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नागौर में पद स्थापित बीकानेर की डॉक्टर अनुराधा सक्सेना को राज्य स्तरीय सम्मान

महिला सशक्तिकरण क्षेत्र में उल्लेखनीय योगदान के लिए महिला अधिकारिता विभाग की सहायक निदेशक डॉ. अनुराधा सक्सेना को सर्वोत्कृष्ट सम्मान

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State level honors to Dr. Anuradha Saxena of Nagaur

State level honors to Dr. Anuradha Saxena of Nagaur

नागौर. महिला सशक्तिकरण के क्षेत्र में उल्लेखनीय योगदान के लिए महिला अधिकारिता विभाग नागौर में सहायक निदेशक पद पर कार्यरत डॉ. अनुराधा सक्सेना को राज्य स्तर पर प्रदेश की सर्वोत्कृष्ट महिला अधिकारिता सहायक निदेशक के रूप में सम्मानित किया गया है। आरएएस 2010 बेच की अधिकारी बीकानेर निवासी डॉ. सक्सेना को वर्ष 2017-18 के दौरान महिला सशिक्तकरण के क्षेत्र में नवाचारों को रेखांकित करने व सरकारी योजनाओं के उत्कृष्ट कार्य के लिए राज्य स्तरीय पुरस्कार से सम्मानित किया गया है।
सयानी नेपकिन बना जन आंदोलन
राज्य महिला आयोग अध्यक्ष डा. सुमन शर्मा ने बुधवार को जयपुर में आयोजित कार्यक्रम में सक्सेना को राज्य की सर्वोत्कृष्ट महिला अधिकरिता सहायक निदेशक के रूप में सम्मानित किया। डॉक्टर सक्सेना ने तत्कालीन जिला कलक्टर राजन विशाल के नवाचार चुप्पी तोड़ो सयानी बनो कार्यक्रम के अन्तर्गत एक लाख किशोरियों को माहवारी स्वच्छता सम्बन्धी ज्ञान से लाभान्वित करते हुए सयानी नेपकिन को एक जन आन्दोलन का रूप दिया। बेटी के जन्म पर उत्सव मनाने कॉफी विद कलक्टर व चिराली योजना के नवाचारों को भी सराहा गया।
मुख्यमंत्री ने भी की सराहना
यह राज्य में पहला अवसर है जब स्थानीय महिला स्वयं सहायता समूह की महिलाओं की ओर से तैयार किए गए सेनेटरी नेपकिन को राष्ट्रीय स्तर पर पहचान मिली। प्रदेश की मुख्यमंत्री ने भी डॉक्टर अनुराधा की ओर से किए गए इस नवाचार के मॉडल को सराहते हुए अन्य महिला स्वयं सहायता समूहों की ओर से भी अपनाए जाने की अनुशंसा की है।
बेटियों को किया जागरूक
अनुराधा सक्सेना ने बताया कि तत्कालीन जिला कलक्टर राजन विशाल की पहल पर नागौर के 1601 स्कूलों में बेटियों को इस विषय पर शिक्षित व जागरूक करने के लिए ‘चुप्पी तोड़ो-सयानी बनो’ कार्यक्रम शुरू किया। अक्टूबर-2016 में जिले के रियांबड़ी ब्लॉक के मोड़ी कला गांव में सेनेटरी नेपकिन बनाने की एक यूनिट महिला स्वयं सहायता समूह द्वारा शुरू की गई। कलक्टर ने इस यूनिट के लिए जनसहयोग से मशीन व अन्य संसाधनों का इंतजाम किया। यूनिट में बनने वाले उत्पाद को ‘सयानी’ नाम दिया गया। ‘चुप्पी तोड़ो सयानी बनो’ कार्यक्रम बदस्तूर जारी है।