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जैन धर्मावलम्बियों में पर्युषण पर्व, तैयारियों को दिया अंतिम रूप

पर्व के दौरान आठ दिन तक चलेगी तपस्या व आराधना

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जैन धर्मावलम्बियों में पर्युषण पर्व, तैयारियों को दिया अंतिम रूप

जैन धर्मावलम्बियों में पर्युषण पर्व, तैयारियों को दिया अंतिम रूप

नागौर. जैन धर्म में पर्युषण पर्व शनिवार से प्रारंभ होगा। इसकी तैयारियों को अंतिम रूप दिया गया। इस दौरान आठ दिनों तक तपस्या एवं आराधना की जाएगी।
श्वेतांबर स्थानकवासी जयमल जैन श्रावक संघ के तत्वावधान में आचार्य जयमल जैन मार्ग स्थित जयमल जैन पौषधशाला में 15 अगस्त से 22 अगस्त तक पर्वाधिराज पर्युषण की आराधना की जाएगी। इस दौरान 19 अगस्त को आचार्य सम्राट शुभचंद्र महाराज का द्वितीय स्मृति दिवस तप-त्याग, जप-जाप एवं जीव दया के कार्य कर मनाया जाएगा। वहीं, 22 अगस्त को संवत्सरी महापर्व मनाया जाएगा। (Worship Will Be Done At Home On Paryushan)

अंतगड दसा सूत्र का होगा वाचन
पर्युषण पर्व पर आठ दिन जयमल जैन पौषधशाला में प्रतिदिन प्रात: 8.30 से 9.30 बजे तक अंतगड दसा सूत्र का वाचन किया जाएगा। पर्युषण पर्व के दौरान विशेष रूप से इस सूत्र का स्वाध्याय किया जाता है। इसके पठन-पाठन और मनन से हर भव्य जीव को अंत क्रिया की प्रेरणा मिलती है। इसलिए यह परम कल्याणकारी ग्रंथ माना गया है।

प्रतिदिन करेंगे प्रतिक्रमण
इस दौरान प्रतिदिन सूर्यास्त के बाद प्रतिक्रमण किया जाएगा। संघ मंत्री हरकचंद ललवानी ने बताया कि पुरुष वर्ग का प्रतिक्रमण जयमल जैन पौषधशाला में होगा। वहीं, महिला वर्ग का प्रतिक्रमण घोड़ावतो की पोल स्थित रावत स्मृति भवन में किया जाएगा। इस दौरान सोशल डिस्टेंसिंग, मास्क आदि लगा कर कोविड-19 की गाइड लाइन का पालन किया जाएगा।