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जोधपुर की लग्जरी कार के साथ वाली गाड़ी नागौर की वारदात में भी थी शामिल

- जिस कार पर आए थे आरोपी, जोधपुर में 23 अगस्त को लग्जरी कार चुराने में भी वही कार आई थी काम में-वारदात करने वाले एक होने की आशंका, पुलिस का निशाना बाड़मेर तक

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पिछले माह जोधपुर एयरपोर्ट थाना इलाके और नागौर के कोतवाली इलाके से गुरुवार को तडक़े हुई लग्जरी कार वारदात करने वाले आरोपी एक ही लग रहे हैं।

वारदात में काम में ली गई इसके साथ वाली कार भी एक सी बताई जा रही है। इनके बाड़मेर के होने की आशंका जताई गई है। फिलहाल पुलिस दोनों वारदात के तरीकों के एक होने पर अपना जाल बिछा रही है।



पत्रिका न्यूज नेटवर्क

नागौर. पिछले माह जोधपुर एयरपोर्ट थाना इलाके और नागौर के कोतवाली इलाके से गुरुवार को तडक़े हुई लग्जरी कार वारदात करने वाले आरोपी एक ही लग रहे हैं। वारदात में काम में ली गई इसके साथ वाली कार भी एक सी बताई जा रही है। इनके बाड़मेर के होने की आशंका जताई गई है। फिलहाल पुलिस दोनों वारदात के तरीकों के एक होने पर अपना जाल बिछा रही है।

सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार जोधपुर में एयरफोर्स के मेन रोड से 23 अगस्त की रात संजय शर्मा की लग्जरी कार चुराई गई थी। इसे चुराने आए लोग जिस गाड़ी में आए थे वही गाड़ी गुरुवार की देर रात नागौर के माही दरवाजा स्थित अब्दुल रहीस की लग्जरी कार चोरी के आरोपी भी लाए थे। आरोपियों की संख्या तीन बताई जा रही है। दोनों ही वारदात में शामिल इस सफेद रंग की कार के एक ही होने से पुलिस ने जांच की दिशा को बाड़मेर की तरफ भी मोड़ दिया। पहले भी कई वाहन चोरी बाड़मेर-जोधपुर से आए शातिरों ने की। इधर माही दरवाजे से चुराई गई लग्जरी कार चुंटिसरा रोड की तरफ जाती देखी गई। गौरतलब है कि अब्दुल रहीस ने देर रात करीब साढ़े तीन बजे माही दरवाजा स्थित उसके घर के आगे लग्जरी कार खड़ी थी। सुबह सात बजे उठकर देखा तो गाड़ी गायब मिली। पुलिस ने इसको लेकर आसपास के सीसीटीवी फुटेज भी खंगाले तो जोधपुर में हुई वारदात से काफी समानता पाई गई।

आकर्षक स्कीम का झांसा देकर चालीस तोला सोना उड़ाया
-आरोपियों ने खुद इस पर ले लिया लोन

नागौर. दूसरों को गहने पर आकर्षक ब्याज दिलाने का झांसा दिया, फिर यही करीब चालीस तोला सोने के जेवरात गिरवीं रखकर लाखों का लोन उठा लिया। अब पीडि़ता को ही धक्के मार दिए। इस संबंध में पीडि़ता ने झांसा देने वाले करीब आधा दर्जन लोगों के खिलाफ धोखाधड़ी का मामला कोतवाली थाने में दर्ज कराया है।

पुलिस के अनुसार कुम्हारी दरवाजा रहने वाली सुमन ने अपनी रिपोर्ट में बताया कि उसके जानने वाली आरती, मनोहर राव, रामूड़ी व अन्य ने उसे कहा कि एक अच्छी स्कीम आई है। इसके तहत बैंक में गहने रखने पर आकर्षक ब्याज मिलेगा। तरह-तरह के लुभावने ऑफर का जिक्र करते हुए उससे सोने की चेन, टॉप्स, मंगलसूत्र, अंगूठी, हार सेट आदि उससे ले लिए। इनका वजन करीब चालीस तोला है। कुछ समय बीतने के बाद उसने ब्याज व अन्य फायदे की बात की तो ये टालते रहे। इधर-उधर से पता किया तो मालूम हुआ कि इन्होंने मणप्पुरम गोल्ड लोन से ये गहने रखकर लोन उठा लिया। अब वे उसे गहने न वापस दे रहे हैं न ही उसे इसे लौटाने का वादा कर रहे हैं। पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच एसआई सुखराम को सौंपी है।

बताया जाता है कि आरोपी सुमन के रिश्तेदार हैं, ये सभी एक ही परिवार के हैं। सुमन को ये लोग एक-दो बार साथ भी ले गए और दो-तीन जनों से मिलवाया। ये लोग खुद को मणप्पुरम गोल्ड फायनेंस का खुद को कर्मचारी बताकर उसे तरह-तरह के लाभ गिनाए। इनके झांसे में आकर उसने यह गहने इन्हें सौंप दिए।

गौरतलब है कि पहले एक मामला भी कम अजीबोगरीब नहीं था। गोल्ड लोन के बहाने जेवर में जड़े मोती आदि का वजन तोलकर ग्राहकों को लोन दिया गया। चोरी पकड़ी गई तो करीब आधा दर्जन कर्मचारियों पर मामला कोतवाली थाने में दर्ज किया गया। ऑडिट में करोड़ों की रिकवरी व सोने के वजन की कमी पाई गई थी। इस मामले की जांच कोतवाली थाना के हेड कांस्टेबल बलदेवराम कर रहे हैं।