
फाइल फोटो
Jat Community Big Decision : युवाओं में बढ़ रही नशे की प्रवृत्ति को देखते हुए समाज के जागरूक लोग अब सामाजिक बदलाव की दिशा में काम कर रहे हैं। शिक्षकों के साथ पढ़े-लिखे बुजुर्ग भी इस मुहिम को आगे बढ़ा रहे हैं। इसी दिशा में नागौर जिले के शिव गांव में जाट समाज ने कुरीतियों के साथ सामाजिक आयोजनों में नशे पर प्रतिबंध लगाया है। शिव गांव के परमेश्वर डूडी ने बताया कि जाट समाज के लोगों की रविवार को बैठक हुई, जिसमें समाज के विकास में बाधक सामाजिक कुरीतियों पर प्रतिबंध लगाने का निर्णय किया गया।
समाज के लोग गांवों में होने वाले सामाजिक समारोह में पहुंचकर न केवल मृत्युभोज के दुष्परिणाम बताते हैं, बल्कि उनसे संकल्प-पत्र भी भरवाते हैं। समाज में किसी की मृत्यु होने पर जब शोक संवेदना व्यक्त करने जाते हैं तो वहां शोक संतप्त परिवार को मृत्युभोज की बजाए बुजुर्गों की याद में शिक्षा, चिकित्सा या सामाजिक सरोकार में राशि खर्च करने के लिए प्रेरित करते हैं। इसके परिणाम स्वरूप समाज में परिवर्तन भी आने लगा है।
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नागौर जिला मुख्यालय पर रहने वाले जाट समाज के साथ अन्य समाज के लोग मृत्युभोज की कुरीतियों को मिटाने के साथ नशे के उन्मूलन का पाठ पढ़ा रहे हैं। शिक्षकों ने राजस्थान सामाजिक कुरीतियां निवारण समिति बनाई है। इसमें शिक्षक बहादुरराम खिलेरी, अर्जुनराम लोमरोड़, सेवानिवृत्त कॉलेज प्राचार्य डॉ. शंकरलाल जाखड़, राधेश्याम गोदारा, पुलिसकर्मी मुकनाराम गोदारा काम कर रहे हैं। इन्होंने एक हजार से अधिक लोगों को संकल्प दिलाया है।
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Updated on:
09 Sept 2024 02:35 pm
Published on:
09 Sept 2024 02:35 pm
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