
मौसम का मिजाज धीरे-धीरे बदलने लगा है। सुबह और देर शाम के समय हवा में हल्की ठंडक महसूस की जा रही है, वहीं दोपहर में अभी भी गर्मी अपना असर दिखा रही है। दिन और रात के तापमान में बढ़ते अंतर ने मौसम में बदलाव के संकेत दे दिए हैं। नागौर के ग्रामीण इलाकों में लोग अब हल्के ऊनी कपड़े निकालने लगे है। जबकि खेतों में काम करने वाले किसान दिन के समय धूप से बचाव के लिए सिर पर कपड़ा रख रहे हैं।
मौसम विभाग के अनुसार अगले कुछ दिनों में रात का तापमान और गिर सकता है। पश्चिमी विक्षोभ के असर से हवा का रुख उत्तर-पश्चिमी हो गया है, जिससे सुबह-शाम की ठंडक और बढऩे की संभावना है। हालांकि दिन के समय तेज धूप के कारण गर्मी अभी बनी रहेगी। विशेषज्ञों का मानना है कि अक्टूबर के पहले पखवाड़े के बाद ठंड का असर और तेज होगा। मौसम बदलने के साथ लोगों की दिनचर्या में भी अब परिवर्तन आ रहा है।
पिछले चार-पांच दिनों से दिन का पारा लगभग स्थिर है। लेकिन रात के तापमान में करीब 6 डिग्री तक गिरावट दर्ज की गई है। इसके चलते गुलाबी सर्दी का असर महसूस किया जा रहा है। गत 6 अक्टूबर को न्यूनतम तापमान 23.3 डिग्री दर्ज हुआ जो 9 अक्टूबर को 17.8 डिग्री पर आ गया। करीब 6 डिग्री से अधिक की कमी रेकार्ड की गई।
पश्चिमी विक्षोभ का असर : अक्टूबर के महीने में पश्चिमी विक्षोभ सक्रिय हो जाता है, जो भूमध्य सागर की ओर से ठंडी हवा लाता है। ये हवा राजस्थान और उत्तर भारत के मौसम को तेजी से बदल देती है।
दिन और रात के तापमान में अंतर : अब दिन छोटे और रातें लंबी होने लगी हैं। दिन में धूप तेज रहती है लेकिन रात्रि में जमीन की ऊष्मा तेजी से निकल जाती है, जिससे ठंडक महसूस होती है।
जलवायु परिवर्तन का असर : ग्लोबल वार्मिंग के कारण मौसम चक्र का संतुलन बिगड़ रहा है। मानसून की देरी, असामान्य तापमान वृद्धि और अचानक ठंड पडऩा इसी का परिणाम हैं।
स्थानीय हवा की दिशा में बदलाव : दक्षिण-पश्चिमी हवा की जगह अब अक्टूबर महीने में उत्तर-पश्चिमी ठंडी हवा चलने लगी हैं, जो मौसम को तेजी से सर्द कर रही हैं।
Updated on:
10 Oct 2025, 12:51 PM IST
Published on:
10 Oct 2025, 12:51 PM IST
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