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भारी पड़े सांसद बेनीवाल, विवादों के बीच एसपी श्वेता धनखड़ का तबादला

आईपीएस अभिजीत सिंह होंगे नागौर के नए पुलिस अधीक्षक

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SP Shweta Dhankhar transferred amid controversy

SP Shweta Dhankhar transferred amid controversy

नागौर. पिछले काफी दिनों से जिले में बढ़ रहे अपराधों व चोरियों का खुलासा नहीं होने तथा सट्टे के अवैध कारोबार में पुलिसकर्मियों की मिलीभगत के चलते विवादों में आई नागौर एसपी श्वेता धनखड़ को सोमवार देर रात कार्मिक विभाग ने हटाते हुए जयपुर आयुक्तालय में पुलिस उपायुक्त यातायात लगाया है। एसपी धनखड़ की कार्यशैली को लेकर नागौर सांसद हनुमान बेनीवाल MP Hanuman Beniwal शुरू से ही आरोप लगा रहे थे, लेकिन गत दिनों चैनार सरपंच की गिरफ्तारी के बाद कोतवाली थानाधिकारी व पुलिसकर्मियों की शिकायत मिलने पर अजमेर रेंज आईजी द्वारा उन्हें निलम्बित करने के बाद सांसद बेनीवाल ने इस मामले में एसपी की भूमिका की भी जांच एडीजी स्तर के अधिकारी से करने की मांग की थी तथा पुलिस विभाग के मुखिया एमएल लाठर से मुलाकात कर एसपी की शिकायत की। इसके बाद एसपी ने मुख्यमंत्री अशोक गहलोत को पत्र लिखकर एसपी को हटाने तथा पूरे मामले में उच्च स्तर के अधिकारी से जांच की मांग की थी।
इसके बाद सोमवार रात को राजस्थान सरकार के कार्मिक विभाग ने 15 आईपीएस अधिकारियों के तबादला आदेश जारी किए, जिसमें नागौर एसपी श्वेता धनखड़ को नागौर से हटाकर जयपुर में यातायात पुलिस उपायुक्त लगाया है। वहीं जयपुर शहर पूर्व के पुलिस उपायुक्त अभिजीत सिंह को नागौर एसपी लगाया है। तबादला सूची में 15 आईपीएस अधिकारियों को इधर-उधर किया गया है।


सांसद बेनीवाल ने सीएम गहलोत से कहा - इनके कार्यकाल में बढ़े अपराध व पनपे सट्टे
नागौर सांसद हनुमान बेनीवाल ने गत शनिवार को मुख्यमंत्री अशोक गहलोत को पत्र लिखकर नागौर जिला पुलिस अधीक्षक की शिकायत करते हुए उनके विरुद्ध गंभीर आरोप लगाए। सांसद ने अपने पत्र में सीएम गहलोत से कहा कि नागौर जिले में कार्यरत वर्तमान पुलिस अधीक्षक की लच्चर कार्यशैली व कमजोर कानून व्यवस्था के कारण जिले में अपराध बढ़ रहे हैं। उन्होंने कहा कि हाल ही में नागौर जिले में पनप रहे सट्टा कारोबार में नागौर कोतवाल व अन्य पुलिस कार्मिकों की संलिप्तता के कारण उन्हें निलंबित किया गया था, लेकिन इस प्रकरण में एसपी की भूमिका की भी जांच एडीजी रैंक के अधिकारी से करवाना अत्यंत जरूरी है, क्योंकि जिस प्रकार सट्टे का कारोबार जिले में पनपा है, उसमें एसपी की संलिप्तता से इनकार नहीं किया जा सकता। उन्होंने कहा कि नागौर एसपी ऑफिस परिसर में हुई चोरी, जायल क्षेत्र के तरनाऊ में हुई बैंक डकैती सहित अनेक ऐसे प्रकरण हैं, जिनके खुलासे पुलिस आज तक नहीं कर पाई और हाल ही में खींवसर थाना क्षेत्र में दर्ज सामूहिक बलात्कार व विगत दिनों परबतसर थाने में दर्ज सामूहिक बलात्कार सहित जिले में वर्तमान एसपी के कार्यकाल में महिला अपराध से सम्बन्धित दर्जनों मामलो में एसपी का न तो पीडि़त पक्ष के साथ रवैया सही रहा न ही मामलों में तत्परता से कार्रवाई की गई। सांसद ने आरोप लगाया कि हरियाणा निर्मित अवैध शराब का परिवहन, मादक पदार्थों की बढ़ती तस्करी व भूमाफियाओं के साथ पुलिस सिस्टम में बैठे लोगों की मिलीभगत से पुलिस की कार्यशैली पर आम जन सवालिया निशान खड़ा कर रहा है। उन्होंने सीएम से कहा कि आप एक तरफ तो भ्रष्टाचार व अपराध के मामलों में जीरो टॉलरेंस की बात करते हंै वहीं दूसरी तरफ राज्य के एक दर्जन जिलों में कार्यरत एसपी भ्रष्टाचार की जडं़े पनपाने में लगे हुए हैं और सिरोही एसपी की करतुतें जगजाहिर भी हुई हैं। उन्होंने तत्काल प्रभाव से नागौर एसपी को हटाने की भी मांग की।