
water problem
मकराना. सत्रह दिनों के अंतराल से क्षेत्र में जलदाय विभाग की ओर से पेयजल आपूर्ति दी जा रही है बावजूद इसके नलों में टपक रहे पानी के खारे एवं बदबूदार होने से एक ओर जहां लोग इसे पीकर बीमार हो रहे है वहीं दूसरी ओर चाय का जायका भी क्षेत्रवासी भूल चुके हैं। कुछ इस तरह की समस्या लेकर बुधवार की सुबह उपखण्ड कार्यालय परिसर में हाथ में तख्तियां ले एवं नारेबाजी कर नगरपरिषद क्षेत्र के वार्ड16 स्थित गौड़ाबास क्षेत्रवासी प्रदर्शन कर रहे थे। प्रदर्शन में शामिल शहनाज, रसीदन, जरीना, वहीदा, हमीदन आदि महिलाओं ने बताया कि गौड़ाबास मस्जिद क्षेत्र में गत एक वर्ष से 17 दिनों के अंतराल से पेयजल आपूर्ति दी जा रही है। विभाग की ओर से आपूर्ति किए जा रहे पेयजल के खारा एवं बदबूदार होने से दूध फट रहा है, चाय का टेस्ट समाप्त हो चुका है, सब्जी बनाने एवं कपड़ें धोने में महिलाओं को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है वहीं खारा एवं बदबूदार पानी पीने से कई लोग त्वचा आदि रोगों से ग्रस्त हो चुके है। समस्या समाधान को लेकर नगरपरिषद सभापति व वार्ड से पार्षद शौकत अली गौड़ को भी जलदाय विभाग की तरह बार-बार अवगत कराने के बावजूद समस्या यथावत बनी हुई है। इस दौरान जलदाय एईएन देवेंद्र सिंघल के १५ दिनों मेें समस्या समाधान का आश्वासन देने पर क्षेत्रवासी पुन: अपने-अपने घरों की ओर लौटे। इसी आशय को लेकर वार्डवासियों ने एसडीएम मुकेश चौधरी को एक ज्ञापन भी सौंपा।
इनका कहना है
नए ट्यूबवैल स्वीकृति के प्रस्ताव भेजे गए है, जिनसे पेयजल आपूर्ति होने पर क्षेत्र में व्याप्त पेयजल समस्या का समाधान संभवत: हो जाएगा।
रामलाल मीणा, एक्सईएन जलदाय विभाग
सर्दी में भी पेयजल किल्लत
मारोठ मारोठ में इस भीषण सर्दी में भी लोगों में पेयजल के लिए त्राही त्राही मची है। पेयजल होने के बावजूद संसाधनों के उचित रख रखाव नहीं होने से पांच दिन से मात्र चार पांच मटकी पानी दिया जा रहा है। जानकारी के अनुसार मारोठ में पेयजल सप्लाई के लिए नौ टयूब वैल है। इनमें से छह में अभी पानी है। उन छह टयूब वैल में से अभी मात्र दो टयूब वैल ही संचालित हो रहे हैं। विभागीय टयूब वैल में एक ही टयूब वैल से पानी आ रहा है। गत तीन चार माह से इन कुओं की मोटर जली हुई है। बार-बार सूचना के बावजूद उन पर नई मोटर नही लगाई जा रही है। मारोठ में विभागीय सप्लाई में मात्र एक कुए से पचास हजार लीटर पानी ही आ रहा है। बाकी सप्लाई बिसलपुर के पानी पर निर्भर है। इस मामले में विभागीय जेइएन से बात करने का प्रयास किया बात नहीं हुई।
लीकेज से बह जाता पानी
मारोठ में जगह-जगह लीकेज होने के साथ पेयजल सप्लाई के लिए लगे वॉल्व भी लीकेज है, सप्लाई में सैकड़ों लीटर पानी लीकेज से बह जाता है।
बीसलपुर योजना से आ रहा है पानी
मारोठ में 17 जोन बनकार सप्लाई दी जा रही है। उन सप्लाई में बीसलपुर की सप्लाई साथ चलती है। जलदाय विभाग के मात्र एक कुएं से ही पेयजल सप्लाई आ रही है। बाकी ठप होने से पेयजल समस्या बनी हुई है।
Published on:
22 Nov 2017 10:37 pm
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