
Ladki Bahin Yojna Update
Maharashtra Mukhyamantri Meri Ladli Behen Scheme: महाराष्ट्र सरकार की सबसे लोकप्रिय ‘मुख्यमंत्री माझी लाडकी बहिण योजना’ (Majhi Ladki Bahin Yojana) से जुड़ी लाखों महिलाओं के लिए जरुरी खबर है। योजना के लाभार्थियों के लिए ई-केवाईसी (e-KYC) पूरी करने की अंतिम तारीख 31 दिसंबर को खत्म हो चुकी है और सरकार की ओर से इसे आगे बढ़ाए जाने की संभावना फिलहाल कम नजर आ रही है। अधिकारियों का कहना है कि ई-केवाईसी प्रक्रिया के दौरान बड़े पैमाने पर कोई शिकायत नहीं आई है, इसलिए समयसीमा बढ़ाने पर अभी कोई फैसला नहीं हुआ है।
रिपोर्ट्स के अनुसार, राज्य की हजारों लाभार्थी महिलाएं समय सीमा के भीतर ई-केवाईसी प्रक्रिया पूरी नहीं कर पाई हैं, जिसके कारण अब उनके बैंक खातों में आने वाली 1500 रुपये की मासिक किस्त रुक सकती है।
राज्य सरकार ने पहली बार ई-केवाईसी की डेडलाइन 18 नवंबर 2025 तय की गई थी, जिसके भीतर करीब डेढ़ करोड़ महिलाओं ने विशेष पोर्टल के माध्यम से यह प्रक्रिया पूरी कर ली थी। हालांकि सितंबर और अक्टूबर में राज्य के कई हिस्सों में भारी बारिश और बाढ़ की स्थिति को देखते हुए सरकार ने महिलाओं को राहत देते हुए समयसीमा बढ़ाकर 31 दिसंबर 2025 कर दी थी।
सरकारी सूत्रों के अनुसार, फिलहाल इस समय सीमा को और बढ़ाने की संभावना नहीं है। विभाग का कहना है कि विस्तार अवधि के दौरान ई-केवायसी न हो पाने की कोई बड़ी शिकायत नहीं मिली है।
ऐसे में अगर ई-केवाईसी करने के लिए फिर मौका नहीं दिया जाता है, तो जिन महिलाओं ने तय समय तक प्रक्रिया पूरी नहीं की है, उन्हें आगे 1,500 रुपये की मासिक राशि नहीं मिलेगी। यही वजह है कि कई महिलाएं अब भी सरकार से एक और मौका देने की उम्मीद लगाए बैठी हैं।
मुख्यमंत्री माझी लाडकी बहीन योजना (Maharashtra Mukhyamantri Meri Ladli Behen Scheme) की शुरुआत में लगभग 2.5 करोड़ महिलाओं को किस्त मिली थी। बाद में डुप्लीकेट आवेदन और पात्रता मानदंडों पर खरा न उतरने के कारण करीब 25 लाख महिलाओं को योजना से बाहर कर दिया गया।
हालांकि अंतिम दिनों में पोर्टल पर भारी ट्रैफिक के कारण कई लाडली बहनों को तकनीकी दिक्कतों का सामना करना पड़ा। कई लाभार्थियों ने शिकायत की कि उन्हें OTP Verification Failed का मैसेज बार-बार आ रहा था या सर्वर डाउन होने की वजह से वे लॉग-इन नहीं कर पा रही थीं। वहीं, विधवा, एकल और तलाकशुदा महिलाओं के लिए अतिरिक्त दस्तावेज जैसे पति का मृत्यु/तलाक का प्रमाण आंगनवाड़ी सेविकाओं को सौंपने की व्यवस्था की गई थी, ताकि दस्तावेज ऑनलाइन अपलोड कर ई-केवाईसी पूरी की जा सके।
योजना के नियमों के मुताबिक, जिन महिलाओं ने 31 दिसंबर तक ई-केवायसी नहीं की है, उन्हें नए साल से लाभ मिलना बंद हो सकता है। दूसरी ओर ई-केवायसी करने वाली लाभार्थी महिलाएं उम्मीद कर रही थीं कि उन्हें मकर संक्रांति से पहले दिसंबर और जनवरी की किस्तें एक साथ मिलेंगी, लेकिन अभी तक इस पर कोई अधिकारिक जानकारी सामने नहीं आई है।
Published on:
09 Jan 2026 06:18 am
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