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पीएम मोदी का देशनोक दौरा, नागौर में रेलवे अधिकारियों व ठेकेदार की उड़ी नींद

एक साल से बंद पड़े काम को मिली गति, लेकिन गुणवत्ता पर अब भी सवाल, अमृत भारत स्टेशन योजना के तहत पिछले 20 महीने से रुक-रुक कर चल रहा है नागौर स्टेशन को पुनर्विकास का काम

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Nagaur railway station

फोटो- पत्रिका

नागौर. जिला मुख्यालय के रेलवे स्टेशन को अमृत भारत स्टेशन योजना के तहत ‘कायाकल्प’ करने का काम करीब एक साल तक बंद रहने के बाद अब फिर शुरू किया गया है। 22 मई को पीएम नरेन्द्र मोदी नागौर के निकटवर्ती शहर देशनोक आएंगे, जहां वे इसी योजना के तहत तैयार हुए रेलवे स्टेशन का उद्घाटन करेंगे।सूत्रों का कहना है कि नागौर में लम्बे समय तक काम बंद रखकर जनता को दर्द देने वाले ठेकेदार और अधिकारियों की नींद अब उड़ी है, इसलिए उन्होंने निर्माण कार्य शुरू करवाकर गति बढ़ाई है।

गौरतलब है कि राजस्थान पत्रिका की ओर से स्टेशन के पुनर्विकास कार्य में बरती गई अनियमितता और उदासीनता को लेकर समय-समय पर समाचार प्रकाशित किए थे, जिसको लेकर सांसद हनुमान बेनीवाल ने लोकसभा के बजट सत्र में इस मुद्दे को उठाया था। इसके बाद जिम्मेदारों ने अब अधूरा काम पूरा करवाना शुरू करवाया है, जिससे शहरवासियों को उम्मीद बंधी है कि अब जल्द ही काम पूरा होगा और निर्माण कार्य के चलते जो परेशानी हो रही है, उससे निजात मिलेगी। हालांकि कार्य की गुणवत्ता पर अब भी सवालिया निशान लग रहे हैं, क्योंकि पुरानी दीवारों पर केवल जोधपुरी पत्थर की टाइल्स चिपकाई जा रही है, जो कितने दिन टिकेगी, यह तो समय बताएगा।

गौरतलब है कि नागौर रेलवे स्टेशन के पुनर्विकास का शिलान्यास प्रधानमंत्री मोदी ने 6 अगस्त 2023 को देश के अन्य 508 स्टेशनों के साथ किया था। उस समय रेलवे अधिकारियों ने बताया कि पुनर्विकास का काम पूरा होने के बाद नागौर स्टेशन पर यात्रियों को बेहतर और उत्कृष्ट सुविधाएं मिल पाएंगी। इस कार्य में सिग्नल, टेलीकॉम एवं इलेक्ट्रिक केबल प्रणाली को सुव्यवस्थित करने के साथ स्टेशन के भवन में विशिष्ट अतिथि कक्ष, स्टेशन अधीक्षक, शौचालय व रिटायरिंग रूम बनाए जाने हैं।

साथ ही रेलवे सुरक्षा बल कार्यालय के साथ अन्य कार्य भी होने हैं। इस निर्माण कार्य के तहत विशिष्ट अथिति कक्ष, यात्रियों के वाहनों के लिए पार्किंग सुविधा, मुख्य द्वार, सर्कुलेटिंग एरिया आदि का निर्माण कार्य किया जाना है, लेकिन ठेकेदार ने न केवल निर्माण कार्य में अनियमितता बरती, बल्कि काम को बीच में बंद कर दिया। रेलवे ने नागौर रेलवे स्टेशन का पुनर्विकास कार्य करने के लिए 17.11 करोड़ का बजट स्वीकृत किया था।

नागौर स्टेशन पर ये होने हैं कार्य

- स्टेशन की ओर आने वाले मार्ग में प्रवेश और निकास के लिए अलग-अलग प्रावधान तथा सर्कुलेटिंग एरिया के सौंदर्यीकरण से संबंधित कार्य।

- दो पहिया व चौपहिया के वाहनों के लिए अलग-अलग पार्किंग सुविधा।

- यात्रियों को उतारने और चढ़ाने के लिए बरामदे पोर्च का निर्माण।

- नए अतिथि कक्ष, वीआईपी रूम का निर्माण।

- स्टेशन पर महिलाओं और पुरूषों के लिए अलग शौचालयों के साथ बेहतर सुविधाएं तथा सर्कुलेटिंग एरिया में पे एण्ड यूज शौचालय बनाए जाएंगे।

- स्टेशन भवन के बाहरी और आंतरिक भाग का सुधार, 12 मीटर चौड़े ऊपरी पैदल पुल (एफओबी) का निर्माण किया जाएगा।

- नए प्लेटफार्म आश्रयोंसेल्टर्स के साथ दिव्यांगजनों के लिए सुविधाओं सहित नए शौचालय ब्लॉक और पानी बूथ का निर्माण कार्य, जिसमें सभी सुविधाओं तक दिव्यांग जनों की पहुंच बनाने के लिए उपयुक्त स्थान पर तैयार होंगे।

- बेहतर संकेत चिह्नों का प्रावधान, स्टेशन पर होर्डिंग व स्मारकीय झंडों का प्रावधान और बेहतर फर्नीचर का प्रावधान।

पत्रिका ने पहले भी खोली थी पोल

रेलवे स्टेशन के पुनर्विकास के निर्माण कार्य में ठेकेदारों की ओर से बरती गई अनियमितता को लेकर राजस्थान पत्रिका ने 27 नवम्बर 2024 को ‘रेलवे स्टेशन के कायाकल्प की मंथर गति ने सुविधा कम, लोगों की परेशानी ज्यादा बढ़ाई’ शीर्षक से तथा 29 नवम्बर को ‘नागौर रेलवे स्टेशन का कायाकल्प करने की जगह कर दिया कबाड़ा’ शीर्षक से समाचार प्रकाशित कर जिम्मेदार अधिकारियों का ध्यान आकृष्ट किया था।

इसके बाद रेलवे के जोधपुर डीआरएम ने नागौर का दौरा तो किया, लेकिन उसका असर नजर नहीं आया। इसके बाद पत्रिका ने एक बार फिर 18 फरवरी को ‘डबल इंजन की सरकार पर प्रश्न चिह्न : पहले ‘कायाकल्प’ की जगह किया ‘कबाड़ा’, अब काम बंद’ शीर्षक से समाचार प्रकाशित कर जिम्मेदारों को जगाने का प्रयास किया। गौरतलब है कि पत्रिका ने दौरान स्टेशन के माल गोदाम की पट्टियों की छत हटाए बिना उसके ऊपर आरसीसी की छत बनाने से खराब हुई पट्टियों की छत व दीवार के साथ रेलवे स्टेशन के मुख्य द्वार के आगे बन रहे पोर्च में में बरती अनियमितता को उजागर किया था।