
SC-ST farmers will get double grant on solar power pump plant
नागौर. प्रदेश में अनुसूचित जाति एवं अनुसूचित जनजाति वर्ग के कृषकों को राज्य सरकार ने बड़ी सौगात दी है। दोनों वर्गों के किसानों को सौर ऊर्जा पम्प संयंत्र स्थापना के लिए प्रेरित करने के उद्देश्य से सरकार ने दोहरा अनुदान देने की घोषणा की है। गौरतलब है कि पीएम कुसुम योजना के कम्पोनेंट-बी स्टैण्ड अलोन सौर ऊर्जा पम्प संयंत्र स्थापना परियोजना वर्ष 2020-21 के तहत कृषकों को सौर ऊर्जा पम्प संयंत्र लगाने पर 60 प्रतिशत अनुदान दिया जाता है। वित्तीय वर्ष 2022-23 में राज्य सरकार ने अनुसूचित जाति तथा अनुसूचित जनजाति वर्ग के कृषकों को 45 हजार रुपए का अतिरिक्त अनुदान दिए जाने का निर्णय लिया है।
गौरतलब है कि बिजली की बढ़ती कीमतों एवं अपर्याप्त सप्लाई के चलते नागौर सहित पश्चिमी राजस्थान के जिलों के किसानों में सौर ऊर्जा पम्प संयंत्र लगाने को लेकर काफी रुझान देखा जा रहा है। पिछले वर्षों के आंकड़ों पर नजर डालें तो नागौर जिले में ही सैकड़ों किसानों ने सौर ऊर्जा पम्प संयंत्र लगाकर खेती को मुनाफे का सौदा बनाया है। एक किसान इस संयंत्र की स्थापना करके ड्रिप अथवा स्प्रिंकलर सिंचाई के माध्यम से 10 से 15 बीघा में खेती करके अपने परिवार का जीवन यापन कर सकता है। विभागीय अधिकारियों के अनुसार सौर ऊर्जा पम्प संयंत्र लगाने में अब तक एससी-एसटी वर्ग के किसानों में अब तक अपेक्षाकृत कम रुझान देखा जा रहा है, इसको देखते हुए सरकार ने उन्हें 45 हजार रुपए का अतिरिक्त अनुदान देने का निर्णय लिया है, जो वित्तीय वर्ष 2022-23 में दिया जाएगा।
जिले के 110 किसानों को मिलेगा लाभ
वित्तीय वर्ष 2022-23 के लिए उद्यानिकी विभाग से मिले लक्ष्यों के अनुसार नागौर जिले को सौर ऊर्जा पम्प संयंत्र परियोजना अंतर्गत अनुसूचित जाति श्रेणी के 100 तथा अनुसूचित जनजाति श्रेणी के किसानों के 10 लक्ष्य प्राप्त हुए हैं। वर्तमान में इस श्रेणी के किसानों के आवेदनों पर तुरंत स्वीकृति जारी की जा रही है।
45 हजार कम जमा कराने पड़ेंगे
पूर्व में सौर ऊर्जा पम्प संयंत्र परियोजना में आवेदन करने वाले किसानों को 7.5 एचपी सौर ऊर्जा संयंत्र लगाने पर किसान हिस्सा राशि के रूप में 1,47,940 रुपए का डीडी जमा करवाना पड़ता था, अब एससी-एसटी वर्ग के किसानों को एक लाख 2 हजार 940 रुपए ही जमा कराने पड़ेंगे। इस योजना की सबसे बड़ी विशेषता यह है कि आप चाहे जिले के केंद्र में रहते हो या जिले के अंतिम छोर पर आपको किसान हिस्सा राशि के रूप में एक समान राशि का ही डीडी जमा कराना पड़ेगा।
बढ़ेगा रुझान
अनुदान राशि बढ़ाने से इस एससी-एसटी वर्ग के कृषकों को अधिक से अधिक लाभान्वित किया जा सकेगा। नागौर जिले को सौर ऊर्जा पम्प संयंत्र परियोजना के तहत एससी श्रेणी के 100 तथा एसटी श्रेणी के 10 लक्ष्य प्राप्त हुए हैं। दोनों श्रेणी के किसानों के आवेदनों पर तुरंत स्वीकृति जारी की जा रही है।
- अर्जुनराम मुण्डेल, कृषि अधिकारी, उद्यानिकी विभाग, नागौर
Published on:
06 May 2022 08:07 pm
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