
CG Private Exam: एग्जाम देने से पहले कराना होगा रजिस्ट्रेशन(photo-patrika)
नागौर. विदेश में पढऩे का सपना देखने वाले विद्यार्थियों के लिए राज्य सरकार महत्वपूर्ण योजना संचालित कर रही है, लेकिन जानकारी के अभाव में ज्यादातर विद्यार्थी इस योजना में आवेदन नहीं कर पाते हैं और अपना सपना पूरा नहीं कर पाते हैं। जो विद्यार्थी विदेश में स्नातक, स्नातकोत्तर, पीएचडी और पोस्ट-डॉक्टरल शोध कार्यक्रमों को आगे बढ़ाने की योजना बना रहे हैं, उनके लिए राज्य सरकार की यह योजना काफी महत्वपूर्ण है। हालांकि पहले इस योजना को अशोक गहलोत सरकार ने शैक्षणिक उत्कृष्टता के लिए राजीव गांधी छात्रवृत्ति के नाम से चालू किया था, लेकिन अब भाजपा की भजनलाल सरकार ने नाम बदलकर स्वामी विवेकानन्दस्कालरशिप फॉर एकेडमिक एक्सीलेंस योजना करते हुए कुछ बदलाव भी किए हैं। इस योजना को लेकर मिर्धा कॉलेज के असिस्टेंट प्रोफेसर डॉ. प्रेमसिंह बुगासरा से पत्रिका ने विशेष बात की। पेश है बातचीत के प्रमुख अंश -
प्रश्न: स्वामी विवेकानंद स्कॉलरशिप फोर अकादमिक एक्सीलेंस योजना क्या है?
जवाब : योजना का उद्देश्य राजस्थान के निवासियों को किसी भी विषय/पाठ्यक्रम में शीर्ष रैंक वाले विश्वविद्यालय/संस्थान में उच्च अध्ययन करने के लिए छात्रवृत्ति प्रदान करना है। इसमें नवीनतम क्यूएसवल्र्ड रैंकिंग के अनुसार वैश्विक स्तर पर शीर्ष 150 विश्वविद्यालय और भारत के शीर्ष 50 संस्थान शामिल हैं। चयनित छात्रों को बेंच फीस (यदि लागू हो) सहित पूरी ट्यूशन फीस और रहने के खर्च के लिए छात्रवृत्ति मिलेगी।
प्रश्न : इस योजना का लाभ उठाने के लिए आवेदन कहां करना होगा?
जवाब : उच्च एवं तकनीकी शिक्षा विभाग ने स्वामी विवेकानंद स्कॉलरशिप फोर अकादमिक एक्सीलेंस योजना के तहत ऑनलाइन आवेदन आमंत्रित किए हैं। इसके लिए https://hte.rajasthan.gov.in/online-scholarship पोर्टल पर आवेदन किए जा सकते हैं।
प्रश्न : कौन-कौनसे कोर्स के लिए आवेदन कर सकते हैं?
जवाब : इस योजना में राजस्थान के मेधावी विद्यार्थियों को देश-विदेश के विभिन्न प्रतिष्ठित विश्वविद्यालयों और संस्थानों में अध्ययन के लिए स्नातक, स्नातकोत्तर, पीएचडी और पोस्ट डॉक्टरल कोर्सेज के लिए चयनित किया जाता है।
प्रश्न : आवेदन के लिए क्या योग्यता होनी चाहिए?
जवाब : जिन छात्र-छात्राओं ने अर्हता परीक्षा में न्यूनतम 60 प्रतिशत अंक प्राप्त किए हैं, वे इस छात्रवृति के लिए आवेदन कर सकते हैं।
प्रश्न : विदेशी संस्थानों में पढ़ाई के लिए कितने सीटें हैं?
जवाब : भाजपा सरकार ने योजना का नाम बदलने के साथ सीटों की स्थिति भी बदली है। इस योजना में 500 सीटें होंगी, लेकिन विदेशी संस्थानों में पढ़ाई के लिए 300 सीटें ही रहेंगी। शेष 200 के लिए देश के ही शैक्षणिक संस्थानों में पढ़ाई करवाई जाएगी।
प्रश्न : क्या चयन होने के बाद छात्रों को पूरी ट्यूशन की छात्रवृत्ति मिलेगी?
जवाब : इस योजना के तहत तीन कैटेगरी बनाई गई है। ई-1 कैटेगरी के छात्रों को ट्यूशन फीस 50 लाख रुपए और लिविंग एक्सपेंसेज दिया जाएगा। इसके अलावा ई-2 कैटेगरी को 85 फीसदी और ई-3 कैटेगरी के छात्रों को 70 फीसदी ही ट्यूशन फीस सरकार देगी। इसके अलावा शेष फीस छात्रों को खुद देनी होगी।
प्रशन : कैटेगरी का निर्धारण कैसे होगा?
जवाब : आठ लाख रुपए तक आय वर्ग वालों को ई-1 कैटेगरी में रखा गया है। इसी प्रकार 8 से 25 लाख रुपए तक आय वर्ग वालों को ई-2 में तथा 25 लाख रुपए से अधिक आय वर्ग वाले छात्रों को ई-3 कैटेगरी में रख गया है।
Published on:
18 Sept 2024 09:18 pm
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