
Mali Saini society
नागौर. आजादी के 70 साल बाद भी माली सैनी समाज को नागौर जिले की दस में से किसी भी विधानसभा में किसी भी राजनीतिक दल द्वारा प्रतिनिधित्व न दिए जाने पर समाज के लोगों ने कहा कि अब समाज उपेक्षा सहन नहीं करेगा। वक्ताओं ने सभी राजनीतिक दलों को चेतावनी दी कि यदि उनकी इसी प्रकार से उपेक्षा की जाती रही तो उनके पास सब प्रकार से विकल्प खुले हैं।
शहर के डीडवाना रोड स्थित सैनिक क्षत्रिय माली संस्थान में आयोजित माली सैनी समाज के जिला राजनीतिक सम्मेलन में जिले भर से आए लोगों ने राजनीतिक जागृति की बात कही। वक्ताओं ने कहा कि सभी राजनीतिक दलों द्वारा वोट लेते समय तो उनकी मनुहार की जाती है, लेकिन बाद में 5 साल तक उनकी उपेक्षा की जाती है। इतना ही नहीं डिजायर के समय भी माली सैनी समाज के कर्मचारियों के साथ उपेक्षापूर्ण व्यवहार किया जाता है।
इन्होंने किया संबोधित
नागौर तहसील, खींवसर, कुचेरा, लाडनूं, डीडवाना, जायल, मकराना, डेगाना, मेड़ता, परबतसर, कुचामन आदि क्षेत्रों से आए माली समाज के प्रमुख लोगों ने इस अवसर पर अपने-अपने विचार व्यक्त कर एक ओर शिक्षा की आवश्यकता पर बल दिया, वहीं राजनीतिक रूप से जागृत होने की बात भी प्रमुखता से रखी गई। इस अवसर पर नागौर नगर परिषद के सभापति कृपाराम सोलंकी, परबतसर पालिका के उपाध्यक्ष लोकेश सैनी, डीडवाना के पूर्व पालिकाध्यक्ष रामाकिशन पंवार, मेड़ता के रमजीराम गहलोत, महिला कांग्रेस की जिलाध्यक्ष गीता सोलंकी, सैनिक क्षत्रिय माली समाज के अध्यक्ष रामस्वरूप पंवार, पार्षद ओमप्रकाश सांखला, पूर्व पार्षद रामनिवास सांखला, कृपाराम गहलोत, पूर्व प्रधान आईदानराम भाटी सहित अनेक समाज पदाधिकारियों व जनप्रतिनिधियों ने अपने विचार व्यक्त किए।
ये रहे उपस्थित
कार्यक्रम में ताऊसर सरपंच आसाराम भाटी, चेनार सरपंच खींवसिंह सोलंकी, अमरपुरा धाम के महासचिव राधाकिशन तंवर, कोषाध्यक्ष कमल भाटी, हीरालाल भाटी, धर्मेंद्र सोलंकी, माली संस्थान के सचिव रामकुमार सोलंकी, डॉ. शंकरलाल परिहार, सुखराम सोलंकी, रामसिंह सोलंकी, बाबूलाल तंवर, जगदीश सांखला, धर्मेंद्र सोलंकी सहित अनेक समाज बंधु मौजूद थे।
Published on:
22 Oct 2018 11:47 am

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