नागौर. पुष्करणा समाज की ओर से रंग भरी एकादशी पर विष्णु रूप फक्कड़ गैर का आयोजन किया गया। विष्णु गैर फक्कड़ खाई गली स्थित महादेव मंदिर पहुंची। इसके बाद लोढ़ा चौक स्थित गणेश मंदिर में गणपति वंदना करने के साथ धुसों बाज्यो महाराज गजे सिंह की आज्ञा गायन करते हुए मेड़तावाड़ी नाहर सिंह महादेव मंदिर पहुंची। यहां पर पूजन वापस लोढ़ा चौक में आकर गणपति वंदना नमो रे-नमो रे का गायन किया। पंचरंगी पावटे के साथ गैर धुसो बाज्यो महाराज गजे सिंह फतेह करो का गायन करते हुए काठडिय़ा का चौक पहुंची। यहां पर फक्कड़ एवं रेवता गायन करते हुए हाथी चौक होते हुए खाई गली पहुंची। यहां शिव के मन बस रही काशी, ओ रे शंकर भोलो के गायन के साथ जिंदेश्वर महादेव मंदिर पहुंची। मोपे जादू ङाला रंगीली तोरी आंखङलिया” शिववंदना का गायन हुआ। इसके बाद खाई गली से ब्रह्मपुरी पहुंची गैर ने इल्लोजी के समक्ष होरी का गायन यिा। यहां पर श्रीमाली समाज की फक्कड़ गैर से संगम हुआ। इसके बाद पुष्करणा समाज़ की गैर आजाद चौंक पहुंची। जहाँ लाङला ओ भैरव जी की होरी गायन किया गया। रास्ते में सभी भैरव मंदिर पर भैरव वंदना का गायन हुआ। इसके बाद बिस्सो का चौक पहुंचते ही गैर सामाजिक गैर में परिवर्तित हो गई। इसके पश्चात लोढ़ा चौक पहुंची गैर ने गणेश मंदिर में गणपति वंदना के साथ महाराज गजानंद फतेह करो के साथ देर रात्रि समापन हुआ। इसमें रमेश व्यास,शिव प्रकाश जोशी,विजय व्यास,अंकित मूथा, मोहित व्यास,जितेन्द्र,नारायण पुरोहित,धनश्याम जोशी,सम्पत सेन आदि ने गायन एवं फक्कड़ गैर में अपनी प्रस्तुतियां दी।