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मैं 62 वर्ष का हो गया हूं, क्या आप मेरे मरने का इंतजार कर रहे हो

आवंटी के मकान पर दबंगों का कब्जा , शिकायत बाद भी कब्जा नहीं दिला पाया हाउसिंग बोर्ड

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-एसपी जाब्ता देने को तैयार, अधिकारी नहीं कर रहे कार्रवाई
पत्रिका एक्सपोज
नागौर. 'मैं 62 वर्ष का हो गया हूं, क्या आप मेरे मरने का इंतजार कर रहे हो, ताकि जिसने मकान पर कब्जा कर रखा है, उसके पास मकान रह जाए।Ó यह पीड़ा है राजस्थान आवासन मंडल कॉलोनी के एक आवंटी की। सुनने में भले ही आवंटी के ये शब्द अजीब लगे लेकिन यह सौलह आना सच है। राजस्थान आवासन मंडल के अधिकारियों की लापरवाही से जिले की जायल तहसील के डिडिया खुर्द निवासी एक आवंटी आवासन मंडल में लाखों रुपए जमा करवाने के बावजूद मकान में रह नहीं पा रहा है। मकान पर उन दबंगों का कब्जा है, जिनका मकान से कोई वास्ता नहीं है।
11 माह बाद भी हाथ खाली
गरीबों के आवास का सपना साकार करने का दावा करने वाले आवासन मंडल के जिम्मेदार एक आवंटी को मकान का भौतिक रूप से कब्जा तक नहीं दिला सके। जानकारी के अनुसार आवासन मंडल ने नागौर के ताऊसर रोड स्थित आवासन मंडल कॉलोनी में आवंटन शेष रहे मंडल के मकानों की नीलामी के लिए 13 जनवरी 2017 को विज्ञप्ति निकाली। नीलामी में 4 लाख 55 हजार की उच्चतम बोली लगाने पर ईडब्ल्यूएस मकान मन्नाराम चौधरी के पक्ष में आवंटन हो गया। मंडल ने 22 जून 2017 को आवंटन पत्र जारी कर दिया।
एसपी जाब्ता देने को तैयार
आवंटी ने 3 जुलाई 2017 को अधिकारियों को पत्र लिखकर बताया कि दूसरे लोग निवास कर रहे हैं, इसलिए मकान खाली करवाकर उसे कब्जा दिलवाएं। मंडल ने 1 सितम्बर 2017 को आवंटी के पक्ष में अदेय प्रमाण पत्र जारी कर दिया। आवासीय अभियंता, नागौर ने 6 अक्टूबर 2017 को जिला पुलिस अधीक्षक को पत्र लिखकर अतिक्रमी को बेदखल करने के लिए पुलिस जाब्ते की मांग की। जिस पर एसपी ने 29 नवम्बर 2017 को अतिक्रमी को मकान से बेदखल करने के लिए एक थानेदार, एक उप निरीक्षक, पांच-पांच महिला व पुरुष कांस्टेबल का जाब्ता देने के आदेश कर दिए।
अफसरों के काट रहे चक्कर
आवासन मंडल अधिकारियों को 30 नवम्बर 2017 को एसपी का पत्र मिल गया, लेकिन मंडल के जिम्मेदार आज तक घर खाली नहीं करवा पाए। आवंटी कई बार कार्यालय के चक्कर काट चुके लेकिन उनको राहत नहीं मिली। जयपुर से आए उच्चाधिकारियों को भी कब्जा दिलााने के लिए कई बार पत्र लिखा लेकिन अधिकारी अतिक्रमी को मकान से बेदखल कर आवंटी को मकान का कब्जा नहीं दिला सके। यक्ष प्रश्न है कि एक आवंटी को रुपए जमा करवाने के बावजूद मकान का कब्जा नहीं दिला सके अधिकारी आवंटियों को क्या राहत देंगे।

नहीं दिलवा पाए कब्जा
आवासन मंडल की बोली में मकान का आवंटन मेरे नाम पर हुआ था, लेकिन करीब एक साल बाद भी अधिकारी मुझे मकान का भौतिक रूप से कब्जा नहीं दिला पाए। रुपए देकर भी अधिकारियों के चक्कर काट रहा हूं।
मन्नाराम चौधरी, आवंटी, आवासन मंडल कॉलोनी, ताउसर रोड

जल्द दिलवाएंगे कब्जा
आवंटी की शिकायत प्राप्त हुई है। पुलिस की मदद से अतिक्रमी को बेदखल कर शीघ्र आवंटी को मकान का कब्जा दिलवाएंगे।
एमसी उपाध्याय, उप आवासन आयुक्त, बीकानेर