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आसमानी शर्ट व नेवी ब्लू पेंट में नजर आएंगे शिक्षक..

राजकीय स्कूलों को मॉडल विद्यालयों में बदलने के राजस्थान पत्रिका व जिला प्रशासन के संयुक्त अभियान पर चर्चा, शिक्षकों ने माना ड्रेस कोड सहित 10 सूत्रों की पालना से बदलेगी विद्यालयों की तस्वीर, कइयों ने नए सत्र से मॉडल स्कूल का ड्रेस कोड आसमानी शर्ट व नेवी ब्लू पेंट में आने का लिया फैसला
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नागौर

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Shyam Lal Choudhary

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Updated: 16 Jun 2018, 12:24 PM IST

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नागौर. शिक्षकों एवं संस्था प्रधानों की हिचक अब टूटने लगी है। राजकीय स्कूलों को मॉडल स्कूलों के रूप में बदलने के लिए चल रहे अभियान को संस्था प्रधानों व शिक्षकों का व्यापक स्तर पर समर्थन मिलने लगा है। ग्रीष्मकालीन शिविरों में शामिल शिक्षक इसके समर्थन में खुलकर सामने आ रहे हैं। शहर के कस्तूरबा गांधी आवासीय बालिका विद्यालय में चल रहे शिविर में हुई चर्चा के दौरान शिक्षकों ने इसका समर्थन किया। शिक्षकों का कहना था कि मॉडल स्कूल का ड्रेस कोड ही अन्य राजकीय शिक्षण संस्थानों का ड्रेस कोड होने पर निश्चित रूप से शिक्षकों की एक अलग पहचान बनेगी। हालांकि जिला कलक्टर की गत दिनों शिक्षाधिकारियों के साथ हुई बैठक में इसी ड्रेस कोड पर लगभग सहमति बनी थी। मॉडल स्कूल का ड्रेस कोड ही अन्य स्कूलों का ड्रेस कोड होने पर शिक्षकों को अपनी पहचान बताने की जरूरत नहीं पड़ेगी। बैठक के दौरान राजकीय आदर्श उच्च माध्यमिक विद्यालय अमरपुरा व राजकीय आदर्श उच्च माध्यमिक विद्यालय हनुमाननगर से आए आए शिक्षकों का कहना था कि ड्रेस कोड सहित सभी दस सूत्रों के पालना की स्थिति में ही अब विद्यालय मॉडल स्कूलों में बदलेंगे, नहीं तो इसी तरह से सतत नामांकन अभियान चलते रहेंगे। शिक्षकों का कहना था कि उनके अब तक के प्रयासों से उनके विद्यालयों में भामाशाहों की मदद से फर्नीचर, विद्यालय का रंगरोगन, भवन निर्माण, कक्षा-कक्ष निर्माण, प्याऊ एवं अत्याधुनिक शौचालय बने हैं। अब इसके लिए पहले सरकार को प्रस्ताव भेजते, फिर मंजूरी का इंतजार करने में ही काफी समय का अपव्यय हो जाता। बैठक में इस पर भी चर्चा हुई कि निजी शिक्षण संस्थानों में अल्प वेतन पाने वाला शिक्षक ड्रेस कोड में आ सकता है तो फिर सरकारी शिक्षक क्यों नहीं आ सकते। बैठक के दौरान कई शिक्षकोंनए सत्र में ड्रेस कोड सहित दस सूत्रों के पालना अभियान को सफल बनाने की हरसंभव कोशिश करने की सहमति जताई।

शिक्षकों ने जानी वैदिक गणित
शिक्षकों को शिविर में प्रारंभिक शिक्षा के सामान्य विषयों के साथ ही वैदिक गणित की बारीकियां भी समझाई गई। इसमें जोड़, घटाना एवं दशमलव व भिन्न आदि के बारे में समझाया गया। इस दौरान शिक्षकों का दक्ष शिक्षक की ओर से टेस्ट भी लिया गया।
आज होगी ड्रेस कोड पर चर्चा

शहर के कस्तूरबा गांधी आवासीय बालिका विद्यालय में शनिवार को शिक्षकों के प्रशिक्षण शिविर के चौथे चरण का समापन हो जाएगा। शिविर प्रभारी अर्जुनराम चौधरी ने बताया कि इस दौरान शिक्षकों के साथ ड्रेस कोड सहित 10 सूत्रों पर बिंदुवत शिक्षाधिकारी चर्चा करेंगे।

इनका कहना
ड्रेस कोड लागू होने पर शिक्षकों को नई पहचान मिलने के साथ ही शैक्षिक वातावरण भी बनेगा। विद्यालय आने वाले बच्चे भी इससे निश्चित रूप से प्रेरित होंगे।
अर्जुनराम चौधरी, शिविर प्रभारी नागौर