नागौर में पूर्व मुख्यमंत्री वसुंधरा राजे के दौरे को लेकर सांसद और रालोपा सुप्रिमो हनुमान बेनीवाल ने कड़ी प्रतिक्रिया दी है। उन्होंने राजे के छाती पर पैर रखकर आने के बयान पर कहा कि रोकने की नहीं सोची थी। ऐसा हमने कहा भी नहीं था कि वसुंधरा को नागौर में आने से रोकेंगे।
यदि कहा होता तो फिर चाहे कुछ भी हो नागौर में नहीं घुसने देते। बेनीवाल ने अपने बयानों में कहा कि वर्ष 2012-13 में कहकर विरोध किया था। मूंडवा में भाषण भी नहीं देने दिया था। वसुंधरा में हिम्मत हो तो ईशारों की जगह हमें ललकारे। बेनीवाल ने पूर्व मुख्यमंत्री राजे के नागौर दौरे को फ्लॉप शो बताया है। उन्होंने कहा कि यहां की जनता ने वसुंधरा को नकार दिया है, चुनाव पास आए तो यहां दिखीं पर लोगों ने उनको कोई तवज्जो नहीं दी है।
बेनीवाल ने कहा कि गहलोत की रही हो या फिर वसुंधरा सरकार, आमजन को कोई फायदा नहीं पहुंचा पाई। जमकर भ्रष्टाचार हुआ, अब ना भाजपा अपने कुनबे को संभाल पा रही है ना ही कांग्रेस। मुख्यमंत्री गहलोत के राहत कैम्प से जनता को कोई राहत नहीं मिल रही। गहलोत सरकार के खिलाफ बिगुल बजाने वाले सचिन पायलट का भी कोई स्टेण्ड समझ में नहीं आ रहा। रोजाना भले ही बयान बदल रहे हों पर यह साफ कर दिया कि वो कांग्रेस नहीं छोड़ पाएंगे।
कांग्रेस सरकार को बचाने की वसुंधरा पर गहलोत की टिप्पणी यह बताने के लिए काफी है कि दोनों मिलाजुला खेल कर रहे हैं। वसुंधरा को नागौर दौरे के दौरान डर इतना था कि जिलेभर के हिस्ट्रीशीटर को अपने इर्दगिर्द कर रखा था। यह भी सही है कि वे इस यात्रा में रुकावट नहीं डालना चाहते थे, वे चुनौती देते हैं कि वसुंधरा चैलेंज करे तो विरोध भी दिखा देंगे। वसुंधरा किसकी छाती पर पैर रखने की धमकी देती है, जनता उसे सबक सिखाएगी।