
nagaur hindi news
नागौर. राजस्थान ब्राह्मण महासभा की बैठक में प्रथम भारतीय स्वाधीनता संग्राम के महान नायक मंगल पाण्डे की पुण्य तिथि पर रविवार को श्रद्धांजलि दी गई। महासभा के जिला प्रवक्ता आनन्द पुरोहित ने बताया कि जिला अध्यक्ष जगदीश नारायण शर्मा की अध्यक्षता में बैठक में दो मिनट का मौन रखा गया। शर्मा ने मंगल पाण्डे के जीवन और बलिदान के बारे में विचार व्यक्त किए। संगठन मंत्री नारायण सारस्वत ने बताया कि बैठक में 18 अप्रेल को परशुराम जन्मोत्सव कार्यक्रम मनाने को लेकर चर्चा की गई।चर्चा में शर्मा ने कहा कि सकारात्मक विचारधारा के साथ आगे बढऩे वाले ही सफल होते है, क्योंकि नकारात्मक विचार रखने वालों के आस पास नकारात्मक उर्जा का ही संचार होता है। सामाजिक दायित्व सकारात्मकता के साथ निभाएं। युवा ब्राह्मण महासभा के जिलाध्यक्ष पवन सारस्वत, उपाध्यक्ष गणपत लाल जोशी, नगर अध्यक्ष किशन आसोपा ने जन्मोत्सव कार्यक्रमों के साथ अब तक के कार्यों के बारे में बताया। शुभम शर्मा ने बताया कि राजस्थान ब्राह्मण महासभा और युवा ब्राह्मण महासभा के साथ ही महिला प्रकोष्ठ महोत्सव कार्यक्रम को सफल बनाने में जुटी है। कार्यक्रम में नन्द कुमार शर्मा, प्रेम प्रकाश शर्मा, आशीष शर्मा, पवन पंचारिया, रविन्द्र शर्मा, मीडिया प्रभारी दुर्गेश शर्मा, रोशन मूथा, महिला प्रकोष्ठ नगर अध्यक्ष निर्मला शर्मा शामिल थे। बैठक में महासभा के पूर्व नगर अध्यक्ष राधा कृष्ण तिवाड़ी, भंवर लाल सारस्वत, सुनील तिवाड़ी मौजूद रहे।
‘द्रव्यात्मक पूजा से श्रेष्ठ मानस पूजा’
नागौर. चिन्मय मिशन के तत्वावधान में आचार्य ओम चैतन्य के सानिध्य में गुरु शंकराचार्य रचित भावनात्मक स्तुति, शिव मानस पूजा पर शिवबाड़ी स्थित शानेश्वर महादेव मंदिर में रविवार को सत्संग किया गया। सत्संग मिशन की कार्यकारिणी सदस्यों के आध्यात्मिक विकास के लिए किया गया। मिशन अध्यक्ष हरिराम धारणिया ने मंत्रोच्चारण एवं दीप प्रज्वलन के साथ शुरू हुआ। संरक्षक देवकिशन राठी व सदस्य रोहित जैन ने आचार्य का अभिनंदन किया। इस अवसर पर आचार्य ओम चैतन्य ने कहा कि भगवान को किसी वस्तु की आवश्यकता नहीं है, वो तो भाव के भूखे हैं। करोड़ों फूलों की अपेक्षा ईश्वर को एक मानस फूल अधिक प्रिय होता है। मानस पूजा बाह्य द्रव्यों को त्याग आंतरिक ध्यान से ईश्वर की कृपा को प्राप्त करने का सरलतम उपाय है। उन्होंने कहा कि धन को धन के रूप में अर्जित करने की अपेक्षा धन को सत्संग, समाज, धर्म एवं परोपकार के निमित्त अर्जित किया जाए तो ही मनुष्य के धनार्जन की सार्थकता है। अंत में आचार्य ने सदस्यों की जिज्ञासाओं का समाधान किया तथा सभी कार्यकारिणी सदस्यों को स्वाध्याय साधना करने पर बल दिया। इस दौरान सहसचिव श्रवण कुमार सोनी, कोषाध्यक्ष याचना जैन, महेंद्र कुमार सोनी, प्रमिल नाहटा, राजेश रावल, साधना सर्वा, नंदकिशोर जांगिड़, खगेश कुमार, नवनीत राठी, सुरेंद्र राजपुरोहित, गणेश कुमार त्रिवेदी, मोक्षा जैन व सुमेधा जैन मौजूद रहे।

Published on:
09 Apr 2018 11:50 am
बड़ी खबरें
View Allनागौर
राजस्थान न्यूज़
ट्रेंडिंग
