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नागौर. राजनीति को भ्रष्टाचार व अपराध मुक्त बनाने के लिए राजस्थान पत्रिका की ओर से चलाए जा रहे अभियान चेंजमेकर के तहत शुक्रवार को परिचर्चा मे लोगों का कहना था कि भारतीय राजनीति में नए कानून लाने की आवश्यकता ज्यादा है। वर्तमान समय में प्रत्याशी तो एक साथ दो सीटों पर चुनाव लड़ सकता है, लेकिन मतदाता एक साथ दो सीटों पर मतदान नहीं कर सकता। आम आदमी पर कोई भी मुकदमा लग जाए तो उसे कुछ ही देरी में गिरफ्तार कर लिया जाता है। राजनेताओं पर मुकदमा हो जाए तो भी वो खुले आम घूमते रहते हैं। भारतीय राजनीति में यह कानून बदलना चाहिए। राजनीति में महिलाओं को आगे लाने की बात करने वाले महिलाओं के नाम पर सत्ता को खुद के हाथों में रखते हैं।
पत्रिका के चेंज मेकर महाअभियान की जितनी तारिफ की जाए बहुत कम है। वर्तमान में भारतीय राजनीति काफी खराब हो गई है। हमारें राजनेता ही दिनों दिन बुरे होते जा रहे हैं। कोई भी अपना काम ठीक से नहीं कर रहा है, जिससे देश विकास में पिछड़ रहा है। इस गंदी राजनीति के कारण जनता ***** रही है। आम आदमी के खिलाफ मुकदमा दर्ज होने पर उसे हाथों हाथ गिरफ्तार कर लिया जाता है, लेकिन राजनेता को नहीं।
उर्मिला जांगीड़
पत्रिका को इस अभियान के लिए बधाई। राजनीति में महिलाओं को आगे लाने के लिए के लिए वादे तो बहुत किए जाते हैं, लेकिन महिलाओं को चुनाव में खड़ा करके उनके पति, भाई, ससुर या फिर अन्य लोग राजनीति करते हैं। उन महिलाओं से कुछ पूछ भी लो तो उनका एक ही जवाब सुनने को मिलता है आप हमसे नहीं इनसे बात करो तो यह कौनसी बात हुई जीते कोई और सरकार चलाए कोई और इसे खत्म करना होगा।
दुर्गा, गृहिणी
पत्रिका ने जब भी किसी भी मुद्दे को उठाया है। उसमें जनता का पूरा समर्थन प्राप्त हुआ है। वर्तमान समय में भारत की राजनीति में नए कानून लाने की आवश्यकता है, ताकि सराकरी तंत्र को भ्रष्ट होने से बचाया जा सके। राजनीति के जितने भी पद है उन पर शिक्षित लोगों को बैठाना चाहिए। जिन नेताओं पर भ्रष्टचार के आरोप लगे हो उनकी निष्पक्ष जांच करवाई जाए तथा दोषीपाए जाने पर इन्हें पदों से हटाना चाहिए।
पल्लव कुलदीप
वर्तमान परिपक्षेय में राजनीति का मतलब केवल पैसे कमाना ही रह गया है। आए दिन अखबारों में बड़ी-बड़ी हैडलाइन देखने को मिलती है कि आज उस नेता ने यह कारनामा कर दिया। लेकिन कुछ दिन मुद्दा छाया रहता है। यह लोग ऐसा हमारी गलती कि वजह से करते है, क्यों कि इन्हें जीताने वाले हम ही है और वो हमें ही नहीं छोड़ते। जनता को चाहिए कि किसी को वोट देने से पूर्व उसके बारें में सम्पूर्ण जानकारी कर ले।
भावना सांखला
भारतीय राजनीति में एक उम्मीदवार एक साथ दो सीटों पर चुनाव लड़ सकता है। लेकिन एक मतदाता दो जगह एक साथ वोट नहीं डाल सकता। राजनेता जेल में बैठकर चुनाव लड़ सकता है, लेकिन जनता वोट नहीं दे सकती। यह कहां का इंसाफ है। जनता को इस बात को समझना होगा। आगामी चुनावों में राजस्थान पत्रिका का यह चेंज मेकर महाअभियान राजनीति में अवश्य ही भूचाल लाएगा।
नदीम उस्मानी
हम देखें तो जब कोई भी राजनेता चुनाव लड़ता है तो वह आंखें बंद कर पैसे बहाता है, जिसे देखकर लगता है कि चुनाव नहीं बल्कि आम जनता को खरीदा जा रहा है। अधिकारियों के सामने चुनाव नियमों की खुलेआम धज्जियां उड़ाई जाती है। जिन्हें कोई भी पूछने वाला नहीं होता। चुनाव जीतने के कुछ ही दिनों में राजनेताओं के पास गाडिय़ां, बड़े-बड़े बंगले तक खड़े हो जाते है कहां से आता है वो सब। आम जनता को जागरुक होना होगा।
सत्यनारायण पंवार

Published on:
21 Apr 2018 11:58 am
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