक्रम की शुरुआत गणेश वंदना से हुई। उसके बाद मां भवानी की सजीव झांकी की आरती की गई। मुख्य अतिथि समाज सेवी एवं कृषि मण्डी व्यापार मण्डल के अध्यक्ष भोजराज सारस्वत एवं राजस्थान पत्रिकानागौर के शाखा प्रबंधक पदम जैन विशिष्ट ने फीता काटकर रामलीला मंचन की शुरुआत की। समिति के सचिव श्रद्धानंद तिवारी ने बताया कि श्याम व्यास ने दशरथ, नविका सोनी ने नारद, करण ने लालदेव, आकाश ने कामदेव, देवेन्द्र सोनी ने इन्द्र, चंदन तिवारी ने रावण, तनिषा ने दुर्गा की भूमिका अदा की। मंच पर नृत्य महेन्द्र ने किया। इसी प्रकार ऑर्गन पर सचिन तथा तबला पर भंवर ने संगत की। तिवारी ने बताया कि रामलीला में राजपत्रित अधिकारी शयाम व्यास दशरथ की भूमिका एवं व्यास पीठ संभालेंगे। इसी प्रकार भूगोल के व्याख्याता प्रमोद उपाध्याय हनुमान , इंजीनियर चंदन तिवारी रावण, अध्यापक सुरेन्द्र सोनी जनक, कानपुर के अशोक कुंभकरण की भूमिका निभाएंगे। कम्प्यूटर प्रबंधन व्याख्याता रमेश करेंगे। इसी प्रकार गृहणियां व छात्राएं रामलीला में मुख्य किरदार निभाएंगी। टीम में कुल 42 सदस्य हैं। जिनमें से 20 के करीब लड़कियां हैं।
नागौर. राजस्थान पत्रिका एवं ‘साहित्य कला धर्म संस्कृति सेवा समिति’ के संयुक्त तत्वावधान में शहर के रिगल टॉकिज परिसर में शुक्रवार को दस दिवसीय रामलीला मंचन के दूसरे दिन विभिन्न प्रसंगों पर मंचन किया गया। निर्धारित समय से पहले ही दर्शकों की टोलियों परिसर में पहुंचने लगी। रामायण के जीवित दृष्यों पर कलाकारों की प्रस्तुती लोगों का मन मोहती नजर आई। मंच पर चल रहे अलग-अलग दृष्यों पर दर्शकों की भाव-मुद्राओं में भी परिवर्तन होते देखा गया। रामलीला के दौरान ज्योंही राम जन्म के दृश्यों का मंचन किया पूरा परिसर रामजन्म की बधाइयां गाने लगा। श्रीराम के जयकारों से परिसर गूंजायमान हो गया। इसके बाद महर्षि विश्वामित्र का आगमन और श्रीराम को विभिन्न राक्षसों के युद्ध के रोमांचक दृश्यों ने दर्शकों को मंत्रमुग्ध कर दिया। पत्थर बनी अहिल्या को जब भगवान राम ने अपने पैर से छूआ तो वह श्राप मुक्त होकर वापस नारी हो उठी। अहिल्या के उद्धार के मंचन को भी दर्शकों ने खूब सराहा।
इन्होंने निभाई भूमिका...
समिति के सचिव श्रद्धानंद तिवारी ने बताया कि वसुंधरा तिवारी, रमेश चौधरी, पूजा प्रजापत, पूनम, प्रकाश, वैभव दाधीच, सुरेन्द्र सोनी, ललिता सोनी, चंदन तिवारी, आकाश तिवारी, लक्ष्मी सोनी, करण, महेश प्रजापत, विनीता तिवारी, देव तिवारी, महेन्द्र, विशाल षर्मा, प्रमोद उपाध्याय, रिया उपाध्याय, स्वस्ति, स्वर्णलता उपाध्याय, अन्वेशा उपाध्याय, नेहा, विनोद, कृष्णा, दिनेश बंसल, अशोक कुमार तथा श्याम व्यास ने भूमिकाएं की। इसी प्रकार ऑर्गन पर सचिन तथा तबला पर भंवर ने संगत की।
सीता स्वयंवर आज
समिति सचिव तिवारी ने बताया कि शनिवार को सीता स्वयंवर का मंचन किया जाएगा। उन्होंने बताया कि रामलीला में सीता स्वयंवर व भगवान राम की बारात के दृष्य भी मुख्य मंचन में शामिल हैं।
Published on:
23 Sept 2017 11:25 am
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