
Ramlila organized by patrika and literary art religion culture service
नागौर. ‘हाय राम’...‘हाय राम’ के द्रवित स्वरों की पुकार के बीच जब राजा दशरथ की पुत्र वियोग में मृत्यु का सजीव मंचन किया तो दर्शक रूआंसे हो गए। इसी प्रकार जब राम को गंगा पार कराने के लिए केवट ने भक्तिभाव में भगवान श्रीराम के पैर धोए तो मानो भक्तिरस की धारा बह चली। राजस्थान पत्रिका एवं ‘साहित्य कला धर्म संस्कृति सेवा समिति’ के संयुक्त तत्वावधान में शहर के रिगल टॉकिज परिसर में सोमवार को दस दिवसीय रामलीला मंचन के पांचवें दिन भक्ति, करूणा और वियोग के सजीव दृश्यों का मंचन कर रामलीला के कलाकारों ने खूब दाद बटोरी। दर्षकों ने भी कलाकारों के उत्साह वद्र्धन में कोई कसर नहीं छोड़ी। स्कूल की छात्राओं और अन्य कलाकारों ने शानदार भूमिका निभाई। इसी प्रकार जब कलाकारों ने मंच से भातृ प्रेम से भरे ‘भरत-मिलाप’ के दृश्यों को साकार किया तो वहां भाई भरत और श्रीराम के जयकारे गूंजे। संस्कारों को पौषित करते मंचन ने लोगों को भाव विभोर कर दिया।
इन्होंने निभाई भूमिका...
समिति के सचिव श्रद्धानंद तिवारी ने बताया कि रामलीला मंचन में नविका सोनी, वसुंधरा तिवारी, रमेश चौधरी, पूजा प्रजापत, पूनम, प्रकाश, वैभव दाधीच, सुरेन्द्र सोनी, ललिता सोनी, चंदन तिवारी, आकाश तिवारी, लक्ष्मी सोनी, करण, महेश प्रजापत, विनीता तिवारी, देव तिवारी, महेन्द्र, विषाल शर्मा, प्रमोद उपाध्याय, रिया उपाध्याय, स्वस्ति, स्वर्णलता उपाध्याय, अन्वेशा उपाध्याय, नेहा, विनोद, कृष्णा, दिनेश बंसल, अशोक कुमार, तनीश सोनी, डिम्पल शुक्ला, नेहा झंवर तथा श्याम व्यास ने मुख्य भूमिकाएं निभाई। ऑर्गन पर सचिन तथा तबले पर भंवर डेह ने संगत की।
सीता हरण आज
तिवारी ने बताया कि मंगलवार को सीता हरण के दृश्यों पर मंचन किया जाएगा। स्वर्ण मृग को देखकर जब सीता उसे लाने के लिए श्रीराम से आग्रह करती है तो श्रीराम उस हरिण के पीछे भागते हैं। सीता के हरण के पश्चात, जटायू मरण के मार्मिक दृश्यों का साकार किया जाएगा।
Published on:
26 Sept 2017 11:33 am
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