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राहत के नाम जख्मों पर नमक

राज्य सरकार ने बेमौसम बारिश व ओलावृष्टि से प्रभावित किसानों को राहत देने के लिए कृषि कनेक्शनों के चार

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Kamal Singh Rajpoot

Apr 03, 2015

नागौर। राज्य सरकार ने बेमौसम बारिश व
ओलावृष्टि से प्रभावित किसानों को राहत देने के लिए कृषि कनेक्शनों के चार माह के
बिजली बिल माफ करने की घोषणा भले ही कर दी हो, लेकिन इसका लाभ 10 प्रतिशत किसानों
को भी नहीं मिलेगा। वजह बनेगी लघु एवं सीमांत किसान होने की शर्त। जिले में ऎसे
बहुत कम किसान हैं जो लघु एवं सीमांत किसान की श्रेणी में आने के बावजूद कृषि
कनेक्शन रखते हैं। डिस्कॉम अधिकारियों के अनुसार उनके पास अब तक जिले के एक भी ऎसे
किसान के नाम सामने नहीं आया है जो लघु या सीमांत किसान की श्रेणी में आता हो। ऎसे
में राज्य सरकार की चार माह के बिजली बिल माफ की घोषणा थोथी साबित हो रही
है।

लघु व सीमांत किसानों के बस का नहीं ट्यूबवैल खुदवाना
एक ट्यूबवैल या
कुआं खुदवाने तथा बिजली कनेक्शन लेने में किसान को 10 से 12 लाख रूपए का खर्चा आता
है, ऎसे में लघु एवं सीमांत किसान के लिए 10 से 12 लाख रूपए का बंदोबस्त करना संभव
नहीं है। ट्यूबवैल या कुआं वहीं किसान खुदवाते हैं जो आर्थिक रूप से सम्पन्न हो और
जिनके पास 50 से 100 बीघा तक जमीन हो, लेकिन सरकार उन्हीं किसानों के बिजली बिल माफ
करेगी, जो 12 बीघा से कम जमीन के स्वामी हैं। मतलब साफ है, जिले के गिने-चुने
किसानों के बिजली बिल माफ होंगे।

सबसे ज्यादा नुकसान ही हमें हुआ

खजवाना के किसान कालूराम लोमरोड़, सत्यनारायण मुण्डेल, जगदीश मुण्डेल एवं सगराम
चोटिया की रबी फसल ओलावृष्टि में पूरी तरह नष्ट हो चुकी है, लेकिन इन्हें खराबे का
मुआवजा एक-एक हैक्टेयर का ही मिलेगा, क्योंकि ये लघु या सीमांत किसान की श्रेणी में
नहीं आते। इनके चार माह के बिजली बिल भी माफ नहीं होंगे।

मूण्डवा तहसील के
रूण, खजवाना एवं इंदोकली गांव में ऎसे सैंकड़ों किसान हैं जिनके रबी की फसलें पूरी
तरह नष्ट हो चुकी है, लेकिन राहत के नाम पर जख्मों पर नमक रगड़ा जाएगा। जबकि पूरे
जिले पर नजर डाली जाए तो 183 गांव ऎसे हैं जहां 50 प्रशित से अधिक नुकसान हुआ है,
जबकि 889 गांव ऎसे हैं जहां पूरे गांव का खराबा 50 प्रतिशत से कम है, लेकिन वहां के
कई किसानों के 50 प्रतिशत से अधिक खराबा हुआ है।

बादल छाते ही बैठ जाता है
दिल
नागौर शहर सहित आस-पास के इलाके में गुरूवार देर रात अचानक मौसम में बदलाव
आया। दिन भर तेज गर्मी के बाद देर शाम आसमान में छाए बादलों के साथ हल्की
बूंदाबांदी हुई और तेज अंधड़ चला। अंधड़ के साथ रात में तेज बारिश का दौर शुरू हो
गया। अंधड़ के कारण लोगों को परेशानी का सामना करना पड़ा। लेकिन गर्मी से परेशान हो
रहे लोगों को गर्मी से सुकुन मिला। देर रात तक अंधड़ व बारिश का सिलसिला जारी रहा।
खींवसर व जायल इलाके में भी तेड अंधड़ के साथ तेज बारिश होने के समाचार है। बारिश
के कारण किसानों की चिंता बढ़ गई।

खेत में खड़ी फसल को संभालने में लगे
किसानों का अब बादल छाते ही बैठ जाता है। देशवाल, नावां, कुचामन, मकराना, डीडवाना,
मेड़ता आदि इलाकों में भी तेज अंधड़ के साथ बारिश हुई। इससे खेतों में रखी फसल गीली
हो गई। नागौर में बिजली के तारों पर विज्ञापन होर्डिग गिरने से पूरे शहर की बिजली
बंद कर दी गई। इससे लोगों को परेशानी का सामना करना पड़ा। समाचार पत्रों व संचार
केन्द्रों पर बिजली बंद रहने से कार्य प्रभावित हुए।